पश्चिमी यूरोप का भूगोल (Geography of Western Europe) Part 14

Download PDF of This Page (Size: 225K)

उद्योग-

पश्चिमी यूरोप में छ: प्रमुख औद्योगिक प्रदेशों का विकास हुआ हैं-

पश्चिमी त्रिभुजाकार क्षेत्र- यह सही अर्थों में राइन नदी तथा रुर नदी की निम्न घाटी प्रदेश हैं। इसके अंतर्गत संपूर्ण नीदरलैंड, उत्तरी फ्रांस और पश्चिमी जर्मनी का भाग आता है। इसके तीनों कोणों पर डार्टमुन्ड (ज.), एम्सटर्डम तथा लिली है।

map of western triangular area

Western Triangular Area

map of western triangular area

ईशन जर्मनी का सबसे बड़ा लोहा इस्पात केन्द्र है। डार्टमुंड में भी लोहा इस्पात उद्योग विकसित है। नीदरलैंड में एम्सटर्डन तथा राटरडम प्रमुख लौहा इस्पात (इंजीनियरिंग) के केन्द्र है। राटरडम दोनों जहाजरानी उद्योग भी विकसित है। बेल्जियम में ब्रुसेल्स तथा एन्टवर्ष हीरा कटाई उद्योग के लिए विश्व प्रसिद्ध है। उत्तरी फ्रांस में लिली कोयला आधारित रासायनिक उद्योगों का बड़ा केन्द्र है।

  • पेरिस बेसिन - पेरिस शराब उद्योग का बड़ा केन्द्र है। यहाँ इस उद्योग, सजावट के समान, रेडिमेड (बना बनाया) कपड़ा, पर्यटन उद्योग तथा सौन्दर्य प्रसांधन इत्यादि के लिए प्रसिद्ध है।

  • पो बेसिन- यहाँ मुख्यत: वस्त्र उद्योग, ओटोमोबाइल (स्वचालित), कोयला आधारित रासायनिक उद्योग हैं। मिलान प्रमुख केन्द्र है। यहाँ सूती वस्त्र, सिल्क (रेशम) उद्योग तथा लोहा इस्पात उद्योग विकसित है। तुटीन में भी सूती वस्त्र उद्योग विकसित है।

  • दक्षिणी स्कैडिनेविया प्रदेश- इसमें स्टॉकटॉम, ओस्लो और गोरेबर्ग प्रमुख केन्द्र हैं। सभी जगह कागज उद्योग विकसित है। स्टॉकहोम, माल्मों (स्वीडन), कॉपेनहेगेन, बजैन (नार्वें) में जहाजरानी उद्योग विकसित है। स्टॉकहॉम स्वीडेन का सबसे बड़ा लोहा इस्पात केन्द्र है। ओस्लों दुग्ध उत्पादक केन्द्र है। टेम्पेयर (फिनलैंड) में सूतीवस्त्र उद्योग है।

  • उपरी राइन घ्ााटी/दक्षिणी क्षेत्र- यह स्विटजरलैंड और द. जर्मनी का क्षेत्र है, जो राइन मेन के संगम से लेकर राइन नेकर के संगम तक फैला हुआ है। Frankfurt, mainz, Mannheim और Stuttgart में लोहा इस्पात उद्योग विकसित है। स्टटगार्ड में सूती वस्त्र उद्योग भी विकसित है। स्विटजरलैंड में सेन्ट गेलन में सूती वस्त्र उद्योग है। फ्रैंकफर्ट में इलेक्ट्रानिक्स (विद्युत) उद्योग तथा वायुयान उद्योग विकसित है।

  • लॉरेन सार प्रदेश- इस क्षेत्र में लक्जेमबर्ग सिटी तथा सार बुकेन लोहा इस्पात उद्योग के प्रमुख केन्द्र है। नैन्सी तथा मेज में भी लोहा इस्पात उद्योग विकसित हे। नैन्सी सूती वस्त्र उद्योग का भी प्रमुख केन्द्र है।

  • फ्रांस के मध्यवर्ती पठार पर सेंट इटिएन और लियांस में भी लोहा इस्पात उद्योग के केन्द्र हैं।

