Public Administration 1: Central Board of Excise and Custom Duty

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राजस्व विभाग (Revenue Department)

राजस्व विभाग सचिव (राजस्व) के पूर्ण निर्देशन एवं नियंत्रण में कार्य करता है। यह प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष संघीय करों से संबंधित मामलों के संबंध में अपने अधीनस्थ दो कानूनी बोर्डो केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड और केन्द्रीय उत्पाद शुल्क एवं सीमा शुल्क बोर्ड के माध्यम से नियंत्रण करता है। प्रत्येक बोर्ड के प्रमुख अध्यक्ष होते हैं जो कि भारत सरकार के पदेन विशेष सचिव भी होते हैं। केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड दव्ारा सभी प्रत्यक्ष करों के लगाने और संग्रहण के कार्य किए जाते हैं जबकि सीमा शुल्क और केंद्रीय उत्पाद शुल्क, सेवा कर तथा अन्य प्रत्यक्ष कर लगाने व संग्रहण से संबंधित कार्य केन्द्रीय उत्पाद शुल्क और सीमा शुल्क बोर्ड के कार्यक्षेत्र में आता है। ये दोनों बोर्ड केन्द्रीय राजस्व बोर्ड अधिनियम, 1963 के अंतर्गत गठित किए गए थें वर्तमान में, केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड में 6 सदस्य और केन्द्रीय उत्पाद शुल्क एवं सीमा शुल्क बोर्ड में 5 सदस्य हैं।

केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (Central Board of Excise and Custom Duty)

केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) का संगठन चार्ट

Central Board of Excise and Custom Duty

संगठन एवं कार्य (Organization and Work)

केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड, सीमा शुल्क एवं केन्द्रीय उत्पाद शुल्क सेवा कर के उदग्रहण एवं संग्रहण, तस्करी निवारण तथा शुल्क अपवचन एवं सीमा शुल्क, केन्द्रीय उत्पाद एवं शुल्क सेवा कर एवं स्वापक पदार्थो (केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड की परिधि के भीतर) क्षेत्रीय कार्यालयों से संबंधित सभी प्रशासनिक मामलों के संबंध में नीतियों के निर्माण से संबंधित कार्य करता है। यह बोर्ड क्षेत्रीय संगठनों नामत: सीमा शुल्क एवं केन्द्रीय उत्पाद शुल्क दोनों सीमा शुल्क एवं केन्द्रीय उत्पाद शुल्क एवं केन्द्रीय उत्पाद शुल्क आयुक्तालयों एवं केन्द्रीय स्वापक ब्यूरो के अधीन अफीम एवं अखरोट कारखाना निदेशालय की सहायता से इसे सौंपे गए विभिन्न कार्यों को करता है। यह भी सुनिश्चित करता है कि विदेश एवं अंतर्देशीय यात्रा पर करों का संचालन कानून के अनुसार हो तथा संग्रहण एजेंसियाँ संगृहित करों को सरकारी राजकोष में तुरन्त जमा करें।

केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (Central Board of Direct Tax)

कार्य एवं संगठन (Work and Organization)

केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, केन्द्रीय राजस्व अधिनियम बोर्ड, 1963 के अंतर्ग कार्य कर रहा है, जो एक सांविधिक प्राधिकरण है। बोर्ड के अधिकारी अपनी पदेन क्षमता से प्रत्यक्ष कर के उग्रहण एवं संग्रहण से संबंधित मामलों को संभालते हुए मंत्रालय के एक प्रभाग के रूप में भी कार्य करते हैंंं।

केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड की ऐतिहासिक पृष्ठीभूमि (Historical Background of Central Board of Direct Taxes)

केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, केन्द्रीय राजस्व अधिनियम बोर्ड, 1924 के परिणामस्वरूप करों के प्रशासन से भारित विभाग के शीर्ष निकाय के रूप में अस्तित्व में आया। आंरभ में बोर्ड के पास प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष दोनों करों का प्रभार था। तथापि जब बोर्ड के लिए करों का प्रशासन संभालना मुश्किल हो गया तो बोर्ड को 1.1. 1964 से दो भागों नामत: केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड तथा केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड में विभक्त कर दिया गया।

केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड का संगठन एवं कार्य (Organization and Functions of Central Board of Direct Taxes)

केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड में एक अध्यक्ष एवं निम्नलिखित छह सदस्य होते हैं-

  • अध्यक्ष
  • सदस्य (आयकर)
  • सदस्य (विधायन एवं कम्प्यूटाराइजेशन)
  • सदस्य (कार्मिक एवं प्रशासन)
  • सदस्य (जांच)
  • सदस्य (राजस्व एवं सतर्कता)
  • सदस्य (लेखा परीक्षा एवं न्यायिक)

