उद्योग विकास और विनियम संशोधन विधेयक 2015 (Industry Development and Regulation Amendment Bill 2015 – Law)

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सुर्ख़ियों में क्यों?

• बजट सत्र के दौरान राज्यसभा के दव्ारा उद्योग (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2015 को पारित कर दिया गया। ध्यातव्य है कि लोकसभा के दव्ारा पहले ही दिसंबर 2015 में यह विधेयक पारित कर दिया गया था।

महत्वपूर्ण प्रावधान

• विधेयक के दव्ारा उद्योग (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1951 में संशोधन करने का प्रयास किया गया है।

• विधेयक के दव्ारा उद्योग (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1951 में धातु, दूरसंचार, परिवहन, किण्वन (जिसमें शराब का उत्पादन भी शामिल है) जैसे कुछ उद्योगों के विकास एवं विनियमन संबंधी प्रावधान निहित हैं।

• अधिनियम की अनुसूची-1 में अधिनियम के तहत विनियमित होने वाले सभी उद्योगों का विवरण है।

• विधेयक अधिनियम के दायरे से पीने के प्रयोजन के लिए एल्कोहल के उत्पादन को बाहर करने के लिए अनुसूची में संशोधन प्रस्तावित करता है।

• यह सभी मामलों में पीने योग्य एल्कोहल के उत्पादन वाले उद्योगों का नियंत्रण पूरी तरह से राज्यों को प्रदान करने का प्रावधान करता है।

• हालांकि, केंद्र सरकार औद्योगिक और पीने योग्य एल्कोहल सहित किण्वन उद्योगों के सभी उत्पादों के लिए विदेशी साझेदारी के सबंध में नीति तैयार करने और विनियमन के लिए अभी भी जिम्मेदार रहेगी।

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