रेल क्षेत्र (All about Rail Zones) for IAS Part 4 for IAS

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रेलवे मंत्रालय की शोध तथा विकास इकाई-आरडीएसओ

रिसर्च (अनुसंधान), डिजाईन (रूपरेखा) एंड (और) स्टैण्डर्ड (मानक) आर्गेनाइजेशन (संगठन) (आरडीएसओ) लखनऊ में स्थित भारतीय रेलवे का अनुसंधान एवं विकास से संबंधित एक मात्र संगठन है। यह रेलवे बोर्ड (परिषद) और जोनल (आंचलिक) रेलवे के तकनीकी सलाहकार के तौर पर कार्य करता हे। आरडीएसओ को दिए गए लक्ष्य और उद्देश्यों में सम्मिलित है:-

  • भारतीय रेलवे के लिए नयी तकनीकी का विकास, अभिग्रहण तथा समावेश।

  • संपूर्ण मानक प्रणाली का विकास।

  • उपकरण, घटको तथा सामग्रियों के लिए स्पेसिफिकेशन (विनिर्देश) का विकास।

  • वैधानिक मंजूरी के लिए परीक्षण तथा सुझाव प्राधिकरण के रूप में कार्य करेगा (मेट्रो प्रणाली के लिए भी)।

  • तकनीकी जांच में सहयोग

  • प्रदत्त वस्तुओं के संबंध में गुणवत्ता आश्वासन।

अनिल काकोडकर कमेटी (समिति)

समिति ने रेलवे पर अपनी रिपोर्ट (विवरण) सौंपी। इस रिपोर्ट में विभिन्न पहलुओं को सम्मिलित करते हुए 106 सुझाव दिए गए है। कुछ महत्वपूर्ण पहलु निम्नलिखित हैं:

  • सामान्यत सुरक्षा के मामले।

  • संगठनात्मक संरचना।

  • कार्य करने के स्तर पर सशक्तिकरण।

  • सुरक्षा संबंधी कार्य तथा मुद्दे।

  • महत्वपूर्ण सुरक्षा श्रेणियों में रिक्त पदों की भर्ती तथा श्रम शक्ति नियोजन से जुड़े मुद्दे।

  • महत्वपूर्ण सुरक्षा कलपुर्जो की कमी को पूरा करना।

  • बाहरी हस्तक्षेप-अतिक्रमण तथा तोड़फोड को कम करना।

  • सिग्नलिंग (एक ही), दूरसंचार तथा ट्रेन (रेल) की सुरक्षा तंत्र का उन्नयन

  • ट्रैक (धावन पथ), पुलों, रेल के डिब्बों तथा इंजनों में सुधार, लेवल (स्तर) क्रांसिग्स (चौराहा) को समाप्त करना, मानव संसाधन विकास के साथ भारतीय रेलवे के शिक्षा तथा प्रशिक्षण संस्थानों पर विशेष ध्यान,

  • भारतीय रेलवे पर इको (पारिस्थितिकी) -सिस्टम (प्रबंध) और सेफ्टी (सुरक्षा) आर्किटेक्चर (वास्तु-कला) ।

भारतीय रेलवे की ’मिशन (लक्ष्य) रफ्तार’ योजना

  • 2016-17 के रेलवे बजट में ’मिशन रफ्तार’ योजना की घोषणा की गई।

  • इस मिशन (लक्ष्य) के अंतर्गत मालगाड़ियों की औसत गति को दुगना एवं सभी यात्री गाड़ियों की औसत गति को 25 किलोमीटर प्रति घंटा बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

  • इस योजना को लागू करने के लिए पांच वर्ष की समय सीमा निर्धारित की गई है।

  • यह अवतरण के अंतर्गत 7 मिशन (लक्ष्य) मोड (प्रणाली) गतिविधियों का एक हिस्सा है।

अवतरण

  • मिशन 5 टन: (एक नाप) इसका उद्देश्य भार वाहन क्षमता को विस्तृत कर राजस्व की प्राप्ति को बढ़ाना है।

  • मिशन (लक्ष्य) जीरो (शुन्य) एक्सीडेंट (दुर्घटना) : सभी मानव रहित लेवल (स्तर) क्रासिंग (चौराहा) की समाप्ति एवं टीसीएएस (ट्रेन (रेल) कोलीजन अवॉयडेंस (परिहार) सिस्टम) (प्रबंध) को शामिल करना।

  • मिशन पीएसीई: खरीद एवं उपभोग दक्षता में सुधार।

  • मिशन हंड्रेड (सौ) : अगले दो वर्षों में कम से कम 100 साईडिंग्स (रेल की दूसरी छोटी पटरी) का निर्माण।

  • मिशन बिऑन्ड (परे) बुक-कीपिंग: (बहीखाता) ऐसी लेखा प्रणाली को विकसित करना जिसमें परिणामों को इनपुट (आगतों) के लिए ट्रैक (धावन पथ) किया जा सके।

  • मिशन कैपेसिटी (क्षमता) यूटिलाइजेशन (उपयोग) ।

  • मिशन रफ्तार।

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