Public Administration: Importance and Use of E-Governance

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भूख, निर्धनता व विकास से संबंधित मुद्दे (Issues Relating to Hunger, Poverty and Development)

ई-शासन का महत्व (Importance of E-Governance)

  • ई-शासन नागरिक सेवाओं का रूपांतरण कर सकती है, नागरिकों के सशक्तिकरण के लिए सूचनाएँ प्रदान कर सकती है, सरकार में उसकी सहभागिता संभव बना सकती है और आर्थिक एवं सामाजिक अवसर का लाभ उठाने के लिए उन्हें सक्षम बना सकती है। संचार एवं सूचना प्रौद्योगकी उपकरण पुराने संस्थागत ढाँचे में नये आयाम जोड़ रहा है। देश में प्रभावी ई-शासन के लिए सूचनायुक्त और सहभागी समुदाय का होना बहुत जरूरी है।
  • ई-शासन एक व्यापक अवधारणा है। यह सूचना एवं संचार तकनीक का इस्तेमाल करके सरकार तथा उसके संगठनों, संस्थानों और समाज के बीच भागीदारी बढ़ाने का काम करता है। इसके माध्यम से सरकार तथा दूसरी राजनीतिक पार्टियाँ अपने सिद्धांत, कार्य, कार्यक्रम तथा मंत्रालयों से संबंधित जनोपयोगी समाचार और सूचनाएँ मुहैया कराती हैं। यह सरकार का इलेक्ट्रॉनिक प्रचार माध्यम है।

ई-शासन का प्रयोग (Use of E-Governance)

  • ई-शासन का उपयोग सरकारी सेवाओं को उपलब्ध कराने में, सूचना के आदान-प्रदान में, संवाद प्रेषण में, सरकार तथा नागरिकों (जी. टू. सी.) तथा सरकार एवं व्यवसाय (जी. टू. बी) के बीच विभिन्न व्यवस्था एवं सेवाओं को एकीकृत करने, एक विभाग के भीतर तथा सरकार के भीतर विभिन्न स्तरों पर सूचनाओं के आदान-प्रदान करने में किया जाएगा।
  • ई-शासन के माध्यम से नागरिकों को सरकारी सेवाएँ, उपयुक्त, प्रभावी और पारदर्शी से उपलब्ध करायी जाएगी। सरकारी कर्मचारियों को तकनीक और संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी के प्रयोग के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य है, प्रौद्येगिकी आधारित प्रशासन के माध्यम से उन्हें जिम्मेदार बनाया जाए।

ई-शासन का लक्ष्य (Goal of E-Governance)

ई-शासन का लक्ष्य कर्मचारियों की क्षमता में वृद्धि करना, उनकी कार्य प्रणाली में पारदर्शिता लाना, सरकारी व्यवस्था में नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करना, संचार एवं सूचना के माध्यम से ई-शासन स्वच्छ प्रशासन, विश्वास और उत्तरदायित्व, नागरिक कल्याण, लोकतंत्र, राष्ट्र के आर्थिक विकास को सशक्त बनाना है।

Goal of E-Governance

ई-शासन: केन्द्र बिन्दु (E-Governance: Focal Point)

  • ई-शासन: केन्द्र बिन्दु सेवा वितरण तंत्र सुधार पर विशेष ध्यान देना, उत्पादन की क्षमता में वृद्धि करना, बड़े स्तर पर सूचनाओं के प्रयोग पर जोर देना है।
  • पिछले कुछ वर्षों के दौरान राज्य सरकारों और केन्द्रीय मंंत्रालयों दव्ारा ई-शासन के युग में प्रवेश के लिए बहुत से प्रयास किए जाते रहे हैं। जनता को सेवाएँ प्रदान करने में, सुधार करने और उन तक पहुँचने की प्रक्रिया के सरलीकरण के लिए कई स्तरों पर लगातार प्रयास किए गए हैं।

ई-शासन से भ्रष्टाचार पर लगाम (E-Governance Curbs Corruption)

  • भ्रष्टाचार का मुख्य कारण आम लोगों के पास सूचनाओं का अभाव है। जब सूचनाएँ ऑनलाइन होने लगेगी तो कोई भी व्यक्ति जनता से सूचनाएँ छिपा नहीं सकेगा।
  • इसके माध्यम से व्यक्ति घर बैंठे कंप्यूटर के माध्यम से संबंधित अधिकारी से अपने कार्य के बारे में सूचना हासिल कर सकेंगे। सवाल पूछ सकेगे। ऐसे में जब कोई अधिकारी लोगों के प्रत्यक्ष संपर्क में नहीं रहेगा। तो घूस मांगने की संभावना भी नहीं रहेगी। कार्य भी उसकी अधिक दिनों तक टाला नहीं जा सकेगा क्योंकि सब कुछ रिकॉर्ड में रहेगा। अभी तक भ्रष्टाचार का एक बड़ा कारण यह है कि अधिकारी, अक्सर लोगों के कार्यो को लटाकाकर धन की उगाही कर लेते हैं। इसके माध्यम से शासकीय कार्य व्यवहार, सूचना, सेवा, सुविधा व्यवसाय तक आम जनता की पहुँच सुलभ होती है। इस प्रणाली में सूचना संचार प्रौद्योगिकी के इंटरनेट, मोबाइल फोन जैसे साधनों का समावेशन होता है।

ई-शासन के लाभ एवं सफलताएँ (Benefits and Successes of E-Governance)

  • यह शासन सरकार एवं लोगों के बीच सहज संवाद का प्रतीक है। विभिन्न द्रुतगामी संचार माध्यमों जैसे इंटरनेट, ई-मेल आदि तकनीकी उपकरणों की सहायता से सरकार अपने नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित करने में सक्षम है।
  • दूरदराज एवं पिछड़े क्षेत्रों को शहरों में स्थित सरकारी दफ्तरों से जोड़कर दूरी को कम कर पाना संभव हो पाया है जिससे आमजन का पैसा तथा समय की बचत संभव हो पाएगी।
  • प्रशासनिक, जिम्मेदारी में पारदर्शिता तथा जनभागीदारी संभव हो सकेगी एवं सूचना के अधिकार को कार्यरूप में परिणत कर पाना संभव हो सकेगा।
  • प्रशासन के निर्णयों में गतिशीलता आएगी, नौकरशाही का बोझ कम हो पाएगा, कर्मचारियों एवं लागत में कटौती संभव होगी, बेहतर समन्वय स्थापित हो पाएगा, भ्रष्टाचार में कमी आएगी एवं सरकारी राजस्व वसूली पर्याप्त रूप से हो सकेगी जैसे-गुजरात सड़क परिवहन विभाग की कंप्यूटरीकृत चेक पोस्ट परियोजना के कारण गुजरात के 10 चुंगी वसूली केन्द्रों पर भ्रष्टाचार शून्य स्तर पर पहुँच गया। अंत में, ई-अधिशासन सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के सृजनात्मक प्रयोग दव्ारा सुविधायुक्त अधिशासन में सुधार से संबंधित है।
  • प्रारंभिक चरण में, प्रपत्रों, कानूनों, नियमों, कार्यविधियों जैसे अधिशासन के साधारण पहलुओं के संबंध में सूचना उपलब्ध कराई जाएगी, जो बाद में रिपोर्टों (कार्यनिष्पादन रिपोर्टों सहित) सरकारी डाटाबेस, निर्णय लेने की प्रक्रिया आदि सहित विस्तृत एवं प्रक्रियाओं के स्वचालन दव्ारा समर्थित सार्वजनिक सेवाओं की ऑनलाइन और एक-स्थलीय अभिगम्यता के परिणामस्वरूप समय, प्रयास और धनराशि में बचत के रूप में तत्काल प्रभाव होगा। ई-अधिशासन का अंतिम उद्देश्य जीवन चक्र दृष्टिकोण अपनाकर अर्थात नागरिकों को वैसी सार्वजनिक सेवाएँ, जिनकी जन्म से लेकर मृत्यु तक अपेक्षा होगी, प्रदान करके नागरिकों तक पहुँचाना है।
  • सरकार में सरलता, क्षमता और जिम्मेदारी आ सकेगी तथा अनावश्यक प्रक्रियाओं की छँटाई, संरचनाओं में सरलीकरण और संविधियों एवं विनियमों में परिवर्तन हो सकेगा। अंतिम परिणाम सरकार के कार्यकरण का सरलीकरण, निर्णय लेने का वर्धित सामर्थ्य और संपूर्ण सरकार में वर्धित क्षमता होगी, जो एक अधिक जिम्मेवार सरकारी तंत्र के समग्र वातावरण में योगदान करेंगे। इसके फलस्वरूप सभी क्षेत्रों में वर्धित उत्पादकता और क्षमता परिलक्षित होगी।
  • दूरभाष नेटवर्क के विस्तार, मोबाइल टेलीफोन सेवाओं में तीव्र विकास, इंटरनेट के विस्तार और अन्य संचार अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण से सरकार दव्ार प्रदान की जाने वाली अनेकों सेवाओं की सुपुर्दगी सुविधाजनक होगी। सरकार की स्थानिक और जनसांख्यिकीय दोनों पहुँच में यह वृद्धि अधिशासन की प्रक्रिया में नागरिकों की बेहतर भागीदारी भी समर्थ बनाएगी।
Benefits and Successes of E-Governance
  • सूचना ग्राम अनुसंधान परियोजना का जो अनुभव रहा है, उससे पता चलता है कि ग्रामीण जन बिना ज्यादा पढ़े लिखे आईसीटी का ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं। संस्थागत संपर्कों के निर्माण से गरीबी दूर करने के प्रयासों में काफी मदद मिली है। इस क्रम में, विभिन्न स्तरों पर सरकारी संरचना निर्बाध और परस्पर सहयोगी ढंग से काम करती है। ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे इन परिवर्तनों का श्रेय आंशिक रूप से ई-प्रशासन परियोजनाओं के कार्यान्वयन को दिया जा सकता है।
  • ई-प्रशासन के जो सबसे महत्वपूर्ण लाभ हैं वे है- सरकारी सेवाओं और कामकाज की कार्यकुशलता में वृद्धि, प्रदान की जाने वाली सेवाओं की गुणवत्ता और संख्या में वृद्धि, लोगों की सेवा पर जोर देते हुए विभिन्न मंत्रालयों की सरकारी सेवाओं का एकीकरण, नीतिगत लक्ष्य प्राप्ति से सहायता, सरकारी सुधारों में योगदान विशेषकर भ्रष्टाचार और बर्बादी रोकने में संचार और फीडबैक को सरल बनाकर सरकार और नागरिकों के बीच लोकतांत्रिक संवाद को बनाए रखना।
  • इसकी लागत में कमी और कार्यकुशलता में सुधार, व्यापारियों और ग्राहकों को दी जाने वाली सेवा की गुणवत्ता में सुधार, पारदर्शिता, भ्रष्टाचार विरोध, उत्तरदायित्व, सरकार की क्षमता में वृद्धि, नेटवर्क और समुदाय की रचना, निर्णय प्रक्रिया की गुणवत्ता में सुधार समाज के अन्य क्षेत्रों में आईसीटी के उपयोग को बढ़ावा देना शामिल है।

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