सिंगल विंडो इंटरफ़ेस फॉर फैसिलीटेटिंग ट्रेड (Single window interface for facilitating trade) for IEcoS

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  • सोसायटी (समाज) फॉर (के लिए) द (यह) वर्ल्डवाइड (दुनिया भर) इंटरबैंक (अंतर अधिकोष) फाइनेंशियल (वित्तीय) टेलीकम्युनिकेशन (दूरसंचार) (एसडब्ल्यूआईएफटी) वित्तीय लेनदेन के लिए मानकीकृत वैश्विक अंतरक्रियाशीलता के प्रोत्साहन और विकास के लिए समर्पित एक सहकारी संगठन है।

  • एसडब्ल्यूआईएफटी का मूल अधिदेश डाटा (आंकड़ा) प्रोसेसिंग (प्रसंस्करण) के लिए एक वैश्विक संचार लिंक स्थापित करना और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय लेनदेन के लिए एक आम भाषा का निर्माण करना था।

  • सोसाइटी दुनियाभर में सदस्य बैंको के बीच लेटर्स (पत्रों) ऑफ़ (का) क्रेडिट (साख), भुगतान और प्रतिभूति लेनदेन जैसे वित्तीय संदेशो/सूचनाओं के लिए एक संदेश सेवा संचालित करती है।

  • एसडब्ल्यूआईएफटी का संचालन इसके ब्रुसेन्स मुख्यालय से होता है। इसके आंकड़े बेल्जियम और संयुक्त राज्य अमेरिका के केन्द्रों पर तैयार किये जाते हैं।

  • एसडब्ल्यूआईएफटी इंडिया (भारत) डोमेस्टिक (घरेलू) सर्विसेज (सेवा) बैंको (अधिकोष), रिज़र्व बैंक (अधिकोष) ऑफ़ (का) NOTES इंडिया (भारत), स्टॉक (भंडार) एक्सचेंजों (लेनदेन), क्लीयरिंग (समाशोधन) हाउसेस (मकानों), कारपोरेशंस (निगमों) और उनके ग्राहकों के मध्य संरचित वित्तीय सूचनाओं के सुसंगत आदान-प्रदान करने के लिए सेवाएं शुरू कर चुकी है।

भारत का प्रथम टाइटेनियम प्रोजेक्ट (परियोजना)

  • भारत की प्रथम टाइटेनियम परियोजना ने ओडिशज्ञ के गंजाम जिले में अपने परीक्षण उत्पादन को शुरू कर दिया है। यह परियोजना सराफ ग्रुप (समूह) दव्ारा स्थापित की गई है।

  • इससे पहले अगस्त 2015 में आईएसआरओ ने केरल के चवरा में प्रथम स्वदेशी टाइटेनियम स्पंज (जलशोषक समुद्री पदार्थ) प्लांट (संयंत्र) की स्थापना की। इसको पूर्ण रूप से कमीशंड (प्रमाणित) कर वाणिज्यिक उत्पादन शुरू कर दिया गया है।

  • इस संयंत्र ने व्यावसायिक रूप से अंतरिक्ष कार्यक्रम और विशेष रूप से एयरोस्पेस के लिए टाइटेनियम स्पंज का उत्पादन शुरू कर दिया। यहां रक्षा एवं सामरिक क्षेत्रों के लिए टाइटेनियम स्पंज का उत्पादन किया जा रहा है।

  • इस कमीशनिंग (शुरुआत) के साथ ही भारत वाणिज्यिक स्तर टाइटेनियम स्पंज का निर्माण करने वाला विश्व का सातवां देश बन गया।

औद्योगिक उत्पादन सूचकांक

  • आईआईपी एक अनुपात है जो अर्थव्यवस्था में विभिन्न क्षेत्रों के विकास को मापता है। अनुपात होने के कारण यह निश्चित समयावधि (आधार वर्ष) की तुलना में दी गयी समयावधि में औद्योगिक क्षेत्र में उत्पादन की स्थिति दर्शाता है।

  • सीएसओ दव्ारा प्रति माह आईआईपी आँकड़े जारी किये जाते हैं। वर्तमान में इसका आधार वर्ष 2004-05 है।

  • आईआईपी 682 अलग-अलग वस्तुओं को सम्मिलित करता है। क्षेत्रवार ये सम्मिलित वस्तुए 3 वर्गों में विभक्त होती है, जैसे:-सूची में अपने घटते महत्व के अनुसार क्रमश: विनिर्माण, खनन और विद्युत।

  • प्रतिशतता के अनुसार, आईआईपी में सभी 8 कोर (तत्व) उद्योगों का भारित माध्य 38 प्रतिशत है।

  • आईआईपी में, कोर उद्योगों का घटता हुआ क्रम है:

  • विद्युत > स्टील (इस्पात) > रिफायनरी उत्पाद > क्रूड > कोयला > सीमेंट > प्राकृतिक गैस > उर्वरक

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