किशोर न्याय अधिनियम 2015 के तहत ड्राफ्ट (रूपरेखा तैयार करना) मॉडल (आर्दश) नियम (Draft Model Rules under the Juvenile Justice Act, 2015 – Social Issues)

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• महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के तहत ड्राफ्ट मॉडल नियम जारी किये हैं।

• किशोंर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2015 को किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2000 की जगह पर जनवरी 2026 से लागू किया गया है।

महत्वपूर्ण प्रावधान

• ड्राफ्ट नियम में पुलिस, किशोर न्याय बोर्ड (परिषद) और किशोर न्यायालय के लिए बालकों के अनुकूल विस्तृत प्रक्रियाएं बताई गयी है।

• किशोर न्याय बोर्ड और किशोर न्यायालय को बच्चे के सर्वोत्तम हित तथा पुनर्वास और समाज में बड़े के पुन: एकीकरण के उद्देश्य के सिद्धांत का पालन करना चाहिए।

• ऐसे बच्चों के पुनर्वास के लिए प्रत्येक राज्य सरकार को राज्य में कम से कम एक “सुरक्षित स्थान” स्थापित करना आवश्यक है।

• नियमित निगरानी के माध्यम से इस तरह के बच्चों को व्यापक सेवाएँ प्रदान की जाएँगी।

• बच्चों की गोद लेने की प्रक्रिया को त्वरित और सुलभ बनाने के लिए, गोद लेने की प्रक्रिया को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया गया है।

• प्रस्ताव है कि हर पुलिस स्टेशन में बच्चों के अनुकूल अवसरंचना होगी और हर अदालत परिसर में बच्चों के लिए विशेष कमरे बनाये जायेंगे।

• किशोर अपराधियों को उचित चिकित्सा और कानूनी सहायता प्रदान की जाएगी और उनके माता-पिता और अभािभवकों को विधिवत सूचित किया जाएगा।

• इसमें किशोर अपराधियाेें की उम्र निर्धारण के लिए भी विस्तृत प्रक्रिया निर्धारित है। आवेदन जमा करने की तिथि से 30 दिनों के भीतर किशोर न्याय बोर्ड या किशोर न्याय समिति बच्चे की उम्र का निर्धारण करेगी।

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