History Subjective Questions in Hindi for Competitive Exams Set 1

Download PDF of This Page (Size: 158K)

प्रश्न: 1. क्या राष्ट्रवाद अंग्रेजों की देन थी?

प्रश्न : 2. ’उदारवादी राजनीतिज्ञ योग्य राजनीतिज्ञ थे’ इस कथन से आप कहाँं तक सहमत हैं?

प्रश्न : 3. उग्रवादी राजनीति कभी पतन के गर्त में गयी ही नहीं वास्तव में इसके दर्शन का पालन पोषण महात्मा गांधी के दव्ारा किया गया। क्या आप इस विचार से सहमत हैं?

प्रश्न : 4. दव्तीय चरण का क्रांतिकारी आंदोलन अगर अग्र दृष्टि रखता है तो प्रथम चरण का पश्च दृष्टि कैसे?

प्रश्न : 5. प्रजामंडल आंदोलन के संदर्भ में कांग्रेस प्रारंभ में हस्तक्षेप की नीति का पालन करती रही कालांतर में उसके इस अहस्तक्षेप की नीति का परिवर्तन हस्तक्षेप की नीति में हो गया, कैसे?

प्रश्न : 6. नमक जैसे छोटे मुद्दे से प्रारंभ हुआ आंदोलन क्यों एवं किस प्रकार राष्ट्रीय जन आंदोलन में तब्दील हो गया?

प्रश्न : 7. 1919 का सुधार अधिनियम भारतीयों को संतुष्ट करने में कामयाब न हो सका। सुधार अधिनियम के सदंर्भ में इस कथन की समीक्षा करें।

प्रश्न : 8. 1935 के सुधार अधिनियम ने यह पुष्ट कर दिया था कि भारत संघ के रूप में रहेगा, फिर भी भारतीय राजनीतिक दलों में इसके प्रति तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की गयी। क्यों?

प्रश्न : 9. आंदोलन संगठित हो या असंगठित, यह तो निश्चत था कि अतिशीघ्र ही यह सशक्त आंदोलन में तब्दील हो गया और यह अंतिम भी साबित हुआ।

प्रश्न : 10 कांग्रेस का जन्म परिस्थितिजन्य था या प्रायोजित।

प्रश्न : 11 भारत को स्वतंत्रता मिली या छीनी गई।

प्रश्न : 12 1857 के विद्रोह के कारणों की व्याख्या करें।

प्रश्न : 13 1857 के विद्रोह के स्वरूप की चर्चा करें।

प्रश्न : 14 परम सत्ता की अवधारणा क्या थी? दिल्ली दरबार इस अवधारणा को किस प्रकार पुष्ट कर रहा था?

प्रश्न : 15 ब्रिटिश सत्ता ने देशी रियासतों को संपोषित करने की नीति को स्वीकार किया जो वास्तव में तरंगरोध की नीति का ही भाग था।

प्रश्न : 16. क्या कांग्रेस प्रारंभ से ही धर्मनिरपेक्ष संस्था थी?

प्रश्न : 17. जिन्ना ने किस प्रकार मुस्लिम लीग के आंदोलन को मजबूत किया? इस संदर्भ में अपने विचार रखें।

प्रश्न : 18. ब्रिटिश नीति किस प्रकार मुस्लिम अलगाववादी भावना को बढ़ाने में सहायक थीं?

प्रश्न : 19. मुस्लिम सांप्रदायिकता के विकास में कांग्रेस की क्या भूमिका थी?

प्रश्न : 20 कांग्रेस ने विभाजन को क्यों स्वीकार किया? क्या विभाजन के रूप में किस प्रकार देखा गया?

प्रश्न : 21. पाकिस्तान आंदोलन क्या था? इसका परिणाम विभाजन के रूप में किस प्रकार देखा गया?

प्रश्न : 22 चंपारण आंदोलन क्या था? यह किस प्रकार भारतीय इतिहास में मील का पत्थर साबित हुआ?

