नीतिगत दरों के निर्धारण हेतु सीपीआई एकमात्र पैमाना (CPI Single Scale For Determining Policy Rates – Economy)

Download PDF of This Page (Size: 183K)

चर्चा में क्यों?

केन्द्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) में कई वस्तुओं एवं सेवाओं के आधार वर्ष एवं भार को अपडेट किया है। अब जबकि आरबीआई और वित्त मंत्रालय दोनों इस बिंदु पर सहमत हो चुके हैं कि सीपीआई ही नीतिगत दर निर्धारण एवं मुद्रास्फीति अनुमान का एकमात्र पैमाना है, इसलिए इन संशोधनों के व्यापक प्रभाव होंगे।

सीपीआई बासकेट (डलिया) विद (जानकार) वेदटेज

सकरात्मक प्रभाव: सीपीआई आधारित नीतिगत दरों का प्रयोग करना (मद्रास्फीति लक्ष्य)

विश्वसनीयता: प्राथमिक उद्देश्य मूल्य स्थिरता है। स्थिरता भविष्य में विश्वास को प्रेरित करती है। और निर्णय निर्माण में सहायता करती है।

मुद्रास्फीति की लागतों में कमी: मुद्रास्फीति में वृद्धि कई आर्थिक लागतों को बढ़ावा देती हे जैसे अनिश्चिता जिस से निम्न निवेश, अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा का नुकसान और बचत के मूल्य में कमी।

अतिवृद्धि एवं शिथिलता चक्र को रोकना: उच्च मुद्रास्फीति वाली संवृद्धि आर्थिक मंदी जैसी दशा उत्पन्न कर सकती है। और स्थिर एवं सतत आर्थिक वृद्धि भी प्रदान करती है।

Get unlimited access to the best preparation resource for IAS - Get detailed illustrated notes covering entire syllabus: point-by-point for high retention.

Developed by: