इथिक्स (आचार विचार) (टिप्पणी) - (Ethics Note I – Part 4)

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कोड ऑफ इथिक्स (आचार संहिता) :-

भारत सरकार ने कोई निश्चित नैतिक संहिता नहीं बनायी, किन्तु कुछ नैतिक मूल्यों पर हर आचारण संहितर में बल दिया गया है। लोकसेवा अधिकारी, 2007 जिसे 2005 में संशोधित भी किया गया, में भी कुछ नैतिक मूल्यों पर बल दिया गया है। जिन्हें नैतिक संहिता माना जा सकता है। जैसे

1. संविधान भी प्रस्तावना में शामिल आदर्शो के प्रति चिंता रखना।

2. तटस्थता व निष्पक्षता बनाए रखना।

3. किसी राजनीतिक दल के प्रति सार्वजनिक निष्ठा ना रखना, अगर किसी दल से लगाव हो, तो अपने कार्य में इसे व्यक्त ना होने देना।

4. सेवा के सामाजिक-सांस्कृतिक वैविध्य के प्रति सम्मान का भाव रखते हुए तथा जिसे-जाति वर्ग या अन्य कारणों से वंचित समूहों के प्रांत करूंणा का भाव रखना।

5. निर्णय प्रक्रिया में उत्तरादायित्व तथा पारदर्शिता का पूरा ध्यान रखना।

6. उच्चतम सत्यनिष्ठता को बनाए रखना।

7. सरकारी कार्यों में किसी भी अनावश्यक खर्च को रोकना तथा संसाधनों के सही प्रयोग की कोशिश करना।

8. अपने राजनीतिक प्रमुखों को स्पष्ट, निर्भिक तथा गैर राजनीतिक तौर पर सलाह देना।

9. यह सुनिश्चित करना, कि प्रत्येक अधिकारी अपने अधिनस्थों को एक ऐसा माहौल प्रदान करे, जिसमें उच्च संतोष स्तर पर जनता को सेवाएं प्रदान की जा सके।

कोड ऑफ कोनडेक्ट

1964 में भारत सरकार ने बनाया था, उसमें कुछ संसोधन भी हुए है।

2nd A R C की सिफारिश

केस स्टेडी (मामले का अध्ययन)

दो विकल्प

1. नो (नहीं) सस्पेंड (निलंबित) -

2. टेक्सेजन इज नोट (नहीं) सेल (बिक्री)

3. कुछ दिन की छुटटी भी नहीं।

व्यक्ति के गरिमापूर्ण जीवन का उल्लंघन नहीं:-

1. डोक्यूमेंट (दस्तावेज) के साथ समझाना।

2. सरकार की नीति बताये रखना।

3. हार्ड (कठिन) ऐक्शन (कार्रवाई) के लिए तैयार रहे।

4. कार्यालय के काम हेतु अन्य विकल्प

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