सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) एवं शिश (Sustainable Development Goals (SDG) and Child –Social Issues)

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सतत विकास लक्ष्य

• सतत विकास लक्ष्य 17 प्रमुख लक्ष्यों और 169 सहायक लक्ष्यों पर आधारित कार्यक्रमों का समूह है। इन लक्ष्यों और सहायक लक्ष्यों को संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास सम्मेलन में सदस्य देशों के दव्ारा स्वीकार किया गया है।

• इनकों सभी सदस्य देशों के दव्ारा वर्ष 2030 तक प्राप्त कर लिए जाने का लक्ष्य रखा गया है।

• इन लक्ष्यों का उद्देश्य सतत विकास को सुनिश्चित करना है। पूर्ववर्ती सहस्राब्दी विकास लक्ष्यों की अपेक्षा इनका स्वरूप अधिक व्यापक है।

शिशुओं से संबंधित सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी)

लक्ष्य-2 भूख के शून्य मामले

• सभी शिशुओं के लिए वर्ष भर पोषक तत्वों से भरपूर पोषाहार उपलब्ध कराकर भूख अथवा उचित पोषण के अभाव में होने वाली मृत्यु को समाप्त करना।

• पाँच वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों में अपूर्ण शारीरिक विकास जैसी कुपोषण के कारण होने वाली समस्याओं को पूरी तरह समाप्त करना।

• किशोरियों के लिए आवश्यक पोषण की व्यवस्था करना।

लक्ष्य-3 अच्छा स्वास्थ्य और कल्याण

• पाँच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की रोग आदि के कारण होने वाली असामायिक मृत्यु को रोकना।

• नवजात शिशुओं की मृत्यु दर को 12 प्रति हजार पर सीमित करना जबकि 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर को 25 प्रति हजार पर सीमित करना।

लक्ष्य-4 गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा

• प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर सभी के लिए नि:शुल्क, समतापरक तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना। प्रदान की जाने वाली शिक्षा प्रांसगिक और पूर्णत: परिणाम आधारित होगी।

• सभी बालकों का समग्र विकास हो सके, इसके लिए उचित देखभाल और पूर्ण प्राथमिक शिक्षा सुनिश्चित करना। ऐसे संतुलित परिवेश में विकास के माध्यम से उन्हें प्राथमिक शिक्षा के लिए तैयार किया जा सकेगा।

• बच्चों, विकलांगों तथा महिलाओं की समस्याओं के प्रति संवेदनशील शिक्षा सुविधाओं की स्थापना और पूर्ववर्ती शिक्षा व्यवस्था का इस हेतु उन्नयन करना।

• एक ऐसे सशक्त परिवेश का निर्माण करना, जहाँ सभी व्यक्ति सुरक्षित वातावरण में ज्ञान प्राप्त कर सके।

• सभी व्यक्तियों की शिक्षा के सभी स्तरों तक समान पहुँच सुनिश्चित करना। संकटग्रस्त परिस्थितियों में निवास करने वाले बच्चों को व्यवसायिक शिक्षा प्रदान करने की व्यवस्था करना।

लक्ष्य-5 लैंगिक समानता

• बाल विवाह, कन्या भ्रूण हत्या एवं महिला जननांग कर्तन जैसी विकृत परंपराओं को पूरी तरह समाप्त करना।

लक्ष्य- 8 गरिमापूर्ण कार्य और आर्थिक विकास

• बाल श्रम के सर्वाधिक विकृत रूपों का निषेध और इन्हें पूर्ण रूप से समाप्त करना, जिसमें बाल सैनिकों की भर्ती और उन्हें युद्धक भूमिका में लगाया जाना भी शामिल है।

• बालश्रम के सभी रूपों का वर्ष 2025 तक उन्मूलन करना।

लक्ष्य-11 संधारणीय शहर एवं समुदाय

• शहरों में पर्यावरणीय अनुकूलन का ध्यान रखते हुए विकसित हो रही यातायात व्यवस्था में बच्चों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

• सभी लोगों के लिए सुरक्षित और हरे भरे सार्वजनिक स्थानों का विकास करना।

लक्ष्य -16 शांति एवं न्याया की स्थापना एवं सशक्त संस्थाएँ

• हिंसा के सभी रूपों एवं इससे होने वाली मृत्यु की दर में कमी लाना।

• बालकों के साथ दुर्व्यवहार, दुर्व्यापार और सभी प्रकार की हिंसा तथा उत्पीड़न को समाप्त करना सतत विकास लक्ष्यों में शामिल है।