थोक औषधि (बल्क ड्रग्स) नीति मसौदा (Bulk Drug Policy Draft – Ecology)

Glide to success with Doorsteptutor material for CTET-Hindi/Paper-1 : get questions, notes, tests, video lectures and more- for all subjects of CTET-Hindi/Paper-1.

• कटोच समिति की सिफारिशों के आधार पर औषधि विभाग ने थोक औषधि नीति का मसौदा जारी किया।

• थोक दवा निर्माताओं को उम्मीद है कि यह नीति भारत के सक्रिय दवा सामग्रियों के बाजार को पुनजीर्वित करेगी और नई विनिर्माण सुविधाएं स्थापित करने और मौजूदा सुविधाओं के संवर्धन के लिए 30000 - 40000 करोड़ रुपए मूल्य के नए निवेश को गति प्रदान करेगी।

थोक औषधि क्या हैं?

• थोक औषधि या सक्रिय दवा सामग्री मूल रूप से किसी औषधि में प्रयोग होने वाला सक्रिय कच्चा माल होता है जो औषधि को चिकित्सीय प्रभाव देता है।

• थोक औषधि की दवा उद्योग दव्ारा कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

पॉलिसी (कूट-नीति) की मुख्य विशेषताएं

• वर्ष 2030 तक भारतीय फार्मा क्षेत्र को 200 अरब डॉलर (अमेरिका व अन्य राज्यों की मुद्रा) का बनाना।

• इसे सक्रिय दवा सामग्री की विनिर्माण क्षमताओं को विकसित कर प्राप्त किया जाएगा।

• सक्रिय दवा सामग्री के लिए पृथक स्पेशल (विशेष) पर्पज (उद्देश्य) व्हीकल (वाहन) दव्ारा प्रबंधित मेगा पार्क।

• निर्माताओं के लिए सुलभ ऋण।

• अनुसंधान एवं विकास में निवेश।

• कर लाभ और आयात शुल्क में छूट।

• अन्य मंत्रालयों के साथ संपर्क के लिए अलग संस्थागत तंत्र (जैसे-पर्यावरण मंजूरी, विद्युत आपूर्ति आदि) ।

Developed by: