पश्चिमी यूरोप का भूगोल (Geography of Western Europe) Part 13

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खनिज एवं शक्ति संसाधन-

यूरोप खनिज संसाधन में धनी महादेश माना जाता है। विश्व का एक-तिहाई खनिज इसी महादेश से प्राप्त हाेाता है। यह महादेश, कोयला, लोहा, बॉक्साइड, जस्ता, सीसा, पोटाश, गंधक आदि खनिजों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है, पर कुछ खनिज-टिन, अबरख, हीरा, सोना आदि नहीं मिलते।

लौह अयस्क-विश्व में सर्वाधिक लौह- अयस्क उत्पादक महादेश यूरोप ही है। इसकी प्रसिद्ध खानें फ्रांस (फ्रांस लक्स, बेल्जि), उत्तरी स्वीडन नार्वे, उत्तरी स्पेन और यू. के. में है।

प्रथम विश्व युद्ध पूर्व लोहे के उत्पादन में जर्मनी प्रथम स्थान पर था, किन्तु लक्जेमबर्ग, लॉरेन, उच्च साइलेशिया आदि क्षेत्र उससे पृथक हो गए। आज यहाँ सीजरलैंड घाटी, माइलेशिया और बेसर घाटी में साधारण कोटि का लोहा मिलता है। इन तीनों स्थानों से जितना लोहा निकाला जाता है उतना अकेला फ्रांस के लोरेन क्षेत्र से प्राप्त होता है। यह भी साधारण कोटि का है।

Profile of Lorraine Field

Profile of Lorraine Field

Profile of Lorraine Field

लॉरेन क्षेत्र का कुछ भाग लक्जेमबर्ग और बेल्जियम में विस्तृत है। बेल्जियम में कुछ लोहा कैम्पाइन क्षेत्र और साम्ब्रे-म्यूज के दक्षिण में मिलता है। यू.के. में इसकी मुख्य खाने नार्थम्पटन में है। किन्तु यहाँ भी निम्न कोटि का लोहा मिलता है।

  • नार्वे तथा स्वीडन में उच्च कोटि का (मैग्नेटाइट) लोहा प्राप्त है। नार्वें के कर्कनेस और स्वीडन के किरुनावाटा तथा गेलीवारा में चुम्बकीय लोहा निकाला जाता है।

  • स्पेन के बिल्बाओं क्षेत्र में और सिब्राल्टर में भी उच्च कोटि का लोहा (हेमेटाइट) मिलता है।

  • मैग्नेशियम और मॉलिब्डेनम का उत्पादक नार्वे है।

  • फिनलैंड और फ्रांस में बेनेडियम का उत्पादन होता है।

  • फिनलैंड में निकेल का भी उत्पादन होता हैं।

  • पोटाश- आज विश्व का दो-तिहाई पोटाश यूरोप के दो देश जर्मनी और फ्रांस करते हैं। प्रधान उत्पादक जर्मनी ही है। वहाँ हार्ज के पर्वतीय भाग में यह मिलता है।

  • पांइराइट या गंध- इसके प्रुमुख उत्पादक स्पेन, फ्रांस, पुर्तगाल, इटली, फिनलैंड, जर्मनी, पोलैंड, नार्वे आदि है। यूरोप विश्व उत्पादन का एक चौथाई गंधक प्रदान करता है।

  • बॉक्साइड-पश्चिमी यूरोप में यह फ्रांस, जर्मनी और इटली में मिलता है

  • जस्ता-यह मुख्यत: जर्मनी, इटली, स्वीडन, फिनलैंड आदि देशों में होता हैं।

  • सीसा और चाँदी प्राय: जस्ता के साथ ही मिलते है। यहाँ चाँदी मुख्यत: जर्मनी में मिलता है।

  • ग्रेफाइट-आस्ट्रिया इसके उत्पादन के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यहाँ उच्च कोटि का ग्रेफाइट मिलता हैं।

  • कोयला- जर्मनी, फ्रांस, यू.के. और स्पेन-पुर्तगाल में सर्वोच्च कोटि का कोयला मिलता है। विश्व उत्पादन का लगभग आधा लिग्नाइट कोयला जर्मनी से प्राप्त होता है।

  • जर्मनी-यहां रुर, सार और बवेरिया प्रमुख कोयला क्षेत्र है। यहां रुर क्षेत्र से देश का तीन-चौथाई कोयला निकलता है। पूर्वी जर्मनी में सैक्सोनी क्षेत्र में लिग्नाइट कोयले का उत्पादन होता है।

पोलैंड में साइलेशिया से देश का 75 प्रतिशत कोयला निकाला जाता है।

  • यू.के.- यहां लंदन को छोड़कर सभी औद्योगिक नगर कोयला क्षेत्रों में ही बसे हैं। सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र है यार्कशायर-डर्बीशायर नौटिंघम शायर और उत्तर में स्कॉटलैंड क्षेत्र।

  • फ्रांस बेल्जियम-उत्तरी फ्रांस- बेल्जियम क्षेत्र में उच्च कोटि का ऐन्थ्रासाइट और बिटुमिनस कोयला प्राप्त हैं पर भूगर्भिक कठिनाइयों (intense (तीव्र) folding (तह) and (और) presence (उपस्थिति) of (का) gad) (घूमना-फिरना) के कारण उत्पादन घट गया है। कैम्पाइन क्षेत्र (बेल्जियम) तथा इससे सटे नीदरलैंड के लिम्बर्ग तथा पील क्षेत्र महत्वपूर्ण हैं।