Hind Grammar: Idioms, the Verb, Synonyms Most Important

Glide to success with Doorsteptutor material for UGC : Get detailed illustrated notes covering entire syllabus: point-by-point for high retention.

Download PDF of This Page (Size: 185K)

मुहावरे (idioms)

Types of Idioms
Types of Idioms

1.

मन मारना

इच्छा को दबाना

2.

आप में ना रहना

अपने पर काबू ना रहना

3.

नीचा दिखाना

अपमानित करना

4.

अंतिम सांस लेना

मृत्यु के निकट होना

5.

कान पकना

सुन सुन कर दुखी होना

6.

खाली हाथ लौटना

असफल होना

7.

पीठ थपथपाना

शाबाशी देना

8.

नौ-दो ग्यारह होना

चुपके से भाग जाना

9.

घडी समीप होना

मृत्यु का समय नज़दीक होना

10.

बाल बांका ना होना

कुछ भी नुकसान ना होना

11.

गांठ पड़ जाना

संबंधों में कड़वाहट आ जाना

12.

कलेजा फैट जाना

बहुत दुखी होना

13.

भाग्य का मारा होना

बुरी किस्मतवाला होना

14.

मुँह ताकना

आशापूर्वक किसी की और देखना

15.

अपने सिर लेना

ज़िम्मेदारी अपने ऊपर लेना

16.

खुशी से झूमना

प्रसन्न होना

17.

लोहा मानना

श्रेष्ठता स्वीकार करना

18.

लोट-पॉट होना

बहुत अधिक हंसना

19.

दंग रह जाना

आश्चर्यचकित होना

20.

नज़रों से गिरना

इज्ज़त (मान) काम होना

21.

चोटी में गिना जाना

सर्वश्रेष्ठ माना जाना

22.

चार चाँद लगना

सुन्दर बना देना, रौनक बढ़ाना

23.

गले का हार बनना

बहुत प्यार होना

क्रिया (The verb)

  • जिस शब्द से किसी कार्य का होना या करना समझा जाय, उसे क्रिया कहते है। जैसे खाना-पीना, गाना, रहना, जाना आदि। क्रिया को करने वाला ’कर्ता’ कहलाता है।

  • अली पुस्तक पढ़ रहा है। बाहर बारिश हो रही है। बाजार में बम फटा। बच्चा पलंग से गिर गया।

  • अर्ली कर्ता हैं और उनके दव्ारा जो कार्य किया जा रहा है या किया गया, वह क्रिया है; जैसे-पढ़ रहा है।

    • उदाहरण-बोलना, पढ़ना, घूमना, लिखना, गाना हँसना, देखना इत्यादि।

काल-काल क्रिया के उस रूपान्तरण को कहते हैं जिससे कार्य-व्यापार का समय और उसके पूर्ण या अपूर्ण अवस्था का बोध हो।

काल के भेद- क्रिया कि मुख्यत: तीन काल हैं:-

  • वर्तमान काल- क्रिया के जिस रूप से यह पता चले की काम अभी हो रहा है, उसे वर्तमान काल कहते हैं। जिन वाक्यों के अंत में ता, ती, ते, है, हैं आते हैं, तो वर्तमान काल कहलाता है। क्रियाओं के होने की निरन्तरता को वर्तमान काल कहते हैं। जैसे-राम अभी अभी आया है। वर्षा हो रही है। मोहन पढ़ रहा है। पुजारी पूजा कर रहा है।

  • भूतकाल- क्रिया के जिस रूप से बीते हुए समय का बोध हो या वाक्य में प्रयुक्त क्रिया के जिस रूप से बीते समय में (भूत) क्रिया का होना पाया जाता है। उसे हम भूतकाल कहते है। इसकी पहचान वाक्यों के अंत में था, थे, थी आदि से होती है। उदाहरण-रमेश पटना गया था, पहले मैं लखनऊ में पढ़ता था, राम ने रावण का वध किया था।

  • भविष्य काल- क्रिया के जिस रूप से क्रिया के आने वाले समय में पूरा होने का पता चले उसे भविष्य काल कहते हैं। जिन वाक्यों के अंत में गा, गे, गी आदि आते हैं वे भविष्य जैसे- मैं कल विद्यालय जाऊँगा, खाना कुछ देर में बन जाएगा, राजू देर तक पढ़ेगा।

