Public Administration: Nutrition Programme for Adolescent Girls

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केंद्र व राज्य दव्ारा समाज के असुरक्षत तबकों के लिए कल्याण योजनाएँ (Welfare Schemes for the Vulnerable Sections of the Population by the Centre and State)

किशोरी शक्ति योजना (KSY) (Kishori Shakti Yojana (KSY) )

योजना की प्रमुख विशेषताएँ (Salient Features of this Yojana)

  • इस योजना का लक्षित समूह 11 - 18 वर्ष की किशोरियाँ हैं।
  • 11 - 18 वर्ष की बालिकाओं के पोषण व स्वास्थ्य में सुधार।
  • शिक्षा के अनौपचारिक माध्यम से वांछित साक्षरता और अंकीय कौशल को प्राप्त करना, सामाजिक दायरे को बढ़ाना और उनकी निर्णय लेने की क्षमता को बेहतर करना।
  • किशोरियों को व्यावसायिक और गृह-आधारित कौशल को सुधारने के लिए प्रशिक्षित करना।
  • स्वास्थ्य, सफाई, पोषण व परिवार कल्याण, गृह नियोजन और बच्चों की देखभाल के प्रति जागरूक बनाना और इसकी पूरी कोशिश करना कि वे 18 वर्ष या इसके बाद विवाह करें।
  • अपने वातावरण से संबंधित सामाजिक मुद्दों और उनके जीवन पर उसके प्रभाव के संबंध में एक बेहतर समझ बनाना।
  • किशोरियों को समाज का उपयोगी व उत्पादक नागरिक बनने के लिए प्रोत्साहित करना।

किशोरी बालिकाओं हेतु पोषण कार्यक्रम (NPAG) [Nutrition Programme for Adolescent Girls (NPAG) ]

  • देश में किशोरियों और स्तनपान कराने वाली माताओं की कुपोषण संबधी समस्या के समाधान हेतु वर्ष 2002 - 03 में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 51 जिलों में किशोरी बालिकाओं हेतु पोषण कार्यक्रम (NPAG) लागू किया गया।
  • इस योजना के तहत किशोरी बालिकाओं, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को 6 किग्रा. अनाज दिया जाता था। अर्हता उनके वजन के आधार पर तय की जाती थी। 2003 - 04 में भी यह पायलट प्रोजेक्ट चलता रहा। परन्तु 2004 - 05 में इसे जारी नहीं रखा जा सका। सरकार ने (NPAG) को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय दव्ारा लागू किए जाने को मान्यता दी और 2005 - 06 में योजना आयोग दव्ारा चिन्हित 51 पिछड़े जिलों में केवल कुपौषित किशोरियों को 6 किग्रा. मुफ्त अनाज देने का प्रावधान किया (गर्भवती एवं स्तनपान करा रही महिलायें इसमें शामिल नहीं क्योंकि इन्हें ICDS में शामिल किया गया है) । 100 प्रतिशत धनराशि केन्द्रीय सहायता के रूप में राज्यों/संघ राज्यों को दी जाती है ताकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली दव्ारा चिन्हित कुपोषित व्यक्तियों को अनाज दिया जा सके।

इस कार्यक्रम के प्रावधान (Salient Features of this Programme)

  • प्रति लाभार्थी को प्रति माह 6 किग्रा मुफ्त अनाज (राज्य के खपत प्रतिरूप के आधार पर गेहूँ/चावल/मक्का आदि) ।
  • लाभार्थियों और उनके परिवारों को पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा।
  • इस योजना का लक्षित समूह किशोरिया (11 - 19 वर्ष) है, जिनका वजन 35 किग्रा से कम हैं।
  • आँगनवाड़ी कार्यकर्ता को समुदाय में किशोरियों का वजन वर्ष में 4 बार मापना चाहिए। 35 किग्रा. से कम की किशोरियों की पहचान होनी चाहिए, इस तथ्य से इतर कि वे किस परिवार या वित्तीय स्तर से संबंध रखती हैं।

अनुसूचित जातियों, शोषित वर्ग, अल्पसंख्यकों व अनुसूचित जनजातियों की बेहतरी एवं संरक्षण हेतु तंत्र, कानून, संस्थायें और संवैधानिक निकाय (Mechanism, Law, Institutions and Constitutional Bodies for the Betterment and Protection of Scheduled Castes, Depressed Class, Minorities and Scheduled Tribes)

अनुसूचित जाति (Schedule Castes)

परिचय (Introduction)

  • जनगणना 2011 के अनुसार अनुसूचित जाति की जनसंख्या का प्रतिशत 16.6 प्रतिशत है जबकि 2001 - 11 के दौरान इसमें 20.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। ये वे लोग हैं जो अंतिम वर्ण जिसे ‘शुद्र’ अथवा ‘अवर्ण’ अन्त्यज कहा गया है; के अंतर्गत आते हैं। ‘अनुसूचित जाति’ शब्द सर्वप्रथम साइमन कमीशन दव्ारा प्रयुक्त हुआ और 1935 के भारत शासन अधिनियम (एक्ट) से अस्तित्व में आया। 1935 के पहले इन्हें ‘अस्पृश्य’ अथवा निम्न वर्ग के अंतर्गत रखा जाता था।
  • उच्च जाति के लोगों दव्ारा सामाजिक-आर्थिक और सांस्कृतिक भेदभाव की शिकार अस्पृश्य कही जाने वाली जातियों की पहचान हेतु ब्रिटिश सरकार ने शोषित वर्ग (Depressed Class) शब्द का प्रयोग किया था। 1908 में भारत के वायसराय लॉर्ड मिंटो ने हिन्दू जनसंख्या को तीन वर्गों हिन्दू जनजातीय एवं शोषित वर्ग में बाँटने का सुझाव दिया। 1931 में अंबेडकर ने दव्तीय गोलमेज सम्मेलन में ‘शोषित वर्ग’ का नाम बदलकर ‘अनुसूचित जाति’ करने का प्रस्ताव रखा। 1935 में अनुसूचित जाति शब्द को अपना लिया गया ताकि सामाजिक-आर्थिक रूप से पीड़ित इस वर्ग को कुछ सुरक्षा उपलब्ध कराई जा सके।
Schedule Castes

