Public Administration 2: State Wise Distribution of Scheduled Tribe Population

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केन्द्र व राज्य दव्ारा जनसंख्या के असुरक्षित वर्ग के लोगों हेतु कल्याणकारी योजनाएँ (Welfare Schemes for the Vulnerable Sections of the Population by the Centre and State)

अनुसूचित जाति (Scheduled Tribe)

मुख्य तथ्य (Key Facts)

भारत में अनुसूचित जनजातियाँ: 2011

(मिलियन अर्थात लाख में)

Scheduled Tribe
लिंग20012011विचलन (%)
व्यक्ति84.3104.3+ 23.7 %
पुरूष42.652.4+ 22.9 %
महिलाएँ41.751.9+ 24.4 %

अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या का राज्यवार वितरण-2011 (State Wise Distribution of Scheduled Tribe Population-2011)

State Wise Distribution of Scheduled Tribe Population

अनुसूचित जनजाति के अनुपात के अनुसार राज्य/संघ राज्य क्षेत्रों की स्थिति-2011 (Status of State/Union Territories as Per Scheduled Tribes Ratio-2011)

Status of State/Union Territories as Per Scheduled Tribes Ratio-2011
Top 5 States/UtsBottom 5 States/Uts
लक्षदव्ीप94.8 %उत्तर प्रदेश0.6 %
थ्मजोरम94.4 %तमिलनाडु1.1 %
नागालैंड86.5 %बिहार1.3 %
मेघालय86.1 %केरल1.5 %
अरुणाचल प्रदेश68.8 %उत्तराखंड2.9 %

जनजातीय उप-योजना (TSP) [Tribal Sub Plan (TSP) ]

  • जनजातीय उप-योजना रणनीति सर्वप्रथम 5वीं पंचवर्षीय योजना में प्रारंभ हुई थी ताकि जनजातीय क्षेत्रों और समुदायों के एकीकृत विकास पर केन्द्रीकृत होकर जोर दिया जा सके। तेजी से विकसित हो रहे विश्व में जनजातियों को न केवल वित्तीय आवंटन चाहिए अपितु इनके तीव्र सामाजिक, आर्थिक विकास पर भी विशेष ध्यान दिये जाने की आवश्यकता है।
  • जनजातीय उपयोजना जनजातीय और गैर -जनजातीय लोगों में स्वास्थ्य, शिक्षा, संचार और जीवन की अन्य मूलभूत आवश्यकताओं में मौजूद अंतर को कम करने पर जोर देती है। उपयोजना, जनजातियों के अभिज्ञान और कौशल को ध्यान में रखते हुए संपोषणीय आधार पर इस वर्ग की आय बढ़ाने हेतु आय उत्पादक योजनायें भी लागू करती है। हालाँकि जनजातीय कल्याण हेतु TSP में धन आवंटन क्रमिक रूप से बढ़ाया गया है, परन्तु राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों दव्ारा आवंटित धन अधिकांशत: काल्पनिक होता है क्योंकि मूल खर्च आवंटन का आधा भी नहीं होता।
  • योजना आयोग ने 2006 के अंत में केन्द्रीय मंत्रालयों और विभागों के लिए TSP के निर्माण, उसे लागू करने और निगरानी करने हेतु दिशा निद्रेश दिये हैं। 9वीं पंचवर्षीय योजना के अंत तक TSP को दी जाने वाली विशेष केन्द्रीय सहायता (Special Central Assistance-SCA) का उद्देश्य जनजातीय उपयोजना में परिवार आधारित आय उत्पादक गतिविधियों में व्याप्त गंभीर अंतरालों को कम करना है। TSP, विकासात्मक गतिविधियों को वैधानिक और प्रशासनिक विकास योजनाओं/एकीकृत जनजाति विकास एजेंसियों (Integrated Tribal Development Agencies-ITDAs) , 259 संशोधित क्षेत्र विकास दृष्टिकोण (Modified Area Development Approach -MADA) और 82 समूहों के माध्यम से बढ़ावा देता है। जनजातीय उप-योजना के लाभ अत्यंत विरल जनजातीय जनसंख्या वाले क्षेत्रों तक भी पहुँचायें जाते हैं।

जनजातीय उप-योजना हेतु विशेष केन्द्रीय सहायता (Special Central Assistance for Tribal Sub-Plan)

  • TSP की सहयोगी के रूप में भारत सरकार ने राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों में 1974 में विशेष केन्द्रीय सहायता (Special Central Assistance-SCA) योजना का प्रारंभ अंतरालों को धरने, विशेषकर परिवार आधारित आय उत्पादक कार्यक्रमों में विद्यमान अंतराल को भरने के लिए किया था। परिणामस्वरूप 9वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान सभी विकासात्मक योजनाओं में STs के लाभ का हिस्सा बढ़ने के साथ-साथ इनके लिए आवंटित होने वाले धन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
  • जनजातीय उप-योजना (TSP) के लिए विशेष केन्द्रीय सहायता (SCA) जनजातीय मामलों के मंत्रालय दव्ारा 21 जनजातीय उप-योजना वाले राज्यों को प्रदान की जाती है, जिसमें पूर्वोत्तर के असम, मणिपुर और त्रिपुरा भी शामिल है। 2003 - 04 से गृह मंत्रालय TSP की SCA योजना के अधीन संघ राज्य क्षेत्रों के लिए धन आवंटित कर रहा है। विशेष केन्द्रीय सहायता (SCA) , TSP (जनजातीय उप-योजना) के साथ उपयोग में लाई जा रही है ताकि उन अंतरालों को भरा जा सके, जिनका राज्य योजना में ध्यान नहीं रखा जाता है। SCA को TSP के अधीन लाने का मुख्य उद्देश्य के अंतर्गत आने वाली आय उत्पादक गतिविधियों में व्याप्त अंतराल को कम करना था। 10वीं पंचवर्षीय योजना से TSP के अधीन SCA का उद्देश्य और विषय क्षेत्र आय उत्पादन से जुड़ी अवसरंचना को अपने दायरे में लाना था।

St विद्यार्थियों के लिए उत्कृष्ट शिक्षा (Top Class Education for st Students)

ST छात्रों हेतु वर्ष 2007 - 08 में प्रारंभ यह केन्द्रीय क्षेत्र की छात्रवृत्ति योजना है, जिसका उद्देश्य लगनशील ST छात्रों को प्रोत्साहित करना है ताकि वे स्नातक और परास्नातक स्तर की डिग्री जनजातीय मामलों के मंत्रालय दव्ारा चिन्हित संस्थानों से प्राप्त कर सकें।

उत्कृष्ट शिक्षा योजना के प्रमुख बिन्दु (Salient Features of Top Cass Education Scheme)

  • यह लगनशील/सराहनीय ST विद्यार्थियों को, जिन्हें चिन्हित गुणवत्ता प्राप्त शैक्षिणिक संस्थानों में दाखिला मिला है, का सहयोग करती है।
  • एक बार दी गई छात्रवृत्ति पाठयक्रम समाप्त होने तक मिलेगी।
  • छात्रवृत्ति के तहत दिये जाने वाले ट्‌यूशन फीस, रहने का खर्च, पुस्तकों हेतु अनुदान और अन्य सामग्री के साथ-साथ कम्प्यूटर खरीदने के लिए अनुदान मिलेगा।
  • नियमानुसार 100 प्रतिशत धन जनजातीय मामलों का मंत्रालय देगा।
  • जनजातीय मामलों के मंत्रालय दव्ारा धन राशि संबंधित संस्थान को प्रत्यक्ष रूप से दी जाएगी।

जनजातीय क्षेत्रों में व्यावसायिक प्रशिक्षण केन्द्र (Vocational Training Centres in Tribal Areas)

इस योजना का मुख्य उद्देश्य विभिन्न पारंपरिक/आधुनिक व्यवसायों में जनजातीय युवाओं के कौशल को बढ़ाना है। इसका आधार उनकी शैक्षणिक योग्यता, मौजूदा आर्थिक प्रतिरूप/प्रचलन और बाजार क्षमता है, जो कि उन्हें संपोषणीय रोजगार देने में अथवा स्वरोजगार पाने में उन्हें सक्षम बनाएगा। यह योजना 1992 - 93 में प्रारंभ हुई थी, जिसे 1.4. 2009 से संशोधित कर पुन: शुरू किया गया।

विशेषताएँ (Salient Features)

  • योजना को राज्य सरकारें/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन, स्वायत संस्थाओं के रूप में सरकार दव्ारा स्थापित संस्थायें या संगठन, शैक्षणिक व अन्य संस्थान जैसे स्थानीय निकाय, सहयोगी समाज और गैर सरकारी संगठन आदि लागू करते हैं।
  • योजना विशेष रूप से अनुसूचित जनजातियों और साथ ही आदिम जनजातीय समूह (Primitive Tribal Groups-PTGs) के लाभ के लिए है और देश में कहीं भी प्रारंभ की जा सकती है परन्तु प्राथमिकता दूर के जनजातीय क्षेत्रों (जिनमें असुरक्षित/संकटग्रस्त जनजातियाँ रहती हों) और अतिवादी गतिविधियों से प्रभावित क्षेत्रों को दी जाएगी।
  • प्रत्येक व्यावसायिक प्रशिक्षण केन्द्र की क्षमता 100 या अधिक होगी, उदाहरणत: एक ट्रेड हेतु न्यूनतम 20 व्यक्ति होंगे। जहाँ तक संभव हो न्यूनतम 33 प्रतिशत स्थान जनजातीय बालिकाओं हेतु आरक्षित होंगे।
  • प्रत्येक प्रशिक्षु अर्द्ध-शहरी क्षेत्र मे 6 माह के लिए पारंगत शिल्पी से इसका कौशल प्रायोगिक अनुभव दव्ारा सीखने के लिए संबंद्ध होगा।

1992 - 93 में प्रारंभ यह योजना ST बालिकाओं हेतु कक्षा I से V तक आवासीय शैक्षणिक संस्थाएँ खोलने पर जोर देती है, जिसमें जनजातीय स्त्रियों की साक्षरता बढ़ाने के लिए सुविधा हो।

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