Public Administration: National E-Governance Plan, Projects, and Initiatives

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भूख, निर्धनता व विकास से संबंधित मुद्दे (Issues Relating to Hunger, Poverty and Development)

राष्ट्रीय स्तर पर ई-शासन के लिए किये जाने वाले प्रयास (Efforts for E-Governance on National Level)

राष्ट्रीय ई-शासन योजना (National E-Governance Plan)

  • भारत सरकार ने देश में ई-शासन के विकास के लिए राष्ट्रीय ई-शासन योजना की आधारशिला वर्ष 2003 में रखी और इस योजना का सुचारू रूप से संचालन करने के लिए आवश्यक सूचनाएँ भी उपलब्ध करा रही है। इस परियोजना के अंतर्गत देश में नागरिक व व्यापार में उन्मुखी वातावरण बनाना, सही प्रशासन और संस्थागत तंत्र उत्पन्न करना, आधारभूत संरचना और नीतियाँ बनाना तथा केंद्र, राज्य एवं एकीकृत सेवा स्तर पर मिशन मोड प्रोजेक्ट को लागू करना शामिल है।
  • राष्ट्रीय ई-शासन योजना (एनईजीपी) एक सर्वांगीण दृश्य प्रस्तुत करती है जिसके अंतर्गत देशभर में ई-शासन के लिए की जा रही कार्रवाई को “एक सामुहिक विचार एक साझा” विषय के रूप में एकीकृत किया जाता है। इस विचार के ईद गिर्द इंटरनेट पर सरल, विश्वसनीय, पहुँच संभव बनाने के लिए दूर दराज के गावों तक भारी भरकम देशव्यापी मूल संरचना को तैयार किया जा रहा है और रिकॉर्डो का बड़े पैमाने पर डिजिटलाइजेशन किया जा रहा है। इसका अंतिम लक्ष्य नागरिक सेवाओं को नागरिकों के घरों तक और अधिक समीप लाना है, जैसा की राष्ट्रीय ई-शासन योजना के संकल्पना विवरण (Vision Statement) में का गया है कि-
  • ″ सभी सरकारी सेवाओं को आम आदमी तक सामन्य सेवा वितरण केंद्रो के जरिए उनके निवास स्थान में उपलब्ध कराने और आम आदमी की मूलभूत आवश्यकताओं को किफायती दामों में पूरा करने के लिए ऐसी सेवाओं की कुशलता, पारदर्श्तााि और विश्वसनियता सुनिश्चित करें।
  • सरकार ने राष्ट्रीय ई-शासन योजना (एनईजीपी) का अनुमोदन किया है जिसमें 18 मई, 2006 की स्थिति के अनुसार 27 मिशन मोड परियोजना (एमएमपी) और 8 घटक शामिल हैं। सरकार ने एनईजीपी के लिए विचार, उपागम, कार्यनीति मुख्य घटकों, कार्यान्वयन विधि और प्रबंधन संरचना का अनुमोदन किया है। तथापित एनईजीपी के अनुमोदन में सभी मिशन मोड परियोजनाओं (एमएमपी) और अधीन घटकों के लिए वित्तीय अनुमोदन निहित नहीं है। एमएमपी श्रेणी में वर्तमान अथवा जारी परियोजनाओं उचित संवर्धन और वृद्धि की जाएगी।

परियोजना और पहलें (Projects and Initiatives)

राष्ट्रीय ई-शासन योजना के अंतर्गत निम्नांकित पहलें शामिल हैं-

  • क्षमता निर्माण योजना
  • जागरूकता एवं संप्रेषण
  • मानक और नीतियाँ
  • नागरिक सेवा वितरण व्यवस्था
  • ई-शासन केन्द्र
  • ई-शासन संपुष्टि जाँच केन्द्र
  • ओपन प्रौद्योगिकी केन्द्र
  • भारत विकास गेटवे

क्षमता निर्माण योजना (Capacity Building Plan)

इनमें निम्नलिखित चुनौतियाँ शामिल हैं:

  • एनईजीपी सेवा अभिमुखीकरण के लिए परियोजना डिजाइन में समन्वय करना।
  • अभियान में मानकीकरण और संगतता लाना, साथ ही इस योजना को चलाने के लिए पर्याप्त संसाधनों और लचीलापन का होना।
  • प्रबंधन में परिवर्तन।
  • लागत को न्यूनतम करना और संसाधनों का इष्टतम सदुपयोग।
  • बाह्य संसाधनों से लाभ।
  • अन्यत्र व्यवहार में लाई जा रही सर्वश्रेष्ठ विधियों को कार्यान्वित करना।
  • परियोजना और कार्यक्रम की निगरानी।

राज्य प्रशासन को सरल बनाने और राज्य स्तर पर परियोजना के कार्यान्वयन के लिए उपयुक्त कौशल-स्तर और तीन स्तरीय अभिवृत्ति के साथ-साथ समर्पित, पेशेवर टीम के जरिये पर्याप्त समर्थन की जरूरत होगी:

  • शीर्ष स्तर
  • कार्यक्रम स्तर
  • परियोजना स्तर

जागरूकता एवं संप्रेषण (Communication and Awareness)

  • किसी योजना की सफलता न केवल सूचना तथा विभिन्न सेवाओं तक पहुँच व उपलब्धता पर निर्भर करती है बल्कि उस कार्यक्रम के संबंध में जागरूकता पर भी निर्भर करती है। एनईजीपी तथा संप्रेषण रणनीतियों का प्रभावी सम्मिश्रण इन दोनों के लिए कारगर समाधान है।
  • एक योजना के रूप में, एनईजीपी इस प्रकार से एक अनूठी पहल है कि वह मुख्यधारा के मंत्रालयों, विभागों तथा राज्यों की मिशन मोड परियोजनाओं में अभिव्यक्त होती है। एनईजीपी विभिन्न राज्य सरकारों तथा केन्द्रीय मंत्रालयों दव्ारा देशभर में किए जा रहे ई-शासन के प्रयासों का सर्वांगीण अवलोकन करता है तथा सामूहिक परिकल्पना और साझा कारणों को एकीकृत करती है। इस प्रकार वह बहु-भागीदारों तथा विभिन्न स्तरों के कार्यान्वयन माहौल से गुजरती है तथा इसलिए योजना को अपनी परिकल्पना साकार करने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि सभी भागीदारों को सामान्यत: ई-शासन के लाभों का तथा विशेषकर एनईजीपी का एक पूर्ण कार्यक्रम के रूप में ज्ञान हो। इसके अंतर्गत एनईजीपी के एक अम्ब्रेला/कॉरपोरेट ब्रांड बनाना, सेवा वितरण केन्द्रों के बारे में जागरूकता फैलाना और इसे कार्यान्वित करने वालों की हिस्सेदारी में बढ़ोतरी जैसे विषय शामिल हैं।

मानक और नीतियाँ (Standards and Policies)

ई-शासन में मानक एक उच्च प्राथमिकता वाली गतिविधि है जो कि सूचना को साध्य करने तथा ई-शासन उपयोगिता के आर-पार आँकड़ों की निबार्ध अंर्तकार्यकारी को सुनिश्चित करने में मदद करती है। ई-शासन हेतु मानक बनाने/अपनाने हेतु एनईजीपी के अंतर्गत एक संस्थागत प्रणाली अपनाई गई है।

मानकीकरण हेतु मुख्य प्राथमिकता के कुछ क्षेत्र, जिन्हें तत्काल ध्यान हेतु चिन्हित किया गया है, इस प्रकार हैं-

  • खुले मानकों पर नीति
  • मेटाडेटा व डाटा मानक
  • स्थानिक व भाषा प्रौद्योगिकी मानक
  • सूचना सुरक्षा
  • अंर्तकार्यकारी के संबंध में प्रौद्योगिकी मानक
  • बॉयोमीट्रिक
  • डिजिटल हस्ताक्षर
  • गुणवत्ता व प्रलेखन

नागरिक सेवा वितरण व्यवस्था (Civil Service Delivery System)

राष्ट्रीय ई-शासन योजना (एनईजीपी) के अधीन बनाए गए राज्य पोर्टल और राज्य सेवा वितरण गेटवे (एसएसडीजी) पर ई-फॉर्म आवेदन से नागरिक राज्य पोर्टल (एसपी) दव्ारा प्रदान किए जा रहे और सामान्य राज्य सेवा वितरण गेटवे (एसएसडीजी) दव्ारा निर्देशित इलेक्ट्रॉनिक फॉर्मों की सहायता से फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं और अपने आवेदन इलेक्ट्रॉनिक तरीके से जमा करा सकते हैं।

ई-शासन केन्द्र (E-Governance Centre)

