विशेष आर्थिक क्षेत्र पुनरुद्धार योजना (Special Economic Zone PV Home Scheme-Economy)

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सुर्ख़ियों में क्यों?

च्ूांकि ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को समर्थन प्रदान करने के लिए और निर्यात को बढ़ाने के लिए विशेष आर्थिक क्षेत्र एक महत्वपूर्ण आधार हैं इसलिए विशेष आर्थिक क्षेत्रों की समस्याओं की समीक्षा करने और उसे हल करने के लिए सरकार ने एक उच्च स्तरीय टीम (दल) का गठन किया था।

विशेष आर्थिक क्षेत्र क्या होते हैं?

विशेष आर्थिक क्षेत्र वे भौगोलिक क्षेत्र होते हैं जिन्हें देश में गैर- विशेष आर्थिक क्षेत्रों की तुलना में कुछ विशेषाधिकार प्राप्त होते हैं। इनमें वस्तुओं और सेवाओ के निर्यात के लिए विश्व स्तरीय बुनियादी सुविधाये होती हैं और ये कर मुक्त परिक्षेत्र होते हैं।

विशेष आर्थिक क्षेत्र अधिनियम के मुख्य उद्देश्य हैं

• अतिरिक्त आर्थिक गतिविधियों का सृजन।

• वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात को प्रोत्साहन देना।

• घरेलू और विदेशी स्रोतों से निवेश को प्रोत्साहन देना।

• रोजगार के अवसरों का सृजन करना।

• बुनियादी सुविधाओं का विकास।

विशेष आर्थिक क्षेत्र क्यों विफल रहे?

• क्षेत्र के बाहर निर्यातकों को विदेश व्यापार नीति के तहत प्रोत्साहन की पेशकश।

• मुक्त व्यापार समझौतों से उत्पन्न हतोत्साहन।

• न्यूनतम वैकल्पिक कर और लाभांश वितरण कर।

• भूमि अधिग्रहण प्रमुख बाधाओं में से एक है।

• सेज में श्रम कानून का लचीला न होना

• वित्त मंत्रालय और वाणिज्य मंत्रालय के बीच मतभेद की वजह से नीतिगत अनिश्चितता।

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