देवदासी प्रथा (Devdasi Rituals – Social Issues)

Get unlimited access to the best preparation resource for CTET-Hindi/Paper-2 : get questions, notes, tests, video lectures and more- for all subjects of CTET-Hindi/Paper-2.

सुर्खियों में क्यों?

§ उच्चतम न्यायालय ने देवदासी मुद्दे पर सुनवाई अब आरंभ की, जब उसे अवगत कराया गया कि कैसे दलित लड़कियो को कर्नाटक के दावणगेरे जिले के उत्तंगी माला दुर्गा मंदिर में देवदासियों के रूप में समर्पित किया जा रहा है।

§ उच्चतम न्यायालय ने ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, विशेष रूप से कर्नाटक, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश को देवदासी प्रथा रोकने के लिए केंद्रीय कानून को लागू करने का निर्देश दिया है। इस “अवांछित और अस्वाथ्यकर” प्रथा में युवा लड़कियों को देवदासी बनने के लिए मजबूर किया जाता है।

देवदासी कौन होती हैं?

§ ‘देवदासी’ वे महिलाएं होती जो अपना जीवन मंदिर की सेवाओं के लिए समर्पित कर देती हैं, ये महिलाएं अक्सर यौन शोषण की श्कािर होती हैं।

देवदासी प्रथा को रोकने के लिए प्रासंगिक कानून

§ कर्नाटक देवदासी (समर्पण निषेध) अधिनियम 1982 और महाराष्ट्र देवदासी उन्मूलन अधिनियम 2006 जैसे राज्य स्तरीय कानूनों ने देवदासी प्रथा को पूर्ण रूप से समाप्त कर दिया था।

§ भारतीय दंड संहिता की धारा 372 वेश्यावृत्ति के प्रयोजनों के लिए नाबालिगों की खरीद फरोख्त पर प्रतिबंध लगाती है।

अनैकित व्यापार (निवारण) अधिनियम 1956 सार्वजनिक स्थानों के आसपास या सार्वजनिक स्थानों पर वेश्यावृत्ति को अपराध का दर्जा देता हैं।

Developed by: