स्वर्ण मौद्रीकरण योजना और सॉवरेन स्वर्ण बॉन्ड योजना (Gold Financial Planning and Riding Gold Bond Scheme)

Download PDF of This Page (Size: 172K)

• केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दो नई स्वर्ग योजनाओं को मंजूरी दी है। सरकार इसके माध्यम से दो उद्देश्यों को पूरा करना चाहती है-लोगों के पास एकत्रित सोने का मुद्रीकरण करना और देश में सोने के आयात को कम करना।

• यह सोने को वित्तीय प्रणाली का एक अभिन्न हिस्सा बनाने और अपने आप में एक प्रतिस्थापनीय संपत्ति वर्ग बनाने की दिशा में एक कदम है।

योजना के प्रावधान

स्वर्ण मौद्रीकरण योजना

सॉबेरेन स्वर्ग बॉन्ड (अनुबंध) योजना

1. जमा अत्पावधि (1-3 वर्ष, मध्यम अवधि (5-7 वर्ष) और लंबी अवधि (12-15 वर्ष) के लिए हो सकता है।

सोने की कीमत में उत्पन्न जोखिम को कम करने के लिए सरकार एक स्वर्ग आरक्षित कोष बनाएगी।

2. अल्प अवधि के जमा पर ब्याज दर बैंको दव्ारा निर्धारित की जाएगी और जमा पैसा सोने में नामित किया जाएगा, जबकि मध्यम और लंबी अवधि के जमा पर ब्याज दर समय-समय पर भारतीय रिजर्व (सुरक्षित रखना) बैंक (अधिकोष) अधिकोषके परामर्श से सरकार दव्ारा निधार्रित की जाएगी और जमा पैसा रुपए में देय होगा।

ये बॉन्ड वित्त मंत्रालय की ओर से भारतीय रिजर्व बैंक के पक्ष में जारी किए जाएगे।

3. इस पर सामान्य कराधान कानून लागू होगा। ग्राहक को पहचान साबित करने के लिए उपयुक्त दस्तावेज देने होंगे ताकि यह योजना काले धन को सफेद बनाने का तरीका न बन जाए।

इस तरह के बॉन्ड (अनुबंध) के लिए वार्षिक सीमा प्रति व्यक्ति 500 ग्राम है और ब्याज दर भी संशोधन के अधीन होगी।

4. इस योजना से मिलने वाला ब्याज कर मुक्त होगा। ग्राहक अल्प अवधिक के लिए जमा सोने को ब्याज के साथ नकदी में या सोने में भूना सकते हैं। हालांकि मध्यम और लंबी अवधि के जमा के लिए केवल नकद पैसा ही दिया जाएगा जो सोने के बाजार मूल्य पर आधारित होगा।

बॉन्ड पांच से सात वर्ष की न्यूनतम अवधि के साथ 5 ग्राम, 10 ग्राम, 50 ग्राम और 100 ग्राम के मूल्यवर्ग में जारी किये जाएगें।

5. मध्यम और लंबी अवधि के जमा वाले सोने को भारतीय रिजर्व बैंक के स्वर्ण भंडार के लिए, नीलामी के लिए, सिक्के बनाने में और आभूषण निर्माताओं को आधार देने में इस्तेमाल किया जाएगा।

क्योंकि यह बॉन्ड सरकारी उधार का एक हिस्सा हैं, इनके चालू वित्त वर्ष में ही राजकोषीय घाटे के लक्ष्य के भीतर होने की आवश्यकता होगी।

लाभ

• भारत के आयात पर कच्चे तेल और सोने का प्रभुत्व है। यह योजनायें न केवल देश के व्यापार संतुलन को ठीक करेंगी बल्कि सोने को एक उत्पादक संपत्ति में भी परिवर्तित कर देंगी।

• स्वर्ण मौद्रीकरण योजना से सोने के पुनर्चक्रण में वृद्धि होगी और इसके व्यापार में पारदर्शिता आएगी। इसमें सोने के जमा को आर्थिक निवेश में बदलने की क्षमता है इसलिए इससे समष्टि अर्थव्यस्था और लाखों लोगों को लाभ होगा।

• सोने के बॉन्ड पर मिलने वाले ब्याज को कर मुक्त करना, पूंजीगत लाभ कर से छूट देना, ऋण के लिए जमानत के रूप में सोने के बॉन्ड को अनुमति देने से स्वर्ण बॉन्ड एक अपेक्षाकृत आकर्षक विकल्प बन जाएगा।

• सॉवरेन स्वर्ण बॉन्ड योजना जमाकर्ताओं को कमोडिटी एक्सचेजों में बांड बेचने या खरीदने की अनुमति देगा। साथ ही इन बॉन्ड को सोने की तरह ऋण लेने के लिए जमानत के रूप में उपयोग किया जा सकेगा।

Doorsteptutor material for competitive exams is prepared by worlds top subject experts- get questions, notes, tests, video lectures and more- for all subjects of your exam.

Developed by: