Important of Hindi Grammar: Types of the Phrase, Letter Writing, Essay

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वाक्यांश (The phrase)

Types of the Phrase
Types of the phrase

कातना

चरखे आदि से ऊन या रुई से धागा तैयार करना

माइक्रोस्कोप

जिस यंत्र के नीचे छोटी चीज़े बडी दिखती है।

वित्तमंत्री

सरकारी आय-व्यय की देखरेख करने वाला

विरोध

किसी बात-व्यक्ति के प्रति असहमति जताना

हीमोग्लोबिन

जिस पदार्थ से रक्त के कण लाल होते है

थाप

हथेली का आघात जिससे थप ध्वनि निकले

एनीमिया

खून की कमी से होने वाली बीमारी

छदम भेष

असली रूप छिपाना, बदला हुआ भेष

विश्वासपात्र

जिस पर विश्वास किया जा सके

प्लेटलेट

रक्त में जो अन्य कण होते है वो

कृतज्ञता

किये हुए उपकार को माननेवाला

अभ्यास

किसी काम को बार बार करना

ईमानदार

ईमानदारी से काम करनेवाला

कारीगर

किसी विशेष काम में प्रवीण

कार्य कुशलता

कार्य को भली भाँति करना

दूरदर्शिता

दूर की बात सोचने का गुण

विक्लो

जिनके किसी अंग में दोष हो

ज्ञात

जिसकी जानकारी पहले से हो

वास्तुकला

भवन निर्माण की कला

रोचक

मन को अच्छी लगने वाली

देश-प्रेमी

जो देश से प्रेम करता हो

प्रतिद्धंद्धी

बराबरी का लड़ने वाला

गुंजन

भौरो की गुन-गुन आवाज़

अठखेली

खेल करती हुई

अनमनी

बेमन से

शब्दश

प्रत्येक शब्द

श्रोतागण

श्रोताओं का समूह

कृपा-दृष्टि

दया भरी नज़र

गायन

गाना गाने की कला

चकनुमा

चक्र के आकर का

चुगलखोर

बुराई करने वाला

दुर्बल

जिसमें बल ना हो

डंडी

एक प्राचीन सिक्का

तथास्तु

वैसा ही हो

तीर

नदी का किनारा

पर-सेवा

दूसरो की सेवा

पाखंड

झूठा दिखावा करना

भिक्षा-पात्र

भीख का कटोरा

लोकप्रिय

लोगों में प्रचलित

वरदहस्त

वरदान का हाथ

वादन

बजाने ने की कला

खजांची

खजाने का अधिकारी

चिकित्सक

जो चिकित्सा करे

प्लाज़मा

रक्त का तरल भाग

वाद्ययंत्र

बजाय जाने वाला यंत्र

पत्र-लेखन (letter writing)

1) औपचारिक पत्र-अपनी अध्यापिका जी को 3 दिन छुट्‌टी लेने के लिए पार्थना-पत्र लिखिए।

सेवा में

श्रीमती अध्यापिका जी

आनंद निकेतन स्कूल

शिलाज, अहमदाबाद

16/02/2020

विषय : तीन की छुट्‌टी के लिए

महोदय जी,

सविनय निवेदन है की मेरे घर पर कछ जरूरी कार्य होने की वजह से मुझे तीन दिन की छुट्‌टी चाहिए। आप कृपा करके मुझे तीन दिन की छुट्‌टी देने का कष्ट करे।

धन्यवाद।

आपकी आज्ञाकारी शिष्य,

महक शाह

कक्षा 5 सी

2) औपचारिक पत्र

अपनी अध्यापिका जी को एक पार्थना पत्र लिखो जिसमें कक्षा के कुछ बच्चों के अनुशासन में ना रहने की वजह से आपकी पढ़ाई का नुकसान हो रहा है।

सेवा में,

श्रीमती अध्यापिका जी

आनंद निकेतन स्कूल

शिलाज, अहमदाबाद

17/02/2020

विषय : कक्षा में अनुशासन के लिए

महोदय जी,

सविनय निवेदन है की हमारी कक्षा में बच्चे ऐसे है, जो पढ़ाई के समय बहुत मस्ती करते है। उनकी हरकतों की वजह से जो बच्चे पढ़ना चाहते है वे पढ़ नहीं पाते है। आपसे निवेदन है की ऐसे बच्चों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाये ताकि हमारी पढ़ाई का नुकसान ना हो।

धन्यवाद।

आपकी आज्ञाकारी शिष्य,

महक शाह

कक्षा 5 सी

3) औपचारिक पत्र- विद्यालय में खेल के सामान की उचित व्यवस्था करने के लिए प्रधानाचार्य जी को पार्थना-पत्र लिखिए

सेवा में

प्रधानाचार्य जी,

आनंद निकेतन स्कूल

शिलाज, अहमदाबाद

21/02/2020

विषय : विद्यालय में खेल सामग्री मंगवाने के लिए

महोदय जी

सविनय निवेदन है की हमारे विद्यालय में खेलने के लिए सामान तो है पर वो पर्याप्त नहीं है। अत: आपसे निवेदन है की खेल का सामान मंगवाने की उचित व्यवस्था की जाये।

धन्यवाद।

आपके आज्ञाकारी शिष्य,

कक्षा 5 के छात्र

निबंध (Essay)

मेरा पुस्तकालय

  • पुस्तकालय शब्द पुस्तक और आलय से मिल के बना है, इसका अर्थ है-पुस्तकों का घर। मेरे विद्यालय में भी एक माध्यम कोटि का पुस्तकालय है। यहाँ साहित्य और भाषा, विज्ञान, संस्कृति, इतिहास, भूगोल, समाजशास्त्र, सामान्य ज्ञान आदि विभिन्न विषयों से संबंधित पुस्तके एकत्रित है। प्रेमचंद, सुभद्रा कुमारी चौहान, रामधारी सिंह दिनकर, जयशंकर प्रसाद, सुमित्रा नंदन पंत, शेक्सपीअर, तुलसीदास जैसे ख्याति प्राप्त साहित्यकारो की पुस्तके यहाँ सुलभ है। चित्रकला, पाककला आदि विभिन्न विषयों से संबंधित पुस्तकें भी यहाँ अच्छी संख्या में है।

  • विद्यालय के सभी विद्यार्थी पुस्तकालय के सदस्य हाेेते है। वे यहाँ से मनपंसद पुस्तके पढ़ने के लिए घर ले जा सकते है। पुस्तकों का नाम एवं तारीख लिखी जाती है। यह भी दर्ज होता है के पुस्तक कितने दिन के लिए दी जा रही है। यदि कोई छात्र निर्धारित समय पर पुस्तके नहीं लौटाता या कटी फटी हाल में लौटता है तो उस छात्र पर जुर्माना लगाया जाता है।

  • विद्यालय का पुस्तकालय छात्र छात्राओं के लिए बहुत उपयोगी है। यहाँ से निर्धन एवं मेधावी छात्र-छात्राओ का पाठय-पुस्तके मुफ्त वितरत की जाती है। अन्य विद्यार्थियों को भी पढ़ने के लिए कुछ दिनों तक पुस्तके मुफ्त दी जाती है। विद्यार्थी अपने मनोरंजन के लिए यहाँ से कहानी, कॉमिक्स तथा पत्रिका घर ले जा सकते है। विभिन्न प्रकार की पुस्तकें उपलब्ध होने से शिक्षकों को पढ़ने पढ़ाने में बहुत मदद मिलती है।

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