भारत में 1208 से अधिक जातियों को अनुसूचित जाति के अंतर्गत रखा गया है, ये लोग प्रत्येक स्तर पर समस्याओं को झेलते हैं। इसलिए संविधान में सभा में वाद-विवाद के दौरान अम्बेडकर ने कहा था “हम सब यही कामना करते हैं कि इस दुर्भाग्यशाली वर्ग को भी बिना किसी अवरोध के अन्य समुदाय के समान ही अधिकार मिलें।”

भारत में अनुसूचित जातियों की सुरक्षा हेतु संवैधानिक रक्षोपाय और प्रावधान (Constitutional Safeguards and Provisions for Scheduled Castes in India)

अनुसूचित जातियों से संबंधित संवैधानिक प्रावधान (Constitutional Provisions Relating to Scheduled Castes)

परिभाषा (Definition)

  • अनुच्छेद 341 अनुसूचित जाति
  • अनुच्छेद 366 परिभाषाएँ

सामाजिक रक्षोपाय के मानक (Social Safeguards Standards)

  • अनुच्छेद 17 अस्पृश्ता का अंत
  • अनुच्छेद 25 अंत: करण की और धर्म के अबाध से मानने, आचरण और प्रचार करने की स्वतंत्रता।

शैक्षणिक, आर्थिक व लोक नियोजन संबंधी रक्षोपाय (Safeguards Related to Educational, Economic and Public Planning)

  • अनुच्छेद 15 धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर विभेद का प्रतिषेध
  • अनुच्छेद 16 लोक नियोजन के विषय के अवसर की समता
  • अनुच्छेद 46 अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य दुर्बल वर्गों के शिक्षा और अर्थ संबंधी हितों की अभिवृद्धि
  • अनुच्छेद 320 लोक सेवा आयोगों के कृत्य
  • अनुच्छेद 335 सेवाओं और पदों के लिए अनुसूचित जातियों और जनजातियों के दावे

राजनैतिक रक्षोपाय (Political Safeguards)

  • अनुच्छेद 330 लोक सभा में अनुसूचित जातियों और जनजातियों के लिए स्थानों का आरक्षण
  • अनुच्छेद 332 राज्यों की विधान सभाओं में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जातियों के लिए स्थानों का आरक्षण
  • अनुच्छेद 243 घ स्थानों का आरक्षण (पंचायतों में)
  • अनुच्छेद 343 ट स्थानों का आरक्षण (नगरपालिकाआंे में)

रक्षोपायों की निगरानी के लिए एजेंसी (Agency to Monitor Safeguards)

अनुच्छेद 338 राष्ट्रीय अनुसूचित जाति

अनुसूचित जातियों की परिभाषा (Definition of Scheduled Castes)

“अनुसूचित जातियों” को भारत के संविधान के अनुच्छेद 366 (24) में इसे प्रकार परिभाषित किया गया है, “अनुसूचित जातियों” से ऐसी जातियों, मूलवंश या जनजातियों अथवा ऐसी जातियों, मूलवंशों या जनजातियों के भाग या उनमे के यूथ अभिप्रेत हैं जिन्हें इस संविधान के प्रयोजनों के लिए अनुच्छेद 341 के अधीन अनुसूचित जातियाँं समझा जाता हैं।

किसी जाति का अनुसूचित जाति के रूप में विनिर्देशन (Specification of a Caste as Scheduled Caste)

संविधान के अनुच्छेद 341 में एक अनुसूचित जाति के रूप में किसी जाति के विनिर्देशन का प्रावधान है तथा जिसका पाठ इस प्रकार है-

341 अनुसूचित जातियाँ (341 Scheduled Castes)

  • राष्ट्रपति किसी राज्य अथवा संघ शासित प्रदेश के संबंध में तथा उस राज्य के राज्यपाल के परामर्श के पश्चात्‌, सार्वजनिक सूचना दव्ारा जातियों, मूलवंशों अथवा जनजातियों या उनके भागों अथवा जातियों , मूलवंशों, या जनजातियों के बीच समूहों को जो इस संविधान के प्रयोजनों के लिए, उस राज्य अथवा संघ शासित प्रदेश जैसा भी मामला हो, के संबंध में अनुसूचित जाति माना जाएगा।
  • संसद खंड (1) के तहत जारी अधिसूचना में विनिर्दिष्ट अनुसूचित जातियों को सूची में विधि दव्ारा किसी जाति, मूलवंश या जनजाति अथवा इसके भाग या किसी जाति, मूलवंश या जनजाति के भीतर समूह शामिल कर सकती है या हटा सकती है, किन्तु उल्लिखित को छोड़कर, उल्लिखित खंड के तहत जारी किसी अधिसूचना को किसी उत्तरवर्ती अधिसूचना दव्ारा परिवर्तित नहीं किया जाएगा।

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