वर्ल्ड (विश्व) ट्रेड (व्यापार) आउटलुक (दृष्टिकोण) इंडिकेटर (सूचक) (World Trade Outlook Indicator) Part 2 for NTA (UGC)-NET

Doorsteptutor material for UGC is prepared by world's top subject experts: get questions, notes, tests, video lectures and more- for all subjects of UGC.

Download PDF of This Page (Size: 157K)

द (यह) एशिया-पेसिफिक (शांत) ट्रेड (व्यापार) एंड (तथा) इन्वेस्टमेंट (निवेश) रिपोर्ट (विवरण), 2016

  • द एशिया-पेसिफिक ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट रिपोट (एपीटीआईआर), यूनाइटेड (संगठित) नेशन्स (राष्ट्र का) ईएससीएपी के ट्रेड (व्यापार), इन्वेस्टमेंट (निवेश) एंड (और) इनोवेशन (नवाचार) प्रभाग का वार्षिक प्रकाशन है।

  • यह रिपोर्ट एशिया-प्रशांत क्षेत्र में व्यापार और निवेश के रुझान और विकास को समझने में मदद करती है।

विविध

बासमती के जीआई टैग (दोहराव) संबंधी दावे पर विवाद

सुर्ख़ियों में क्यों?

  • फ़रवरी 2016 में, आईपीएबी (बौद्धिक संपदा अपीलीय बोर्ड) (परिषद) ने अपने एक निर्णय में हिमालय की तलहटी पर गंगा के मैदानी इलाकों में उत्पादित होने वाले बासमती चावल को भौगोलिक संकेतक (जीआई) का दर्जा देने की अनुमति प्रदान कर दी।

  • जीआई का दर्जा वस्तुत: उत्पादों के विक्रय और निर्यात में सहायता करता है, क्योंकि जीआई टैग निश्चित गुणवत्ता की गारंटी (दायित्व लेना) प्रदान करता है और इस प्रकार अंतरराष्ट्रीय बाजार में उक्त वस्तु के विक्रय में सहायता करता है।

भौगोलिक संकेतक

  • जीआई को व्यापार संबंधी पहलुओं पर बौद्धिक संपदा अधिकार (टीआरआईपीएस) समझौते पर डब्ल्यूटीओ समझौते के अनुच्छेद 22 (1) के अंतर्गत परिभाषित किया गया है।

  • जीआई किसी विशिष्ट भौगोलिक उदगम वाले उत्पादों पर प्रयुक्त होने वाला एक संकेतक है और उस उत्पाद की विशेषता या प्रसिद्धि उसके भौगोलिक उदगम के कारण होती है।

  • जीआई अधिकार, जीआई का उपयोग करने का अधिकार प्राप्त लोगों को तीसरे पक्ष दव्ारा इसका उपयोग रोकने हेतु सक्षम बनाता है। उल्लेखनीय है कि तीसरे पक्ष का उत्पाद उपयुक्त मानकों के अनुरूप नहीं होता है।

  • हालांकि, एक संरक्षित जीआई, धारक को हुबहु उस तकनीक के उपयोग से किसी व्यक्ति को उत्पाद बनाने से रोकने में सक्षम नहीं बनाता है, जो उस संकेतक के मानकों में निर्धारित हैं।

  • जीआई का विशिष्ट रूप से कृषि उत्पादों, खाद्य पदार्थों, वाइन और शराब, हस्तशिल्प और औद्योगिक उत्पादों के लिए उपयोग किया जाता है।

  • जीआई का संरक्षण करने के तीन मुख्य उपाय हैं:

  • तथाकथित सुई जेनेरिस सिस्टम (प्रबंध) (अर्थात संरक्षण की विशेष व्यवस्था);

  • सामूहिक या प्रमाणीकरण के मार्क का उपयोग करना;

  • प्रशासनिक उत्पाद अनुमोदन योजनाओं सहित, बिज़नेस (व्यापार) प्रैक्टिसेज (अभ्यास) पर ध्यान केन्द्रित करने की प्रणालियाँ।

  • डब्ल्यूटीओ के सदस्य के रूप में भारत ने वस्तुओं के भौगोलिक संकेतक (पंजीकरण और संरक्षण) अधिनियम, 1999 अधिनियमित किया है।

Developed by: