विद्यांजलि योजना (Policy Plan – Social Issues)

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• सरकारी विद्यालयों में शिक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए हाल ही में मानव संसाधन मंत्रालय ने विद्यांजलि योजना का उद्धाटन किया, इसके अंतर्गत सरकारी विद्यालयों में स्वयं सेवी अध्यापकों दव्ारा शिक्षा देने का कार्य किया जाएगा।

• इस योजना के लिए उपयुक्त तथा इच्छुक स्वयंसेवी सरकार के पोर्टल www.mygov.in पर जाकर आवेदन कर सकता है।

• यह योजना विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षकों के स्थान को नहीं प्रभावित करती है, अपितु इस योजना के स्वयंसेवियों का उत्तरदायित्व विद्यार्थियों के शैक्षिक विकास के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना होगा।

• स्वयंसेवियों का उपयोग विद्यार्थियों में कौशल विकास जैसे-रचनात्मक लेखन, गायन, नृत्य, भाषण की कला आदि विधाओं के लिए किया जाएगा। अपने पहले चरण में यह परियोजना 21 राज्यों के 2200 विद्यालयों में क्रियान्वित की जाएगी। इसके बाद इसे धीरे-धीरे समस्त सरकारी विद्यालयों में लागू किया जाएगा।

योग्यता और चयन

• इस योजना के लिए किसी न्यूनतम योग्यता की आवश्यकता नहीं है, विदशी नागरिक भी अपने ’ओ सी आई’ कार्ड के माध्यम से इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।

• इस योजना के अंतर्गत आने वाले आवेदनों की समीक्षा का कार्य करने की जिम्मेदारी खंड विकास अधिकारी को दी गई है।

विद्यांजली योजना का महत्व

• यह योजना विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में मदद करेगी।

• इस योजना से जुड़ने वाले स्वयंसेवी सही मायनों में उत्साही व जुझारू साबित होंगे, क्योंकि इस योजना मेें कोई भी मौद्रिक मानदेय नहीं दिया जाएगा।