अंडमान को जोड़ने के लिए अंडर सी (पानी के नीचे) केबल (समुद्री तार) (Under Sea cable to joint Andaman) for IAS

Doorsteptutor material for IAS is prepared by world's top subject experts: Get detailed illustrated notes covering entire syllabus: point-by-point for high retention.

Download PDF of This Page (Size: 116K)

  • केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने मुख्य भूमि (चेन्नई) और अंडामान एवं निकोबार दव्ीप समूह के मध्य टेलिकॉम (दूरसंचार) कनक्टिविटी (संयोजकता) को बेहतर बनाने के लिए अंडर सी ऑप्टिकल (प्रकाश संबंधी) फाइबर (रेशे) केबल (समुद्री तार) कनेक्टिविटी (संयोजकता) (ओएफसी) प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 1102.30 करोड़ होगी।

  • यह परियोजना मुख्य भूमि (चेन्नई) तथा पोर्ट (बंदरगाह) ब्लेयर एवं पाचं अन्य दव्ीपों-लिटल अंडमान, कार निकोबार, हैवलोक, कमोर्ता, ग्रेट (महान) निकोबार को फाइबर (रेशे) केबल (मोटा तार) कनेक्टिविटी (संयोजकता) प्रदान करेगी।

  • वर्तमान दूरसंचार कनेक्टिविटी सेटेलाईट (उपग्रह) के माध्यम से है, जो महंगी एवं सीमित बैंडविथ (इंटरनेट एंव परिकलक के मध्य आंकड़ा भेजने की एक सीमा) की है।

  • यह कनेक्टिविटी दव्ीप समूह में सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा।

  • यह दव्ीपसमूह में ई-गवर्नेंस (शासन) जैसी पहलों के कार्यान्वयन को सुगम बनाएगा तथा इससे उद्यमों एवं ई-कामर्स (वाणिज्य) जैसी सुविधाओं की स्थापना संभव होगी।

  • यह शैक्षिक संस्थानों को ज्ञान साझा करने एवं रोज़गार के अवसरों को बढ़ाने में सहयोग देगी।

Developed by: