रीजनल (क्षेत्रीय) कनेक्टिविटी (संयोजकता) स्कीम (योजना) - ‘उड़ान’ स्कीम (योजना) के बारे में (Regarding regional connective flight flight) for IEcoS

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  • उड़ान क्षेत्रीय उड्डयन बाज़ार को विकसित करने के लिए एक नवाचारी योजना है।

  • इस योजना का उद्देश्य है- ”उड़े देश का आम नागरिक”।

प्रमुख विशेषताएं

  • उड़ान 200 किमी. से 800 किमी. के बीच उड़ानों पर लागू होगी। पहाड़ी, सुदूरवर्ती, दव्ीपीय तथा सुरक्षा की दृष्टि से संवदेनशील क्षेत्रों के लिए कोई निम्न सीमा नियत नहीं की गयी है।

  • यह योजना एक न्यूनतम संख्या में उड़ान सीटें (स्थान) रिज़र्व (रक्षित करना) करेगी, ये सीटें कम मूल्य दरों पर उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही यह कम दूरी की उड़ानों के किराए पर भी एक अधिकतम सीमा नियत करती है, इसके तहत 30 मिनट की हवाई यात्रा के लिए 1200 रुपए और 1 घंटे की हवाई यात्रा के लिए 2500 रुपए की उच्चतम सीमा लागू होगी।

  • इसके लिए दो उपाय किए जाएंगे:

  • केन्द्र तथा राज्य सरकारों एवं विमान पत्तन संचालकों से रियायतें जैसे कि करों में छूट, पार्किंग (गाड़ी स्थान) तथा लैंडिंग (भूमि पर उतार) शुल्क से छूट, इत्यादि के रूप में वित्तीय प्रोत्साहन प्राप्त करना।

  • ऐसे हवाई अड्‌डों से उड़ानों का आरंभ करने की इच्छुक एयरलाइनों (वायुमार्ग) के लिए वायबिलिटी (व्यावहारिकता) गैप (अंतर) फंडिंग (वित्त पोषण) (वीजीएफ) प्रदान करना जिससे कि यात्री किरायों को वहनीय रखा जा सके।

  • इस योजना के अंतर्गत वीजीएफ संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक क्षेत्रीय संपर्क कोष बनाया जाएगा। भागीदार राज्य सरकारें (इनमें पूर्वोत्तर राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश शामिल नहीं है जिनका योगदान 10 प्रतिशत होगा) इस कोष के लिए 20 प्रतिशत हिस्से का योगदान देंगी और कुछ घरेलू उड़ानों पर प्रति प्रस्थान आरसीएफ कर लगाया जाएगा।

  • स्ताुंलित क्षेत्रीय विकास के लिए इस योजना के तहत देश के पांच भौगोलिक क्षेत्रों में समान रूप से आवांटन किया जाएगा। ये क्षेत्र हैं- उत्तर, पश्चिम, दक्षिण, पूर्व और उत्तर-पूर्व।

  • उड़ान योजना का संचालन जिन हवाई अड्‌डों से शुरू किया जाएगा उनका चयन राज्य सरकार के साथ विचार-विमर्श करके और उनकी रियायतों की पृष्टि के बाद ही किया जाएगा।

  • उड़ान योजना में, वर्तमान सुविधाहीन तथा अत्यंत कम सुविधा प्राप्त हवाई अड्‌डों और हवाई पट्टियों का पुनरुद्धार कर कनेक्टिविटी (संयोजकता) प्रदान करने की परिकल्पना की गयी है।

  • यह योजना 10 वर्ष की अवधि तक लागू रहेगी।