एनसीईआरटी कक्षा 10 अर्थशास्त्र अध्याय 4: वैश्वीकरण और भारतीय अर्थव्यवस्था यूट्यूब व्याख्यान हैंडआउट्स

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एनसीईआरटी कक्षा 10-अर्थशास्त्र अध्याय 4: वैश्वीकरण और भारतीय अर्थव्यवस्था

अध्याय 4: वैश्वीकरण और भारतीय अर्थव्यवस्था

MNCs

  • एक से अधिक देशों में उत्पादन की मालिकी या नियंत्रण करता है (सस्ता श्रम और संसाधन, कम मूल्य, अधिक लाभ)

  • वैश्विक रूप से बेच नहीं सकते बल्कि वैश्विक स्तर पर उत्पादन कर सकते है (मुश्किल तरीका)

  • सस्ता उत्पादन – चाइना

  • बाजार के लिए निकटता – मेक्सिको और पूर्वी यूरोप

  • कुशल इंजीनियर्स – भारत

  • अंग्रेजी बोलने वाले – ग्राहक सेवा

  • अनुकूल सरकारकी नीतिया

  • MNC की 50-60% कीमत बचाना|

परस्पर जुड़ा हुआ उत्पादन

  • निवेश – जमीन, यंत्र और इमारत खरीदने के लिए पैसा

  • विदेशी निवेश – MNC द्वारा बनाया गया – लाभ कमाने के लिए

  • MNC उत्पादन के लिए नवीनतम तकनीक लाता है|

  • MNC निवेश के लिए धन प्रदान करता है (विशाल धन)

  • कारगिल खाद्य पदार्थों ने भारतीय पराख खाद्य पदार्थ खरीदे – अब कारगिल (भारत में सबसे बड़ा खाद्य तेल प्रतिदिन 5 मिलियन पाउचका उत्पादक है)

  • MNC ने छोटे उत्पादकोकि जगह लेली है – कपडे, जूते, – मूल्य, गुणवत्ता, वितरण, और श्रम की स्थिति निर्धारित करता है|

  • फैले हुए उत्पादन स्थानों के साथ जुड़े हुए हैं|

विदेशी व्यापार

  • उत्पादककि पहुँच घरेलू बाज़ारसे ऊपर है।

  • खरीदारों घरेलू रूप से उत्पादित किए जाने से परे माल की पसंद का विस्तार करते हैं|

  • चाइना के खिलोने भारतमे – भारतीय बाजारकी जगह सस्ता, स्पर्धात्मक

  • माल के लिए विकल्प उठता है – कीमत स्थिर होती है|

  • यह बाजार को जोड़ता है और एक करता है।

वैश्वीकरण

  • फोर्ड – भारतके लिए विनिर्माण और निर्यात

  • ज्यादा व्यापार + ज्यादा निवेश + ज्यादा एकीकरण या सम्पर्क

  • क्या परिवर्तित होता है? सामान, सेवाएं, निवेश और प्रौद्योगिकी

  • लोग क्यों स्थान परिवर्तन करते है? नौकरी, शिक्षा और अर्थप्राप्ति के लिए

वैश्वीकरण

  • दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं पर निर्भरता

  • वैश्वीकरण + संयोजकता और डिजिटलीकरण = नवीनता और मूल्य निर्माण

  • पूर्व – व्यापार (कच्चे माल का निर्यात और तैयार उत्पाद का आयात)

प्रौद्योगिकी – सक्रिय वैश्वीकरण

  • परिवहन के पात्र

  • माल और सेवाओं की गति

  • ICT – दूरसंचार, कंप्यूटर, इंटरनेट (ई-मेल या आवाज़से बाते – बहुत कम मूल्य), उपग्रहके उपकरण

  • भुगतान के बटुए और ई-बैंकिंग (आगामी)

उदारीकरण

  • चीन से खिलौनों के आयात पर कितना कर लगता है?

  • व्यापार-रोध – आयात पर कर – सरकारके लिए उपयोग विदेशी व्यापार

  • कोटा – आयातित वस्तुओं की संख्या सीमित करना

  • स्थानीय कारीगरों की रक्षा के लिए 1950-60 तक भारत के व्यापार प्रतिबंध थे|

  • केवल आवश्यक वस्तु आयात की अनुमति थी (उर्वरक, पेट्रोलियम)

  • 1991- नीति परिवर्तन - LPG - प्रदर्शन में सुधार के लिए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा

  • विदेशी व्यापार पर कोई प्रतिबंध नहीं – आसान आयात और निर्यात – बाधाओको हटा दिया - उदारीकरण

WTO

  • मुक्त व्यापार और उदारीकरण व्यापार – WTO

  • 1 जनवरीको 1955 बनाया गया|

  • मुख्यालय – जिनीवा, स्विट्जरलैंड

  • सदस्य – 164 राज्य

  • मार्राकेशके समझौतेके तहत –GATT को बदल दिया( General Agreement on Tariffs & Trade)

  • दोनों कतार पर केंद्रित – देशोंके विकास के लिए

  • विकसित राष्ट्र – व्यापारमें रुकावटोंको गलत तरीके से बनाए रखा|

  • व्यापार बाधाओं को दूर करने केविकासशील राष्ट्रोंने मजबूर किया (अमेरिकी किसानों ने सरकार द्वारा भारी रकम का भुगतान किया – सस्ते उत्पादनमें ले आना और अनुचित है)

भारत पर प्रभाव

  • ग्राहकों – बढ़िया विकल्प, बेहतर गुणवत्ता और कम कीमत

  • MNC के निवेशका विकल्प बढ़ गया – मोबाइल फोन, मोटर-संबंधी, इलेक्ट्रानिक्स

  • नई नौकरियों का सर्जन

  • SEZs – निवेशकों को आकर्षित करने के लिए विश्व स्तरीय सुविधाओं के साथ

  • श्रमके कानूनमें लचीलापन – कम समयके लिए किराया जब काम का दबाव हो|

  • नई तकनीक में निवेश और उच्च उत्पादन मापदंड

  • भारतीय कम्पनिया जैसे MNCs - टाटा मोटर्स (ऑटोमोबाइल), इनफ़ोसिस (IT), रैनबैक्सी (दवाई), एसियन पैईन्टस (पैईन्टस), सुंदरम फास्टनर्स (नट और बोल्ट)

  • सेवाओंका समुदाय जैसे आँकड़े की प्रविष्टि, लेखांकन, प्रशासनिक कार्य, डिज़ाइन बनाना|

भारत पर नकारात्मक प्रभाव

  • नोकरिकी कम सुरक्षा

  • नियुक्त किये हुए मजदूरोका लचीलापन

  • लम्बे धंटे तक काम और रात की पाली

उद्देश्य क्या है?

  • उचित वैश्वीकरण – सभी के लिए समान मौके होने चाहिए|

  • श्रमके लिए बनाए हुए कानूनों का उचित अमल||