कृषि कल्याण उपकर (Agricultural Welfare Cess – International Relations India And The World)

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सुर्ख़ियों में क्यों?

बजट 2016 में 0.5 प्रतिशत के कृषि कल्याण उपकर की घोषणा की गयी थी। यह अब लागू हो गया है।

यह क्या है?

• कृषि कल्याण उपकर सभी सेवाओं पर लागू है। इसका पूरी तरह से कृषि और किसान कल्याण से संबंधित गतिविधियों के वित्तपोषण में उपयोग किया जाएगा।

• अब सर्विस टैक्स (सेवा कर) 14.5 प्रतिशत से बढ़कर 15 प्रतिशत हो गया है।

• कृषि कल्याण उपकर के लिए बजट लक्ष्य 5000 करोड़ रुपये हैं।

यह क्यों महत्वपूर्ण हैं?

• कृषि कल्याण उपकर इस विचार पर आधारित है कि अर्थव्यवस्था के संपन्न सेवा क्षेत्र (सकल घरेलू उत्पाद का 58 प्रतिशत) पर उपकर लगाने से संकटग्रस्त कृषि क्षेत्र के लिए जरूरी वित्त उपलब्ध होगा।

• लगातार दो साल के ख़राब मानसून की वजह से इस साल समस्या और गंभीर है।

• दीर्घावधि में कृषि उत्पादकता में सुधार से किसानों की आय में बढ़ोत्तरी होगी और बेहतर आपूर्ति और कम कीमतों से उपभोक्ताओं को लाभ होगा।

कर, उपकर, अधिभार और लेबी के बीच अंतर

• कर, किसी भी आर्थिक गतिविधि के एवज में सरकार दव्ारा उगाहे जाने वाले धन को कर कहते हैं।

• लेबी टैक्स (कर) लगाने की क्रिया है।

• किसी एक विशेष उद्देश्य के लिए सरकार दव्ारा उगाहे जाने वाले कर को ”उपकर” कहते हैं। यह एक प्रकार से कर के ऊपर कर होता है।

• अधिभार किसी भुगतान किये हुए कर पर एक प्रभार होता है, सरकार इसे कहीं भी खर्च कर सकती है।

• डयूटी -यह वस्तुओं के आयात-निर्यात पर लगाया जाने वाला कर है।

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