ऊर्जा दक्षता (Energy Efficiency) for IAS

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ऊर्जा बचत प्रमाण पत्र

सुर्ख़ियों में क्यों?

  • ऊर्जा बचत प्रमाण पत्रों के मसौदे के नियमों के तहत, केन्द्रीय विद्युत नियामक आयोग (सीईआरसी) ने पॉवर (ऊर्जा) एक्सचेंजेज़ (लेनदेन) पर ऊर्जा बचत प्रमाण पत्रों (ESCs) के व्यापार को मंजूरी दी है।

प्रस्ताव

  • पावर (शक्ति) सिस्टम (व्यवस्था) ऑपरेशन (संचालन) कार्पोरेशन (निगम) लिमिटेड (सीमित) को ESCs के रजिस्ट्री (पंजीकरण) की भूमिका निभानी है।
  • ESCs के विनियम के लिए ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) को प्रशासक की भूमिका में नियुक्त किया गया है।
  • सीईआरसी समय-समय पर प्रशासक दव्ारा तैयार की गई प्रक्रियाओं का पर्यवेक्षण करेगा और उन्हें स्वीकृति देगा। यह विद्युत बाजारों के संदर्भ में बाजार पर्यवेक्षण भी करेगा।

परफॉर्म अचीव एंड ट्रेड स्कीम

  • यह राष्ट्रीय सवंर्धित ऊर्जा दक्षता मिशन (लक्ष्य) के तहत एक योजना है।
  • इसे ऊर्जा-गहन उद्योगों में विशिष्ट ऊर्जा खपत को कम करने के लिए एक उपकरण के रूप में प्रस्तुत किया गया था।
  • यह प्रमुख उद्योगों जैसे ताप विद्युत, उर्वरक, सीमेंट इत्यादि को लक्षित करती है।
  • यह बाजार आधारित तंत्र है जो ESCerts (ऊर्जा बचत प्रमाण पत्र) के व्यापार की अनुमति देता है।
  • ऊर्जा दक्षता मानकों को हासिल करने वाले उद्योगों के लिए ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (सरकारी विभाग) (बीईई) दव्ारा 2013 में ESCerts पेश किए गए थे।
  • ये बीईई या विद्युत मंत्रालय दव्ारा जारी किए गए हैं।
  • एक प्रमाण पत्र एक मीट्रिक (मापीय) टन (एक नाप) तेल के समतुल्य ऊर्जा की खपत के बराबर है।

अक्षय ऊर्जा प्रमाणपत्र

  • यह अक्षय ऊर्जा स्रोतों की उपलब्धता और मैंडेटरी (अनिवार्य) परचेज़ (खरीद) ऑब्लिगेशंस (दायित्वों) असंगतता को संबोधित करता है।
  • इसका मूल्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों दव्ारा अन्त: क्षेपित 1 मेगावॉट प्रति घंटे विद्युत के बराबर है।

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