Public Administration 1: Indian Air Force and Defence Research

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भारतीय वायुसेना (Indian Air Force)

भारतीय वायुसेना के सेना सात कमान हैं:

  • मुख्यालय मध्य वायु कमान, इलाहाबाद
  • मुख्यालय पूर्वी वायु कमान, शिलांग
  • मुख्यालय पश्चिमी वायु कमान, नई दिल्ली
  • मुख्यालय दक्षिणी वायु कमान, तिरुवनंतपुरम
  • मुख्यालय दक्षिण-पश्चिमी वायु कमान, गांधी नगर
  • मुख्यालय अनुरक्षण कमान, नागपुर
  • मुख्यालय प्रशिक्षण कमान, बंगलुरू

निम्नलिखित इंटर सर्विस रक्षा मंत्रालय के सीधे नियंत्रण में कार्य करते हैं:-

  • सैन्य अभियंता सेवा
  • सशस्त्र सेना चिकित्सा सेवाएँ
  • रक्षा संपदा महानिदेशालय
  • मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के कार्यालय
  • जनसंपर्क निदेशालय
  • सेना खरीद संगठन
  • सर्विजसेज स्पाटर्स कंट्रोल बोर्ड
  • सशस्त्र बलो फिल्में और फोटो प्रभाग
  • विदेशी भाषा विद्यालय
  • इतिहास डिवीजन
  • नेशलन डिफेंस कॉलेज
  • रक्षा-प्रबंधन कॉलेज
  • डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज
  • रक्षा पुस्तकालय मंत्रालय

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (Defence Research and Development Organization-DRDO)

  • रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के अधीन रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन कार्यरत है। डीआरडीओ रक्षा प्रणालियों के डिजाइन एवं विकास के लिए समर्पित है और तीनों रक्षा सेवाओं की अभिव्यक्त गुणात्मक आवश्यकताओं के अनुसार विश्व स्तर के हथियार प्रणालियों और उपकरणों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।
  • डीआरडीओ सैन्य प्रौद्योगिकी के विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहा है, जिसमें वैज्ञानिकी शस्त्र वाहनी, इलेक्ट्रॉनिक्स, इंस्टूमेंटेशन इंजीनियरिंग प्रणालियाँ, मिसाइल सामग्री, नौसेना प्रणालियाँ, उन्नत कप्यूटिंग, सिमुलेशन और जीवन विज्ञान शामिल है। डीआरडीओ अत्याधुनिक आयुध प्रौद्योगिकी की आवश्यकतापूर्ति के साथ -साथ समाज के लिए स्पिनऑफ लाभ देकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहा है।

दृष्टि (Vision)

“विश्व-स्तरीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आधार स्थापित कर भारत को समृद्ध बनाना और अपनी रक्षा सेना को अंतरराष्ट्रीय रूप से प्रतिस्पर्धी और समाधानों से लैस कर उन्हें निर्णायक लाभ प्रदान करना।”

ध्येय (The Goal)

  • अपनी रक्षा सेवाओं के लिए अत्याधुनिक सेंसर, शस्त्र प्रणालियाँ, मंच और सहयोगी उपकरण अभिकल्पित करना, विकसित करना और उत्पादन के लिए तैयार करना।
  • आक्रामक प्रभावकारिता अधिकतम करने के लिए और सैनिकों की बेहतरी को बढ़ावा देने के लिए रक्षा सेवाओं को तकनीकी समाधान प्रदान करना।
  • अवसंरचना तथा गुणवतापूर्ण प्रतिबद्ध श्रमशक्ति विकसित करना और मजबूत प्रौद्योगिकी आधार निर्मित करना।

कार्यकारी संगठन (Executive Organization)

रक्षा मंत्रालय के प्रमुख कार्यकारी संगठन हैं-

  • मुख्य प्रशासन अधिकारी का कार्यालय (सेना मुख्यालय)
  • राष्ट्रीय कैडेट कोर महानिदेशालय।
  • सैनिक भूमि तथा छावनी महानिदेशालय।
  • सशस्त्र सेना चिकित्सा सेवा महानिदेशालय।
  • जन संपर्क निदेशालय।
  • सेवा खेल नियंत्रण बोर्ड (SSCB) I
  • केन्द्रीय सैनिक बोर्ड।
  • पुनर्वास महानिदेशालय।
  • गुणवत्ता आश्वासन महानिदेशालय (वाहन)
  • तकनीकी विकास तथा उत्पादन (वायु) निदेशालय।
  • मानकीकरण निदेशालय।
  • योजना तथा समन्वय निदेशालय।
  • रक्षा प्रदर्शनी संगठन।
  • सेना क्रय संगठन।
  • रक्षा योजना स्टाफ महानिदेशालय।
  • तटरक्षक महानिदेशालय।
  • रक्षा उत्पादन कारखाना महानिदेशालय।
  • कार्मिक सेवा निदेशालय।
  • आयुध कारखाना बोर्ड।
  • सेवा चयन बोर्ड।
  • कैण्टीन सेवा नियंत्रण बोर्ड।
  • रक्षा प्रौद्योगिकी परिषद।
  • रक्षा आसूचना अभिकरण।
  • रक्षा अधिग्रहण परिषद।
  • रक्षा उत्पादन बोर्ड।

रक्षा कारखाने एवं लोक उपक्रम (Defense Factory and Public Sector)

आयुध कारखानों की महत्ता को बढ़ाने हेतु 18 मार्च को ‘आयुध कारखाना दिवस’ मनाया जाता है। इन कारखानों के अतिरिक्त 8 रक्षा लोक उपक्रम भी देश में कार्यरत हैं-

  • हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लि.
  • भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लि.
  • भारत अर्थ मूवर्स लि.
  • मझगाँव डॉक लि.
  • गार्डनरीच शिप बिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लि.
  • गोवा शिपयार्ड लि.
  • भारत डायनामिक्य लि.
  • मिश्र धातु निगम लि.

सशस्त्र बल न्यायाधिकरण की स्थापना (Establishment of Armed Forces Tribunal)

सशस्त्र बल न्यायाधिकरण विधेयक, 2005 को संसद के दोनों सदनों में दिसंबर, 2007 में संसद के शीतकालीन सत्र में पारित किया गया। सशस्त्र बल न्यायाधिकरण अधिनियम, 2007 को 28 दिसंबर, 2007 को अधिसूचित किया गया। नई दिल्ली में सशस्त्र बल न्यायाधिकरण की प्रधान पीठ स्थापित करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर अनुवर्ती कार्रवाई की जा रही है।

वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance)

  • भारत सरकार के राजस्व संबंधी मामलों को संचालित करने के उद्देश्य से सन्‌ 1810 में वित्त विभाग अस्तित्व में आया। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद इसी वित्त विभाग का नाम बदलकर वित्त मंत्रालय रखा गया। यह मंत्रालय भारत सरकार के आय-व्यय का ब्यौरा रखता है। भारत सरकार के वित्त प्रशासन तथा उससे संबंधित विभिन्न राज्यों के वित्तीय मामलों को निपटाने के लिए वित्त मंत्रालय ही उत्तरदायी है।
  • संगठन- वित्त मंत्रालय कैबिनेट स्तर के एक वरिष्ठ मंत्री के नेतृत्व में कार्य करता है। वित्त मंत्री मंत्रिमंडल में गृहमंत्री के पश्चात्‌ सबसे महत्वपूर्ण होता है। विभाग के नीति निर्धारण का कार्य राज्यमंत्री, उपमंत्री एवं संसदीय सचिव आदि की सहायता से किया जाता है। मंत्रालय का प्रशासनिक प्रमुख सचिव होता है, जो भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ सदस्य होते हैं। यह मंत्रियों को विभागीय नीतियों व प्रशासनिक कार्यो में सलाह देते हैं।

वर्तमान में वित्त मंत्रालय में 5 विभाग हैं-

  • आर्थिक कार्य विभाग
  • व्यय विभाग
  • राजस्व विभाग
  • विनिवेश विभाग (2004 में शामिल)
  • वित्तीय सेवाएँ विभाग (2006 - 07 में शामिल) ।