संगठनात्मक व्यवस्था एवं मानवशक्त (Organizational Setup and Manpower)

बोर्ड के दिल्ली में निम्नलिखित संलग्न कार्यालय हैं-

  • आयकर महानिदेशालय (प्रशासन)
  • आयकर निदेशालय (आरएसपी एवं पीआर)
  • आयकर निदेशालय (वसूली)
  • आयकर निदेशालय (आयकर एवं लेखा-परीक्षा)
  • आयकर निदेशालय (ओ एवं एम)
  • आयकर महानिदेशालय (प्रणाली)
  • आयकर महानिदेशालय (सतर्कता)
  • आयकर निदेशालय (अवसरंचना)

पूरे देश में नियुक्त विभिन्न मुख्य आयकर आयुक्तों दव्ारा क्षेत्रीय स्तरों पर प्रत्यक्ष करों का कर-निर्धारण एवं संग्रहण का प्रभार संभाला जाता है। इसके अतिरिक्त, आयकर महानिदेशक (जांच) क्षेत्रीय स्तर पर जांच तंत्र का समग्र प्रभार संभालता है जिसका उद्देश्य कर अपवर्चन को रोकना एवं लेखाबाहा धन का खुलासा करना है। मुख्य आयकर आयुक्त आयकर महानिदेशकों की सहायता उनके क्षेत्राधिकार में आने वाले आयकर आयुक्त आयकर महानिदेशकों दव्ारा की जाती है। इके अतिरिक्त कर -निर्धारण अधिकारियों के आदेशों के विरूद्ध अपील के निपटाने के कार्य का निष्पादन करने हेतु एक प्रथम अपीलीय तंत्र भी है जिसमें आयकर आयुक्त (अपील) सम्मिलित होता है।

वित्तीय सेवाएँ विभाग (Department of Financial Services)

  • यह विभाग वित्त मंत्रालय के निर्देशन में दी जाने वाली वित्तीय सेवाओं एवं वित्तीय बीमा तथा बैंकिंग सेवाओं से संबंधित समस्त कार्य निष्पादित करता है। इस विभाग की रचना आर्थिक कार्य विभाग के बैंकिंग एवं बीमा संभाग की पृथक करके की गई है। बैंकिंग एवं बीमा संभाग वाणिज्यिक बैंक नीति शाखा विस्तार, कृषि साख देश विदेश के बैंक तथा राष्ट्रीय आवास बैंक से संबंधित कार्य निष्पादित करता है जो मुख्यत: बैंकिंग परिचालन औद्योगिक वित्त -प्राथमिकता क्षेत्र, कार्मिक संबंध तथा सतर्कता से संबंधित होते हैं। 19 जुलाई, 1969 को अध्यादेश दव्ारा बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया था। अगस्त, 1991 में वित्तीय प्रणाली ढाँचे, संगठन तथा कामकाज को लेकर बनी एम. नरसिंहम समिति की अनुशंसा के पश्चात्‌ यह संभाग बैंकों की बैलेंस शीट पर अधिक निगरानी रखने लगा है भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 के अंतर्गत 1 अप्रैल, 1935 को गठित तथा 1 जनवरी, 1949 को राष्ट्रीयकृत रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया इस क्रम में वित्त मंत्रालय को तकनीकी परामर्श प्रदान करता है। एक रुपये का नोट वित्त मंत्रालय ही जारी करता है।
  • यह संभाग बीमा से संबंधित गतिविधियों को भी नियंत्रित करता है। एक सितंबर, 1956 को गठित भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) तथा नवंबर, 1972 में गठित भारतीय साधारण बीमा निगम (GIC) जो नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लि. न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लि. ओरिएण्टल इंश्योरेंस कंपनी लि. तथा यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लि. के माध्यम से कार्य करती है तथा डाक बीमा योजना को यह संभाग मार्गदर्शन प्रदान करता है। बीमा नीति एवं प्रशासन संचालन में यह विभाग प्रमुख अभिकरण है। प्रमुख बीमा योजनाओं की घोषणा तथा जनकल्याण की नीति भी इसी संभाग दव्ारा निर्मित होती है। बीमा क्षेत्र की निजी कंपनियों को भी यह संभाग बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDA) के माध्यम से नियंत्रित-निर्देशित करता है। यह संभाग ‘बीमा (संशोधन) अधिनियम, 2002’ का क्रियान्वयन भी देखता है।
  • यह विभाग बीमा, बैंकिंग तथा पेंशन सुधार से संबंधित समस्त नीतियों, कानूनों, कार्यक्रमों तथा कार्यों का निष्पादन करता है। पूर्व में यह कार्य आर्थिक कार्य विभाग दव्ारा निष्पादित किए जाते थे।

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