भारत में आर्द्रभूमि प्रबंधन (Wetland Management in India – Environment and Economy)

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प्रबंधन की रूपरेखा के बारे में

• अभी तक झीलों और आर्द्र भूमि के संरक्षण के लिए पर्यावरण और वन मंत्रालय दव्ारा केंद्र प्रायोजित दो भिन्न-भिन्न योजनाओं-राष्ट्रीय आर्द्र भूमि संरक्षण कार्यक्रम और राष्ट्रीय झील संरक्षण योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा था। अब इन दोनों का विलय एक नवीन योजना ‘राष्ट्रीय जलीय पारिस्थितिक-तंत्र संरक्षण योजना’ में कर दिया गया है।

• इस योजना के अंतर्गत, झीलों के संरक्षण के लिए केंद्रीय नीति निर्धारित करने के साथ-साथ, विभिन्न कार्यक्रमों का निरीक्षण किया जा रहा है तथा वेटलैंड्‌स (आर्द्रभूमि) की एक सूची भी तैयार की जा रही है।

• इस नीति के अंतर्गत झीलों का संरक्षण और प्रबधन राज्य सरकारों की जिम्मेदारी होगी जबकि उनसे संबंधित योजनाएं केंद्र सरकार दव्ारा अनुमोदित की जाएंगी।

आर्द्रभूमि वह क्षेत्र हैं जहां जल पर्यावरण और उससे जुड़ी विभिन्न प्रजातियों को नियंत्रित करने हेतु प्राथमिक कारक है। दूसरे शब्दों में “स्थलीय और जलीय पारिस्थितिकी प्रणालियों के बीच संक्रमणकालीन भूमि जहाँ जलस्तर आमतौर पर सतह पर या सतह के पास होता है या भूमि उथले जल से ढकी रहती है।”

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