Public Administration 1: Ministry of Tourism and Functions and Role

Doorsteptutor material for CTET-Hindi/Paper-2 is prepared by world's top subject experts: get questions, notes, tests, video lectures and more- for all subjects of CTET-Hindi/Paper-2.

पर्यटन मंत्रालय (Ministry of Tourism)

  • पर्यटन को बढ़ावा देने और पर्यटन संबंधी सुविधाओं की देखरेख करने के लिए पर्यटन मंत्रालय नोडल मंत्रालय है। पर्यटन मंत्रालय राष्ट्रीय नीतियाँ और कार्यक्रम तैयार करने तथा देश में पर्यटन के विकास और संवर्द्धन के लिए केन्द्रीय सरकार की विभिन्न एजेंसियों, राज्य सरकारों एवं निजी क्षेत्र की गतिविधियों का समन्वय करने हेतु नोड्‌ल एजेंसी है। मंत्रालय नेतृत्व केन्द्रीय पर्यटन मंत्री करते हैं और राज्य मंत्री उनका सहयोग करते हैं।
  • संगठन-मंत्रालय के प्रशासनिक प्रमुख सचिव (पर्यटन) हैं। सचिव (पर्यटन) महानिदेशक (पर्यटन) के रूप में भी काम करते हैं। महानिदेशक (पर्यटन) का कार्याल्य (जो अब सचिव (पर्यटन) के कार्यालय में मिला दिया गया है) विभिन्न नीतियों और कार्यक्रमों के कार्यान्वयन के लिए कार्यपालक दिशा-निर्देश प्रदान करता है।
  • पर्यटन महानिदेशालय के देश में 20 कार्यालय और विदेश में 14 कार्यालय हैं। विदेश स्थित कार्यालय मुख्यत: अपने-अपने संबंधित क्षेत्रों में पर्यटन संवर्धन और मार्केटिंग के लिए उत्तरदायी हैं और भारत में स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पर्यटकों को सूचना प्रदान करने और क्षेत्रीय परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी के लिए जिम्मेदार है।

पर्यटन मंत्रालय के अंतर्गत एक सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम भारत पर्यटन विकास निगम और निम्नलिखित स्वायत्तशासी संस्थाएँ हैं-

  • भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंध संस्थान (आईआईटीटीएम) और राष्ट्रीय जल क्रीड़ा संस्थान (एनआईडब्ल्यूयूएस) ।
  • राष्ट्रीय होटल प्रबंध संस्थान एवं केटरिंग टेक्नोलॉजी (एनसीएचएमसीटी) और होटल प्रबंध संस्थान।

कार्य और भूमिका (Functions and Role)

पर्यटन मंत्रालय देश में पर्यटन के विकास के लिए एक नोड्‌ल एजेंसी के रूप में कार्य करता है। यह राज्य/संघ राज्य क्षेत्र सरकारों के प्रयासों में समन्वय और अनुपूरक के निजी निवेश को केटेलॉइज करने संवर्धनात्मक और मार्केटिंग प्रयासों को सुदृढ़ करने और प्रशिक्षित जनशक्ति संसाधनों को प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस संबंध में मंत्रालयों के कार्यों में निम्नलिखित शामिल हैं-

  • विकास नीतियाँ
  • प्रोत्साहन
  • बाह्य सहायता
  • जनशक्ति विकास
  • संवर्धन एवं मार्केटिंग
  • निवेश सुरामीकरण

आयोजना (Planning՚s)

  • अन्य मंत्रालों विभागों, राज्य/संघ राज्य क्षेत्र सरकारों के साथ समन्वय विनियमन।
  • अवसंरचना और उत्पाद विकास करना।
  • मानव संसाधन विकास।
  • प्रचार और विपणन।
  • अनुसंधान विश्लेषण, मानीटरिंग और मूल्यांकन।
  • अंतरराष्ट्रीय सहयोग और विदेशी सहायता।
  • अंतरराष्ट्रीय निकाय।
  • दव्पक्षीय समझौता।
  • बाध्य सहायता।
  • विदेशी तकनीकी सहयोग।
  • विधान और संसदी कार्य।
  • स्थापना मामले।
  • सतर्कता मामले।
  • राजभाषा नीति का कार्यान्वयन।
  • बजट समन्वय और अन्य मामले।
  • योजना समन्वय और मॉनीटरिंग।

संबंद्ध कार्यालय अर्थात्‌ पर्यटन महानिदेशालय जिसे अब सचिव (पर्यटन) के साथ दिया गया है कि निम्नलिखित कार्य हैं-

  • क्षेत्रीय कार्यालयों से फीडबैंक उपलब्ध कराके नीतियों को तैयार करने में सहायता देना।
  • योजना तैयार करने में सहायता प्रदान करना और प्लान परियोजनाओं की मॉनीटरिंग करना।
  • क्षेत्रीय कार्यालयों के कार्यलापों में समन्वय करना और उनका पर्यवेक्षण करना।

विनियमन (Regulation)

  • होटल और रेस्तरां का वर्गीकरण और अनुमोदन
  • ट्रेवल एजेंट से, इनबाउंड टूर ऑपरेटरो और पर्यटक परिवहन प्रचालकों इत्यादि का अनुमोदन

निरीक्षण और गुणवत्ता (Monitoring and Quality)

  • गाइड सेवा
  • शिकायते और निवारण

अवसरंचना विकास (Infrastructural Development)

  • प्रोत्साहनों को जारी करना।
  • पर्यटक सुविधा और जानकारी।
  • क्षेत्रीय प्रचार, संवर्धन और विपणन।
  • आतिथ्य कार्यक्रम।
  • सभागम और सम्मेलन।
  • विशिष्ट परियोजनाओं के लिए विशेष केन्द्रीय वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना तथा विश्व बैंक और अन्य एजेंसियों से विदेशी वित्त प्राप्त करने में सहायता करना।
  • लघु सिंचाई और कमान क्षेत्र विकास के संबंध में समग्र नीति निर्माण, आयोजना और मार्गदर्शन, केन्द्र प्रायोजित योजनाओं का प्रशासन और मॉनीटरिंग तथा सहभागितापूर्ण सिंचाई प्रबंध को बढ़ाना।
  • भू-जल संसाधन के विकास के लिए समग्र आयोजना, प्रयोज्य संसाधनों की स्थापना, दोहन की नीतियों का निर्माण तथा भू-जल विकास में राज्य स्तरीय क्रियाकलापों पर निगाह रखना तथा उन्हें सहयोग देना।
  • राष्ट्रीय जल विकास परिप्रेक्ष्य का निर्माण तथा अन्त: बेसिन अंतरण की संभावनाओं पर विचार करने के लिए विभिन्न बेसिनों/उप-बेसिनों के जल संतुलन का निर्धारण।
  • अंतरराज्यीय नदियों से संबंधित मतभेदों अथवा विवादों को हल करने के संबंध में समन्वय, मध्यस्थता करना तथा इस काम को सुविधाजनक बनाना और कुछ मामलों में अंतरराज्यीय परियोजनाओं के कार्यान्वयन पर निगाह रखना।
  • नदियों के जल, जल संसाधन विकास परियोजनाओं तथा सिंधु जल संधि के प्रचलन के संबंध में पड़ोसी देशों के साथ वार्ता और विचार-विमर्श करना।

स्कंध (Wing)

  • सांंख्यिकीय स्कंध
  • पीआर स्कंध
  • वित्त स्कंध
  • प्रशासन स्कंध
  • हिन्दी स्कंध

Developed by: