दिवालियापन संहिता (Bankruptcy code – Economy)

Download PDF of This Page (Size: 159K)

• टी. के विश्वनाथन की अध्यक्षता में वित्त मंत्रालय दव्ारा एक दिवालियापन कानून सुधार समिति बनायी गयी है। हाल ही में इसने Insolvency (दिवाला) and (और) Bankruptcy (दिवालियापन) code (संकेत-लिपि) (IBC) नामक ड्राफ्ट (मसौदा) बिल के साथ अपनी एक रिपोर्ट (विवरण) प्रस्तुत की।

• इस कोड (संकेत-लिपि) का उद्देश्य दिवालियेपन से संबंधित मामलों के समाधान में देरी को कम करने और उधार दी गयी राशि की वसुली में सुधार से है। इसके दव्ारा अर्थव्यवस्था में पूंजी के प्रवाह को सुविधाजनक बनाने के उपाय किये गए हैं।

कानून की मुख्य विशेषताएँ

1. अधिक से अधिक कानूनी स्पष्टता के लिए एक एकीकृत कोड।

2. दिवाला या दिवालियापन के मामलों को हल करने के लिए 180 दिन का नियम समय जिसे एक बार और 90 दिनों के लिए बढ़ाया जा सकता है।

3. एक नये नियामत की आईबीबीआई (the Insolvency and Bankruptcy Board of india) (यह दिवाला और दिवालियापन समिति का भारत) की संस्थापना। यह पेशवरों/ दिवालियेपन तथा सूचना के उपयोग के साथ निपटने वाली एजेंसियों (शाखा) को विनियमित करने का कार्य करेगा।

4. बिल में सूचना उपयोगिता और दिवालिया व्यक्ति डेटाबेस (परिकलक में संचित विपुल सूचना-सामग्री) का प्रस्ताव है।

5. राष्ट्रीय कंपनी (साहचर्य) कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) में एक विशेष खंडपीठ की स्थापना जो कंपनियों, सीमित देयता संस्थाओं के ऊपर दिवालियापन मामलों पर निर्णय करेगी।

6. एनसीएलटी के आदेश पर अपील राष्ट्रीय कंपनी (साहचर्य) कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (”एनसीएलटी”) में की जाएगी। ऋण वसूली न्यायाधिकरण (”डीआरटी”), व्यक्तियों और असीमित देयता भागीदारी फर्मों (खेत) पर अधिकार क्षेत्र के साथ निर्णायक प्राधिकरण होगा।

7. यह संहिता कॉर्पोरेट (संयुक्त संस्था) ऋणी को ऋण में एक बार डिफ़ॉल्ट (अपराध) हो जाने पर खुद दीवालिया संकल्प की प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति देता है।

8. लेनदारों के विभिन्न वर्गो दव्ारा दावों को प्राथमिकता दी गयी है।

Get unlimited access to the best preparation resource for NTSE/Stage-II-National-Level - get questions, notes, tests, video lectures and more- for all subjects of NTSE/Stage-II-National-Level.

Developed by: