पश्चिमी यूरोप का भूगोल (Geography of Western Europe) Part 9

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जलवायु प्रदेश:- प. यूरोप को हम निम्नांकित-प्रमुख जलवायु विभागों या प्रदेशों में बाँटते हैं-

  • आर्कटिक प्रदेश- उत्तरी भाग में आइसलैंड, उत्तरी फिनलैंड इस प्रदेश के अंतर्गत आते हैं। यहां सालोभर ठंडक पड़ती है। इस प्रदेश में छ: महीने तक सूर्य दिखाई नहीं पड़ता। ग्रीष्म ऋतु का अधिकतम तापमान 120 से. अधिक नहीं जाता।

  • अघो आर्कटिक जलवायु प्रदेश- यह आर्कटिक जलवायु प्रदेश के ठीक दक्षिण में है। यहां भी सालोंभर ठंडक पड़ती है, किन्तु ग्रीष्मकाल अपेक्षाकृत बड़ा होता हैं। जुन-जुलाई में यहाँ तापमान 180 से. तक मिलता है। ध्रुवीय महादव्ीपीय वायुराशि का उद्गम क्षेत्र यही है।

  • शीतोष्ण समुद्री या पश्चिमी यूरोपीय जलवायु प्रदेश- इसके अंतर्गत ब्रिटिश दव्ीपपुंज, पश्चिमी फ्रांस, उत्तरी स्पेन, बेल्जियम नीदरलैंड, डेनमार्क, पश्चिमी जर्मनी और दक्षिणी स्कैंडिनेविया सम्मिलति है। जाड़े (जनवरी) का औसत तापमान 5’-8’ से. तथा गर्मी का औसत तापमान 150-180 से. होता है। वर्षभर पछुवा पवनों से वर्षा होती है। वर्षा 100 से.मी से 200 से.मी. रहती हैं।

  • भूमध्यसागरीय प्रदेश:- दक्षिणी यूरोप में समुद्र के किनारे के भू-भाग भूमध्यसागरीय जलवायु के अंतर्गत आते हैं। यहां जाड़े में वर्षा होती है। ग्रीष्म काल में तापमान 20’-27’ सेन्टीग्रेड रहता हैं और शीतकाल में 4’-10’ से. तक होता है। भूमध्यसागरीय प्रदेश में कई स्थानीय हवाएँ भी चला करती है, जैसे -मिस्ट्रल, फोन, बोरा, सिरक्को और लिवेशी।

bhu-madhya sagariya pradesh ki sthaniya hawaein

Bhu-Madhyasagariya Pradesh

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पर्वतीय प्रदेश- इसके अंतर्गत आल्टस तथा नार्वे के पर्वतीय भाग सम्मिलत है। यहाँ ऊँचाई के अनुसार जलवायु में भिन्नता आ जाती हैं।