  • नागरिक केन्द्रित सेवाआंे की दक्षता बढ़ाने और उन्हें प्रभावी बनाने, सामाजिक आर्थिक परिवर्तन, विशेष रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल निर्माण, उद्यमशीलता तथा रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए राष्ट्रीय ई-शासन के माध्यम से परियोजनाओं की व्यापक क्षमताओं को समझते हुए सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने ई-शासन की अवधारणा पर विचार किया और केन्द्र तथा राज्य सरकारों दव्ारा प्रारंभ की गई अनेक ई-शासन की नई पहलों के बारे में आम आदमी तक विशेष रूप से छात्र वर्ग तक सूचना प्रसारित करने का निश्चय किया गया। केन्द्र तथा राज्य सरकारों के तत्वाधान में अनेक आयामों की विभिन्न प्रकार की ई-शासन परियोजनाओं को कार्यान्वित करते समय यह विचार करना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि ये आम आदमी तक पहुँचे और जनता के दैनिक जीवन पर इन परियोजनाओं के प्रभाव के आकलन के लिए परियेजनाओं के बारे में सूचना का जमकर प्रचार-प्रसार किया जाए।
  • उपर्युक्त विषयों पर विचार करते हुए सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने “ई-शासन केन्द्र” (सीईजी) खोला है। सीईजी विभिन्न ई-शासन अनुप्रयोगों तथा पूरे देश में इस्तेमाल की जा रही प्रौद्योगिकियों के साथ-साथ परीक्षण की गई तथा भावी प्रौद्योगिकी के लिए प्रदर्शन मंच के रूप में काम करेगा, जिससे नागरिकों को सरकारी सेवाएँ बेहतर ढंग से प्रदान करने में मदद मिलेगी। इस केन्द्र में ई-शासन के क्षेत्र में किसी भी स्थान पर कार्यान्वित की जा रही उत्कृष्ट प्रक्रिया विधियों का प्रदर्शन भी किया जाएगा तथा कुछ समय बाद यह केन्द्र डिजिटल पुस्तकालय के रूप में ई-शासन के लिए ‘स्टेट ऑफ द आर्ट’ के एक उत्कृष्ट संग्रहालय तथा ज्ञान प्रणाली के रूप में विकसित होगा। ई-शासन केन्द्र (सीईजी) में अनुप्रयोगों, प्रदर्शनों तथा प्रस्तुतीकरण को इस ढंग से दर्शाया जाता है, जिसमें ई-शासन के कार्यान्वयन तथा उपयोग में हासिल की गई प्रगति परिलक्षित होती है।
  • ई-शासन केन्द्र में आम आदमी तक पहुँचने के लिए महत्वपूर्ण संगोष्ठियों/सम्मेलनों तथा इसी प्रकार के अन्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। राष्ट्रीय ई-शासन योजना के तहत ई-शासन केन्द्र जागरूकता तथा संचार कार्यकलापों का एक हिस्सा है तथा राष्ट्रीय ई-शासन योजना के तहत नागरिकों को एक ही स्थान पर वृहद सूचना प्रदान करना इसकी उपलब्धि है।

ई-शासन संपुष्टि जाँच केन्द्र (ई. जी. सी. ए.) (E-Governance Confirmation Check Centre (EGCA) )

इस परियोजना के जरिये भारत सरकार से जाँच, लेखा परीक्षा और प्रमाणपत्र की सेवाएँ प्रदान करने के लिए देशभर में केन्द्रों (यथा: चेन्नई, बेंगलुरू, हैदराबाद, दिल्ली, कोलकाता, पुणे/मुंबई, गोवाहाटी) में 7 ई-शासन संपुष्टि केन्द्र (ई. जी. सी. ए.) स्थापित किए हैं।

इस परियोजना का उद्देश्य सूचना सुरक्षा, सॉफ्टवेयर क्वालिटी, आई. टी. सेवा क्वालिटी, वेबसाइट आदि के कानूनी और नैतिक मुद्दों के क्षेत्रों में तकनीकी और कानूनी विशेषज्ञों के साथ दक्षता, ज्ञान और अनुभव के संदर्भ में मूलभूत ढाँचे का सृजन करना है। ईजीसीए केन्द्र निम्नलिखित के तहत कवर होने वाले क्षेत्रों को कवर करने वाली विभिन्न ई-शासन परियोजनाओं (मिशन मोड और अन्य परियोजनाओं दोनों) को सेवाएँ मुहैया कर रहे हैं:

  • एनआईसी के साथ स्मार्ट कार्ड प्रमाण-पत्र
  • वेबसाइट गुणवत्ता प्रमाण-पत्र
  • वेबसाइट डिजाइनर और डेवलपर का क्षमता अनुमोदन
  • सूचना सुरक्षा प्रबंधन प्रमाण-पत्र
  • सूचना तकनीक सेवा प्रबंधन प्रमाण-पत्र
  • सॉफ्टवेयर जाँच और गुणवत्ता मूल्यांकन

ओपन टैक्नोलॉजी सेंटर (ओ. टी. सी.) (Open Technology Centre (OTC) )

  • ओपन टैक्नोलॉजी सेंटर की स्थापना मार्च, 2007 में चेन्नई में राय इन्फामेंटिक्स सेंटर के प्रभाग के रूप में की गई, जिसे डीआईटी, एमआईसीटी से वित्त पोषण प्राप्त होता है।
  • ओटीसी का विजन ई-शासन और कूटनीतिक अनुप्रयोगों एवं सेवाओं में ओपन प्रौद्योगिकी अपनाने को आसान बनाना और साथ ही विभिन्न ज्ञान-आधारित सेवाएँ और उत्पाद प्रभावी तौर पर मुहैया कराना है। इससे ई-प्रशासन सेवाएँ नागरिकों तक वृहद तबके को प्रभावी रूप से पहुँचती हैं, चाहे वे दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्र में निवास करते हों।