सफ़ेद मक्खी की समस्या (White Fly Problem – Science and Technology)

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§ उत्तर भारत में सफ़ेद मक्खी संक्रमण से इस वर्ष बड़े पैमाने पर फसलों को नुकसान हुआ है।

§ उत्तर भारत में 250 से अधिक संकरित बीटी कपास हैं। इनमें से 90 प्रतिशत से अधिक सफ़ेद मक्खी और पर्ण कुंचन से शीघ्र प्रभावित होती है।

सफ़ेद मक्खी क्या हैं?

• सफ़ेद मक्खी एक छोटा सा (1 - 2 मिमी) सफेद रंग का कपास को प्रभावित करने वाला कीट है। इसके अलावा यह उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में सब्जियों और अन्य फसलों को भी प्रभावित करती है।

• सफ़ेद मक्खी जैविक पोषक तत्वों को ले जाने वाले फ्लोयम या जीवित ऊतकों से रस चूस लेती है जो पत्तियों के पीलेपन एवं संकुचन का कारण होती है।

नियंत्रण के उपाय

• सबसे अच्छा तरीका यह है कि स्वाभाविक रूप से सफ़ेद मक्खी को नियंत्रित करने वाली लाभप्रद कीड़ों को प्रभावित न करने वाली कृषि विधियाँ अपनायी जाएँ।

• इसलिए संशोधित पायरेथ्रोइड जैसे अन्य कीटनाशकों को उपयोग बड़ी मात्रा में नहीं करना चाहिए।

• उचित होगा कि प्रारंभ में पानी के छिड़काव के बाद साबुन का, नीम के तेल, अरंडी के तेल, मछली के तेल और राल का छिड़काव किया जाए।

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