देश के संस्कृति विश्वविद्यालय यूनेस्कों के दव्ारा संचालित क्रिएटिव (रचनात्मक) सिटी (शहर) नेटवर्क (जाल तंत्र) (Country Culture university Creative City Network Powered By UNESCO – Culture)

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• देश में चार ऐसे शिक्षण संस्थान हैं जिन्हें संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत विश्वविद्यालय घोषित किया गया है, जो निम्न हैं:

1. नव नालंदा महाविहार, नालंदा।

2. केन्द्रीय बौद्ध अध्ययन संस्थान, लेह, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर।

3. राष्ट्रीय संग्रहालय संस्थान, नई दिल्ली।

4. तिब्बती अध्ययन केन्द्रीय विश्वविद्यालय, सारनाथ, वाराणसी, उत्तर प्रदेश।

यूनेस्कों के दव्ारा संचालित क्रिएटिव (रचनात्मक) सिटी (शहर) नेटवर्क (जाल तंत्र) (Creative City Network Powered by UNESCO – Culture)

• वर्ष 2004 मेंं शुरू किए गए वर्तमान में 116 सदस्य शहरों को मिलाकर बने यूनेस्को के क्रिएटिव सिटी नेटवर्क के संचालन का उद्देश्य टिकाऊ शहरी विकास, सामाजिक समावेशन और सांस्कृतिक जीवंतता के लिए उत्प्रेरक के रूप में आवश्यक रचनात्मकता का विकास करने के साथ ही इससे संबंधी निवेश करने के लिए प्रतिबद्ध शहरों के बीच अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना हैं।

• टिकाऊ शहरी विकास के लिए वर्ष 2015 में स्वीकार किये गए एजेंडा (कार्यसूची) 2030 में संस्कृति और रचनात्मकता पर सतत विकास के दो मुख्य आधारों के रूप में प्रकाश डाला गया है।

• यूनेस्कों क्रिएटिव शहर नेटवर्क में शहरों को सात रचनात्मक क्षेत्रों के आधार पर संबंद्ध करता है जिसमें शिल्प और लोक कला, डिजाइन (रूपरेखा), फिल्म (चलचित्र), पाक कलाएं, साहित्य, मीडिया (संचार माध्यम) कला और संगीत सम्मिलित हैं।

• जयपुर और वारणसी हाल ही क्रमश: हस्तशिल्प एवं लोक कला तथा संगीत के शहरों के रूप में क्रिएटिव सिटी नेटवर्क से जोड़े गए हैं।

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