अनेकार्थ/पर्यायवाची/समानार्थक शब्द (Synonyms)

जिन शब्दों के अर्थ में असमानता होती है, उन्हें समानार्थक या पर्यायवाची शब्द कहते हैं।

पर्यायवाची शब्द:

  • आकाश-नभ, गगन, अम्बर, आसमान

  • पानी-जल नीर, वारि, सलिल

  • च्द्रांमा-चन्द्र, शशि, राकेश, सोम, मयंक

  • अश्व-वाजि, घोड़ा, घोटक, रविपुत्र

  • ज्गांल-विपिन, कानन, वन, अरण्य

  • सेना-स्वर्ण, कंचन, कनक, हेम, कुंदन

  • पुष्प-फूल, सुमन, कुसुम, प्रसून

  • दिन-दिवस, दिवा, वार, प्रमान

  • उद्यान-बाग, वाटिका, उपवन, बगीचा

  • रात- रात्रि, रैन, रजनी, निशा, यामिनी

  • सूर्य-रवि, सूरज, दिनकर, प्रभाकर

  • उद्यम-प्रयत्न, परिश्रम, मेहनत

  • झंडा-ध्वज, पताका, निशान

  • नौका-नाव, जहाज, जल यान

  • जग-जीवन, जगत, दुनिया

  • सिंह-केशरी, शेर, सारंग

  • कहानी-कथा, उपकथा

  • अग्नि-अनल, आग, पावक

  • अचम्भा- हैरानी, आश्चर्य

  • उम्र-आयु, अवस्था, वय

  • निर्मल-साफ़, उजाला, स्वच्छ

  • गोविन्द-भगवान, ईश्वर, प्रभु

  • विवश-लाचार, मजबूर

  • अपवित्र-गन्दी, नापाक

  • आँख-नेत्र, चक्षु, नयन

  • पंथी-राहगीर, यात्री, पथिक

  • विनोद-हसीं, मजाक

  • सुमिरन-स्मरण, याद

  • पेड़-वृक्ष, पौधा

  • खिन्न-दुखी, परेशान

  • टहनी-शाखा, डाली

  • सैर-पर्यटन/भ्रमण

  • अविचल-अचल, स्थिर

  • गुरु-शिक्षक/अध्यापक

  • खून-रक्त, लहू

  • पाय-पैर, टांग, पाँव

  • स्तुति-प्रशंसा, कीर्ति

  • पौन-पवन, हवा, समीर

  • लड़ाई-युद्ध, जंग

  • बैरी-दुश्मन, शत्रु, रिपु

  • संसार-समाज, विश्व

  • स्वाभाव-आदत, गुण

  • सरल-आसान, सीधा

विशेषण -जो शब्द किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है उसे विशेषण कहते हैं।

विशेषण के चार भेद होते हैं-

  • गुणवाचक विशेषण- जो शब्द किसी व्यक्ति या वस्तु के गुण, दोष, रंग, आकार, अवस्था, स्थिति, स्वभाव, दशा, स्पर्श गंध, स्वाद आदि का बोध कराये, गुणवाचक विशेषण कहलाते हैं। उदाहरण- अच्छा, सुंदर, गीला, रोगी, छोटा, कठोर, कोमल, काला, गोरा, खट्‌टा, नमकीन, सुंगधित आदि।

  • परिमाणवाचक विशेषण-वह विशेषण जो अपने विशेष्यों की निश्चित या अनिश्चित मात्रा का बोध कराए परिमाणवाचक विशेषण कहलाते हैं। उदाहरण-पांच लीटर, दो किलो, कुछ आता, थोड़ा पानी, जरा सा।

  • संख्यावाचक विशेषण- संख्या संबंधी विशेषता बताने वाले शब्दों को संख्यावाचक विशेषण कहते हैंं उदाहरण- पांच, दस, कुछ, हजारों, दूसरा

  • सार्वनामिक विशेषण-वे सर्वनाम शब्द जो पहले आकर उसकी विशेषता बताते हैं, सार्वनामिक विशेषण कहलाते है। उदाहरण-कितने, ये, वह, किसका, उनका, मेरा, हमारा, तुम्हारा

Developed by: