एलेक्ट्रोप्रेन्योर पार्क (Elekeroprore Park)

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यह क्या है?

  • यह हाल ही में प्रारंभ की गई एक पहल है जो इलेक्ट्रॉनिक (विद्युत) और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) दव्ारा वित्त पोषित है।

  • इसका प्रबंधन और क्रियान्वयन क्रमश: सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी (तकनीकी) पार्क ऑफ़ (का) इंडिया (भारत) (एसटीपीआई) और इंडिया (भारत) इलेक्ट्रानिक्स (विद्युतीय) एंड (और) सेमीकंडक्टर (अर्धचालक पदार्थ) एसोसिएशन (संघ) दव्ारा किया जा रहा है।

  • इसका उद्देश्य प्रारंभिक चरण वाले 50 स्टार्ट-अप्स (उद्धाटन) का पोषण करना और 5 वर्षों में कम-से-कम 5 वैश्विक कंपनियों (संघों) को बड़ा करना है।

इलेक्ट्रानिक्स (विद्युतीय) डेवलपमेंट (विकास) फंड (निधि)

  • यह सूचना एंव संचार प्रोद्योगिकी मंत्रालय दव्ारा लांच (शुरू) किया गया है। इसका उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक्स, नैनो- इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी पर ध्यान केन्द्रित करने वाले प्रारंभिक चरण के एंजेल वेंचर (उद्यम) और निजी इक्विटी (शेयर) फंड (निधि) को सहायता प्रदान करना है।

  • प्रारंभिक फंड 2,200 करोड़ रुपए है (10,000 करोड़ रुपए तक बढ़ा दिया जाएगा)।

  • इसका उद्देश्य नवाचार, अनुंसधान और विकास (R&D) एवं साथ ही सक्रिय औद्योगिक भागीदारी के माध्यम से एक उपर्युक्त वातावरण का निर्माण करना है।

  • यह कैनबैंक वेंचर (उद्यम) कैपिटल (पूंजी) फंड्‌स (धन) जैसे सक्रिय प्रबंधन फर्म (व्यवसाय संघ) के साथ एक ’फंड (निधि) ऑफ (का) फंड्‌स’ (धन) की तरह होगा। परिणामस्वरूप्ज्ञ इससे प्रोफेशनली (पेशेवर) मेनेज्ड (कामयाब) वेंचर (उद्यम) फंड (निधि) का निर्माण होगा।

  • ईडीएफ पूंजी का 20 प्रतिशत डॉटर (कन्या) फंड (धन) में रखा जाएगा और शेष 80 प्रतिशत का निवेश वेंचर (उद्यम) कैपिटल (पूंजी) (VCs.) दव्ारा किया जाएगा।

  • तत्पश्चात डॉटर फंड का निवेश मुख्य रूप से स्टार्ट-अप (उद्धाटन) कंपनियों (संघ) में किया जाएगा।