नारिकुरावा जनजाति (Narikurava the Tribe – Culture)

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सुर्ख़ियों में क्यों?

§ वे हाल ही में केंद्र सरकार दव्ारा अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में शामिल किये गये है।

§ इनमें क्रमिक परिवर्तन देखने को मिल रहा है जैसे उन्हें अपने समुदाय से पहला इंजीनियर (अभियंता) हाल ही में मिला है।

§ अनुसूचित जनजाति सूची में उनके शामिल किए जाने से उनके लिए शैक्षिक और रोजगार के नये अवसर खुल जाएँगे। इस वंचित समुदाय को मुख्यधारा में लाने के लिए अधिक सकारात्मक कार्रवाई आवश्यक हैं।

वह कौन हैं?

§ नारिकुरावा तमिलनाडु राज्य का एक समुदाय है।

§ यह भारत में सबसे अधिक सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े समुदायों में से एक है।

समुदाय के समक्ष

• उनकी परंपरागत आजीविका शिकार है। लेकिन उन्हें जंगलों में प्रवेश करने से रोक दिया गया था इसलिए वे अपनी आजीविका के लिए मनके वाले गहने बेचने लग गए।

• ब्रिटिश शासन के दौरान उन्हें आपराधिक जनजाति अधिनियम, 1871 के तहत रखा गया था, हालांकि आजादी के बाद उन्हें वहां से हटा दिया गया लेकिन वह लांछन अभी भी है।

• उन्हें तमिलनाडु में सामाजिक न्याय आंदोलन से फायदा नहीं हुआ क्योंकि उन्हें वहाँ की मातृभूमि की संतान नहीं माना जाता। उन्हें एक विशष्ट बोली बागिरिबोली बोलने वाले और महाराष्ट्र से आये हुए प्रवासी माना जाता है।

अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने के लिए प्रक्रिया

• इन मानदंडों में आदिम लक्षण के संकेत, विशिष्ट संस्कृति, भौगोलिक अलगाव, समुदाय के साथ संपर्क में बड़े स्तर पर शर्म और पिछड़ापन शामिल है।

• अनुसूचित जनजातियों को संविधान के अनुच्छेद 342 के तहत निर्दिष्ट किया गया है।

• राज्य सरकार/संघ राज्य क्षेत्रों के प्रस्तावों पर भारत के महापंजीयक (आरजीआई) और अनुसूचित जनजातियों के लिए राष्ट्रीय आयोग (एन. सी. एस. टी.) की सहमति आवश्यक है।

यूपीएससी 2005

निम्नलिखित कथनों में से कौन सही नहीं हैं?

(क) भारत के संविधान में अनुसूचित जनजाति की कोई परिभाषा नहीं है।

(ख) पूर्वोत्तर भारत में देश की आधे से अधिक आदिवासी आबादी रहती है।

(ग) टोडा के रूप में पहुचाने जाने वाले लागे नीलगिरि क्षेत्र में रहते हैं।

(घ) लोथा नागालैंड में बोली जाने वाली एक भाषा है।

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