भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन का विकास (Development of Indian National Movement) Part 9

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विदेशों में क्रांतिकारी गतिविधियाँ

क्रांतिकारियों ने विदेशों में रहकर भी भारत की स्वतंत्रता के लिए लड़ाई लड़ी। 1905 में लंदन में श्यामजी कृष्ण वर्मा के दव्ारा ’इंडियन (भारतीय) होमरूल सोसायटी’ (समाज) की स्थापना हुई। इसी संस्था के सदस्य मदनलाल धींगरा ने 1909 को इंडिया (भारत) हाऊस (घर) के राजनीतिक सहायक सर कर्जन वाइली की गोली मारक हत्या कर दी। बाद में धींगरा को फाँसी दे दी गई। 1913 में लाला हरदयाल के नेतृत्व में गदर पार्टी (दल) का गठन हुआ। प्रथम विश्व युद्ध में जर्मनी एवं ब्रिटेन के आमने-सामने होने के कारण जर्मनी ने भारतीय क्रांतिकारियों को आर्थिक एवं अस्त्र-शस्त्र से सहयोग देने के लिए एक इंडियन (भारतीय) इंडिपेंडेंस (स्वतंत्र) कमिटी (समिति) की स्थापना की। 1915 में ही राजा महेन्द्र प्रताप बरकतुल्ला एवं मोहम्मद अब्दुला के काबुल में भारत की पहली समानान्तर सरकार का गठन किया।

गदर आंदोलन

1 नवंबर, 1913 ई. को संयुक्त राज्य अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में ’हिन्दुस्तान गदर पार्टी’ की स्थापना की गई। लाला हरदयाल इस गदर आंदोलन के पथ प्रदर्शक थे। रामचन्द्र एवं बरकुतुल्ला ने इसमें उनकी सहायता की। सैन फ्रांसिस्कों में ’युगान्तर आश्रम’ स्थापित हुआ तथा ’गदर’ नाम से एक साप्ताहिक पत्रिका का प्रकाशन आरंभ हुआ। लाला हरदयाल ने यह कहा कि ब्रिटिश शासन को केवल हथियारों के बल पर ही उखाड़ फेंका जा सकता है तथा इसके लिए बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय भारत की ओर कूच करें। उनका उद्देश्य था कि यह संदेश भारत की फौज और लोगों तक पहुंचाया जाए, जिससे इस कार्यवाही में जनता की भागीदारी बढ़ सके।

गदर में छपने वाली कविताएं लोकप्रिय हो रही थीं। इसके जोशीले लेखों के परिणामों को देखकर लोग चकित रह गए। गदर दल ने अमेरिका एवं यूरोप के कई देशों में भारत की स्वतंत्रता के पक्ष में अनेक व्यक्तियों का समर्थन प्राप्त करने में सफलता प्राप्त की। 1914 में लाला हरदयाल को अमेरिका छोड़कर जाने के लिए बाध्य होना पड़ा और इस दल का कार्यभार उनके साथी रामचन्द्र ने संभाला। गदर पार्टी ने भारत के क्रांतिकारियों को शस्त्र भेजने का भी प्रयत्न किया किन्तु यह कार्य सफल न हो सका। इस दल का प्रभाव उस समय समाप्त हो गया जब अमेरिका ब्रिटेन की ओर से प्रथम विश्वयुद्ध में सम्मिलित हो गया और उसने इस दल को गैरकानूनी घोषित कर दिया।