जापान का भूगोल (Geography of Japan) Part 6

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ऋत्विक विशेषताएँ

जापान में वर्ष में छह प्रकार की ऋतुओं का अनुभव किया जाता हैं-

  • शीत ऋतु- जापान में नवंबर से फरवरी तक शीत ऋतु होती है। इस ऋतु में ध्रुवीय महादव्ीपीय ठंडी वायु प्रबल होती है जो साइबेरियन ’उच्च’ वायुदाब क्षेत्र से अल्युगियन निम्न वायुदाब की तरफ प्रवाहित होती है। यद्यपि अधिकांश जापान में शीतऋतु में कम वर्षा होती है, तथापि जापान सागरीय तटीय क्षेत्रों में अधिकांश वर्षा शीत ऋतु, में ही होती है’। होकैडो, उत्तरी होन्शू और पश्चिमी जापान में सर्वत्र हिमपात होता है। औसत तापमान 20 से. रहता है। 00 से. की समताप रेखा जापान के मध्य भाग से होकर गुजरती है।

  • पूर्व वसंन्त ऋतु- फरवरी में मौसम परिवर्तित होने लगता है और दक्षिण से उष्ण हवाएँ चलने लगती हैं। मार्च में मौसम कभी गर्म और कभी ठंडा हो जाता है। इस अवधि का मौसम बड़ा अनिश्चित होता है।

  • बसंतोत्तर ऋतु- यह ऋतु अप्रैल से मध्य जून तक रहती है। अप्रैल में मौसम की अनिश्चितता और बढ़ जाती है। इस अवधि में उच्च वायुदाब के कारण प्रतिचक्रवातीय दशाएँ उत्पन्न हो जाती है। अत: आकाश दिन के समय स्वच्छ और शांत रहता है, परन्तु रात्रि में मध्य होन्शू की आंतरिक बेसिनों और टोहोकू में तुषारापात के कारण चाय के पौधों तथा शहतूत के झाड़ियों की अत्यधिक हानि होती है।

  • बाई-यू काल- इस मौसम का समय मध्य जून से मध्य जुलाई तक होता है। इस अवधि में जापान के दक्षिण-पूर्व में हवाइजन उच्च वायुदाब का क्षेत्र प्रबल हो जाता है, जहाँ से उत्तरी-पूर्वी उष्ण कटिबंधीय समुद्री वायुराशि (टीएम) प्रवाहित होती है, जो ओखोटस्क की ध्रुवीय समुद्री (पीएम) वायु राशि से मिलकर वातागु का निर्माण करती है जिससे मध्य जून से जुलाई तक वर्षा होती है। उस वर्षा से बेर नामक (प्लम) फलों में अप्रत्याशित वृद्धि होती है, इसलिए इसे बाड-यू या बेर वर्षा कहते हैं।

  • ग्रीष्म ऋतु- मध्य जुलाई से अगस्त तक ग्रीष्म काल होता है। ग्रीष्म ऋतु में एशिया का मध्य भाग निम्न भार का क्षेत्र बन जाता है, जिसके फलस्वरूप प्रशांत महासागरीय उच्च भार केन्द्र से दक्षिणी-पूर्वी मानसूनी हवाएँ एशिया के स्थल खंड की ओर चलने लगती हैं। इससे समस्त जापान में वर्षा होती है। ग्रीष्मकाल जापान में सर्वाधिक वर्षा का मौसम है। औसत वर्षा 200 से.मी. तक होती है। इस ऋतु में होकैड़ो में औसत तापमान 160 से. मिलता है। होन्यू तथा क्यूशू में औसत तापमान 270 से. मिलता है।

  • पतझड़ ऋतु- सितंबर -अक्टूबर में शरद अथवा पतझड़ का अनुभव किया जाता है। यह ऋतु बार्ड-यू अथवा बेर-वर्षा तुल्य होती है। अक्टबूर में जापान में साइबेरियायी प्रति चक्रवातों का प्रभुत्व हो जाता है, फलत: वर्षा बंद हो जाती हैं।