अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize in Economics – Economics) for RBI Assistant Exam

Doorsteptutor material for CTET-Hindi/Paper-2 is prepared by world's top subject experts: get questions, notes, tests, video lectures and more- for all subjects of CTET-Hindi/Paper-2.

• नोबेल पुरस्कार समिति ने अर्थशास्त्र में वर्ष 2015 का नोबेल पुरस्कार प्रिंसटन यूनिवर्सिटी (विश्वविद्यालय) के एंगस डीटन को “उपभोग, निर्धनता और कल्याण” के विषय पर किए गए उनके विश्लेषण के लिए प्रदान किया है।

• एंगस डीटन का जन्म वर्ष 1945 में स्कॉटलैंड के एडिनबर्ग में हुआ था। उन्हें अमेरिका और ब्रिटेन दोनों की नागरिकता प्राप्त है।

उनके कार्य के संबंध में

उनका कार्य आय के आंकड़ों के स्थान पर घरेलू खपत सर्वेक्षणों पर निर्भर रहा है। व्यक्तिगत उपभोग निर्णयों और संपूर्ण अर्थव्यवस्था हेतु परिणामों के बीच संबंधों पर जोर देकर, उनके कार्य ने आधुनिक व्यष्टि अर्थशास्त्र, समाष्टि अर्थशास्त्र और विकास अर्थशास्त्र का रूपांतरण करने में सहायता की है। अपने कार्य में, उन्होंने तीन प्रश्नों का उत्तर देने का प्रयास किया है:

• उपभोक्ता विभिन्न वस्तुओं पर अपने व्ययों को किस प्रकार वितरित करते हैं?

• समाज की कितनी आय को व्यय किया जाता है और कितनी आय की बचत की जाती है?

• हम कल्याण और निर्धनता का मापन सबसे अच्छे ढंग से किस प्रकार करते हैं?

आंकड़ों का महत्व

एंगस डीटन ने बड़े सर्वेक्षणों में एकत्रित किए गए आंकड़ों की गुणवत्ता पर प्रश्न उठाए और सर्वेक्षणों में सुधार करने के तरीके सुझाए। उन्होंने इस बारे में भी गहनता से विचार किया-

1. इन आकंड़ों को किस प्रकार से प्रयोग किया जा सकता है या नहीं किया जा सकता।

2. मापन संबंधी दोषों को किस प्रकार कम किया जाए।

3. जिन आंकड़ों के मापन दोषों से ग्रस्त होने की संभावना है उनसे कोई व्यक्ति क्या निष्कर्ष निकाल सकता है या नहीं निकाल सकता।

भारत से संपर्क

भारत डीटन की प्रयोगशालाओं में से एक रहा है। उनके कार्य ने भारत में वंचित जनसंख्या का चित्रांकन करने की पद्धति को बहुत प्रभावित किया है। उदाहरण के लिए, उन्होंने यह इंगित किया कि किस प्रकार एनएसएस (नेशनल (राष्ट्रीय) सैंपल (नमूना) सर्वे) के 55वें (1999 - 2000) दौर में आंकड़ों के सग्रंहण के समय उपभोग व्यय पर ध्यान न दिए जाने की असंगतियों जैसे मापन संबंधी कमियाँ थीं। अशुद्ध रूप से एकत्रित आंकड़ों के कारण खपत को वास्तविकता से अधिक और निर्धनता को वास्वतविकता से कम तथा उनके विपरीत क्रम में अनुमानित किया गया। इसी प्रकार, मूल्य सूचकांको और निर्धनता के मापन पर उनके दव्ारा किया गया कार्य सुरेश तेंदुलकर समिति दव्ारा खींची गयी निर्धनता रेखा का केंद्र बिन्दु था।

अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार के विषय में

अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार की स्थापना 1968 में की गयी थी। अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में स्थापित यह पुरस्कार अर्थशास्त्र में आधिकारिक रूप से Sveriges Riksbank Prize प्राइज (इनाम) के नाम से जाना जाता है। नोबेल की वसीयत में निर्धारित पुरस्कारों के मूल समूह में अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार सम्मिलित नहीं था।

Developed by: