किसानों के आंदोलन एवं विद्रोह (Movement and Uprising of Farmers) Part 6

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प्रमुख विचार

किसानों को केवल विदेशी शासन ही नहीं बल्कि जमींदारों और पूंजीपतियों के जुए से भी स्वयं को मुक्त कराना होगा।

-भगत सिंह

स्वस्थ और बुद्धिमत्तापूर्ण नीति के अनुसार कंपनी (संघ) का कर्तव्य है कि वह अधिक राजस्व को और प्रदेशों को प्राप्त करने का कोई भी अवसर जो समय-समय पर उसे मिले हाथ से न जाने दें।

-डलहौजी

इंडियन (भारतीय) नेशनल (राष्ट्रीय) कांग्रेस ने 1905-19 की अवधि में किसानों को राहत देने की जरूत पर उतना जोर नहीं दिया जितना भारतीय उद्योगपतियों की जरूरतों पर, जैसे वाणिज्यिक सुरक्षा के प्रश्न पर।

-एन. जी. रंगा

बेहतर है कि हम सरकार का कर या जमींदार का भाड़ा न रोकें। स्मरण रहे कि जमींदारों को हमें अपना मित्र बनाना है।

-गांधी

धार्मिक पोशाकें दीर्घकाल से देश का शोषण करती रही हैं; अब वे किसानों के लाभ के लिए इन पोशाकों का इस्तेमाल करेंगे।

-सहजानंद सरस्वती