एनसीईआरटी कक्षा 10 अर्थशास्त्र अध्याय 3: धन और क्रेडिट (CRR, SLR & रेपो रैट) यूट्यूब व्याख्यान हैंडआउट्स

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अध्याय 3: धन और क्रेडिट

धन वर्सिस वस्तु-विनिमय

  • वस्तु विनिमय पद्धति – इच्छाओं का दोहरा संयोग

  • धन – अदलाबदली और जरूरतोंके सामान्य संयोग को हटाता है|

Barter System , Double coincidence of wants ; Money- eliminates double Coincidence of wants ; Medium of Exchange

Image of Money Versus Barter for Economics

Barter System , Double coincidence of wants ; Money- eliminates double Coincidence of wants ; Medium of Exchange

धन के रूप

  • चलन: कागजकी नॉट और सिक्के – सरकार द्वारा अधिकृत (भारत – RBI)

  • बेंकोके पास जमा करना – ज्यादा पैसे कमाने के लिए व्याज कमाना; जमा मांग (मांग पर वापस लेना) – चेक से ज्यादा बहेतर रोकड़ रकम

Deposite with Banks, demand deposite, Withdrawn on Demand, Cheque rather than Cash

Image of Forms of Money for Economics

Deposite with Banks, demand deposite, Withdrawn on Demand, Cheque rather than Cash

जमाकर्ता वार्सिस उधारकर्ता

  • कुल जमा पैसेमेसे 15% बैंक अपने पास रख लेती है|

  • B/w बचत और उनके लिए जिन्हे जरूरत है |

  • ऋण राशिको बढ़ाना

  • ऋण पर उच्च ब्याज दर

  • Diff. = बैंकके लिए अर्थ प्राप्ति

Bank hold 15% of total deposit as cash, B/W surplus and those who need, extend loans, higher inteerst rate on loan, Diff.= Income of bank

Image of Depositor vs. Borrower for Economics

Bank hold 15% of total deposit as cash, B/W surplus and those who need, extend loans, higher inteerst rate on loan, Diff.= Income of bank

जमा धन (ऋण) परिस्थिति

  • ऋणदाता उधारकर्ताको भविष्यमे भुगतानके वादे की पूर्ति करता है|

  • उद्योग, आवास, फसल उत्पादन के लिए

  • आगे जाकर उधारकर्ता जमा धनमें जोर दे सकता है (फसलकी निष्फलता)

जमा धनकी शर्ते

  • ब्याज + मूलधन = दुबारा भुगतान

  • सहायक: वह ऋण जो उधारकर्ता का मालिक होता है और ऋणदाता द्वारा चुकाए जाने तक ऋणदाता जमानतके रूप में इसका उपयोग करता है|

  • ब्याज दर + सहायक + दस्तावेज़ीकरण + दुबारा भुगतान करने का तरीका = जमाधनकी शर्ते

औपचारिक क्षेत्रका जमा धन

  • औपचारिक क्षेत्र ऋण – बैंक और सहकारी – 90% समृद्ध घर

  • अनौपचारिक क्षेत्र ऋण - साहूकारों, व्यापारियों, नियोक्ताओं, रिश्तेदार और दोस्तों – देखरेख नहीं और किसीभी कीमतका चार्ज लग सकता है (आमतौर पर उच्च) – 85% गरीब परिवार

  • औपचारिक – RBI द्वारा देखरेख – पता चलता है

    • पेसोको बैंक द्वारा संभाला जा सकता है|

    • ऋण सिर्फ व्यापारमे लाभ बनाने के नहीं लेकिन कई काम में आता है।

  • उच्च उधार मूल्य लेनेका तात्पर्य है कि ज्यादातर पैसे ऋण चुकाने में जाते हैं|

  • सस्ते और किफायती जमाधन की आवश्यकता है|

  • 50% औपचारिक क्षेत्र द्वारा ग्रामीण ऋण की जरूरत है|

स्व-सहायता समूह

  • समूहों में मिलकर ग्रामीण गरीबों को ठीक करना और धन इकट्ठा करना|

  • सदस्य समूह से ऋण लेते हैं|

  • समूह व्याज का चार्ज करते है|

  • यदि समूह नियमित बचत करते है– बेंक से ऋण ले सकते है|

  • ऋण समूहके नाम पर दिया जाता है – स्व-रोजगार के अवसर

  • सहायक की समस्याको खत्म करना चाहिए|

  • ग्रामीण बैंक (बांग्लादेश) – 1970 के दशक –40,000 गांवों में 6 मिलियन उधारकर्ता थे|

मामूली स्थायी सुविधा – तीव्र कमी में (आपातकालीन स्थिति) – MSF Rate > Repo Rate

पैसे देता है|

रेपो रेट – कम समय

बैंक का दर – ज्यादा समय

Image of Minor sustainable facility - In acute shortage

Image of Minor Sustainable Facility - in Acute Shortage

Image of Minor sustainable facility - In acute shortage

Cash Reserve Ratio (CRR) – RBI के साथ बैंक रोकड़ रकम अपने पास जमा रखती है|

अगर CRR ज्यादा है – बैंक कम खर्च उपयोग कर सकती है।

Image of Cash Reserve Ratio (CRR)

Image of Cash Reserve Ratio (CRR)

Image of Cash Reserve Ratio (CRR)

Image of Repo Rates And Deposit Rates For Economics

Image of Repo Rates and Deposit Rates for Economics

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