  • स्पेन के बिलबाओ, इटली में जेनोआ, ट्रीस्टी में लोहा इस्पात उद्योग के केन्द्र है।

  • पश्चिमी जर्मनी में डसलडर्फ और पूर्वी जर्मनी में लिपजिग कृषि यंत्र उद्योग के लिए विकसित है।

  • जर्मनी में हैम्बर्ग, ल्यूबेक और बेमरहैवेन मेें जलयान निर्माण उद्योग विकसित है। फ्रांस में लिये हवर, बोर्डयूक्स, इटली में ट्रिस्टी, जेनोआ और नैपल्स में भी यह उद्योग विकसित है।

  • फ्रांस में Nancy, Belfort, le havre, liue प्रमुख सूती वस्त्र उद्योग के प्रमुख केन्द्र है।

यू. के. में पाँच औद्योगिक प्रदेशों का विकास हुआ है-

  • लंदन बेसिन- यह डायमंड (हीरा) कटिंग (काटने) के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ माँग आधारित उद्योगों का विकास हुआ है।

  • मिडलैंड बेसिन- यहाँ बर्मिघम सबसे बड़ा केन्द्र है। यह लोहा इस्पात इंजीनियरिंग तथा उनी वस्त्र के लिए प्रसिद्ध है। डर्बी भी एक केन्द्र है। शेफील्ड में भी लोहा इस्पात उद्योग विकसित है।

  • दक्षिणी वल्स- यहाँ कार्डिफ सबसे बड़ा केन्द्र है। यह लोहा इस्पात तथा पोत निर्माण उद्योग का केन्द्र है। यह मछली पकडने तथा जलयान निर्माण के लिए भी प्रसिद्ध हैं।

  • लंकाशांंयर क्षेत्र- हमें ’गेव यार्ड ऑफ कॉटन टेक्सटाइल’ (सूती कपड़ा का कब्रिस्तान) कहते है। लेकिन वर्तमान समय में ऊनी वस्त्र उद्योग का बहुत विकास हुआ है। मैनचेस्टर, लिवरपुल, उरहम, बोस्टन प्रमुख औद्योगिक केन्द्र है। लिवरपुल लोहा इस्पात उद्योग के लिए प्रसिद्ध है।

  • स्कॉटलैंड घाटी- यह रासायनिक और औषधि उद्योग के लिए प्रसिद्ध है। glassgo सबसे बड़ा केन्द्र है। दूसरा बड़ा केन्द्र डुंडी है, जो उसी वस्त्र उद्योग के लिए प्रसिद्ध है। ग्लासगो में पोत निर्माण और लोहा इस्पात उद्योग है।

  • न्यू कैसल, डिलबर्ग, टेलबोट, न्यू पोर्ट, बैरो में लोहा इस्पात के केन्द्र हैं।

  • न्यू कैसल, बर्केन, हेड, बैरो, बेलफास्ट में पोत निर्माण उद्योग विकसित है।

  • ल्दांन, बर्मिघम, साउथम्पटन, डर्बी, बिस्टन और बेलफास्ट में वायुयान निर्माण उद्योग के केन्द्र हैं।

जनसंख्या

neo (नवीन) population (जनसंख्या) bomb (बम गिराना) इस क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या है। दूसरी समस्या है कि यहाँ वर्किंग पोपुलेशन (काम करने वाली जनसंख्या) घट रहा है। पश्चिमी यूरोप में परिवारिक संस्थाओं का पतन हुआ है। प्राय: देशों में घनत्व 120 पर किमी.2 से अधिक है अत: जनसंख्या दबाव का क्षेत्र है। यद्यपि कुछ देशों में औसत घनत्व कम है लेकिन उनके अनुकूल क्षेत्रों के सघन जनसंख्या पायी जाती है जैसे-नार्वें, स्वीडन। नार्वे का दक्षिणी भाग और पश्चिमी तटीय प्रदेश दोनों गर्म जलधारा के क्षेत्र में हैं। फिर भी पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में जनसंख्या कम हैं जिसका कारण मैदानी क्षेत्रों का अभाव हैं।