प्रश्न : 23. उदारवादी राजनीतिज्ञ को कुटिल राजनीतिज्ञ की संज्ञा दी जा सकती है? समीक्षांं करें।

प्रश्न : 24. स्वदेशी आंदोलन एक साथ कई दूरगामी प्रभावो को लेकर आया। किस दृष्टि से आप इस मत का खंडन करते हैं?

प्रश्न : 25 दोनों चरणों के क्रांतिकारी आंदोलन के विकास की पृष्ठभूमि की चर्चा करें।

प्रश्न : 26. स्वराजवादी राजनीति एक उलझी प्रकार की राजनीति थी, उनके कृत्यों के संबंध में इस कथन की समीक्षा करें।

प्रश्न : 27. नेहरू रिपोर्ट (विवरण) भारतीय राजनीति के गाँठ को खोलने में नाकामयाब रहा, समीक्षा करें।

प्रश्न : 28. सविनय अवज्ञा आंदोलन को इसके प्रारंभ में ही न कुचलना अंग्रेजों की एक प्रशासनिक भूल थी।

प्रश्न : 29 महात्मा गांधी के जन आंदोलन की अवधारणा क्या थी?

प्रश्न : 30. 20वीं सदी का सामाजिक-धार्मिक आंदोलन किस प्रकार राजनीतिक आंदोलन की धारा में समाहित होता चला गया?

प्रश्न : 31. पूँजीपति वर्ग राष्ट्रीय आंदोलन के प्रति सदैव दव्ंदव् की स्थिति में रहा या फिर इस दव्ंदव् का पटाक्षेप भी हुआ।

प्रश्न : 32. कैबिनेट (मंत्रिमंडल) मिशन भारत को अखंड रखने का प्रयास था। क्या आप इससे सहमत हैं?

प्रश्न : 33. 1935 का संवैधानिक विकास औपनिवेशिक काल के अंतर्गत संविधानवाद का चरम था। आलोचनात्मक व्याख्या करें।

प्रश्न : 34. भारत का नवीन मध्यम वर्ग किस प्रकार ब्रिटिश नीति का आलोचक बनता चला गया।

प्रश्न : 35. ब्रिटिश नीति के अंतर्गत मुस्लिम लीग को पैदा किया गया, पाला गया और छोड़ दिया गया। कैसे?

प्रश्न : 36. राष्ट्रीय आंदोलन के विकास में महिलाओं की क्या भूमिका रही?

प्रश्न : 37. भारत के लोगों को एक मंच पर खड़ा करना एक महान चुनौती थी। क्या महात्मा गांधी सफल रहें?

प्रश्न : 38. राष्ट्रवाद के विकास का आधार सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलन के दौरान खड़ा कर दिया गया था।

प्रश्न : 39. क्रांगेस ने किस प्रकार ज्वाइन (शामिल) इंडिया (भारत) आंदोलन का आधार तैयार कर दिया था?

प्रश्न : 40. 1857 अगर प्रथम था तो 1942 अंतिम। व्याख्या करें।

प्रश्न : 41 क्रांतिकारी आंदोलनकारी हमेशा अपने समय से आगे की सोच रखते थे। क्या आप इस कथन से सहमत हैं?

प्रश्न : 42. उदारवादियों के योगदान को कमतर आंकना केवल भूल ही होगी।

प्रश्न : 43. जब कृषक वर्ग ने आंदोलन की बागडोर अपने हाथों में ले ली तो स्वतंत्रता करीब दिखने लगी। क्या आप सहमत हैं?

प्रश्न : 44. लार्ड बर्केनहेड ने भारतीयों को संगठित होने का एक मौका उपलब्ध कराया था जो असफल हो गया।

प्रश्न : 45. असहयोग आंदोलन किस प्रकार अपने उद्देश्यों से भटकने लगा था और यही भटकाव उसके वापसी का कारण भी बन गई।

प्रश्न : 46. महात्मा गांधी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन को किस प्रकार सर्वाधिक सशक्त जन आंदोलन में तब्दील कर दिया था।

प्रश्न : 47. 1947 तक राष्ट्रीय आंदोलन लगातार मजबूत हो रहा था और उसी दौरान ब्रिटिश शक्ति लगातार कमजोर हो रही थी। कैसे?