परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) (Nuclear Supplier Group – Governance and Governance)

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परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) एक बहुराष्ट्रीय निकाय है। यह परमाणु हथियारों के विकास के लिए प्रयोग किये जा सकने वाले पदार्थों के निर्यात और पुन: हस्तांतरण को नियंत्रित करने के माध्यम से परमाणु प्रसार को नियंत्रित करने का कार्य करता है। इसके अतिरिक्त यह मौजूदा सामग्री पर निगरानी और सुरक्षा संबंधी मानकों को बेहतर बनाने की दिशा में भी प्रयास करता है।

• एनएसजी मई 1974 में भारतीय परमाणु परीक्षण की परिस्थितियों में स्थापित किया गया था तथा इसकी प्रथम बैठक नवंबर 1975 में हुई।

• वर्ष 2014 तक एनएसजी में 48 सदस्य थे।

• चीन के दव्ारा यह घोषणा की गयी कि जब तक भारत के दव्ारा परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर हस्ताक्षर नहीं कर दिए जाते वह परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में भारत की सदस्यता का विरोध करता रहेगा।

• बीजिंग एनएसजी में भारत की सदस्यता को पाकिस्तान की सदस्यता के साथ संबंद्ध करता है।

• अमेरिका के साथ असैन्य परमाणु करार के बाद भारत को परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर नहीं होने के बावजूद वर्ष 2008 में परमाणु आयात के लिए एनएसजी से छूट मिल गयी है।

• 48 सदस्यीय एनएसजी आम सहमति के सिद्धांत के आधार पर कार्य करता है न कि बहुमत के आधार पर अत: भारत सभी देशों को सहमत करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। भारत के दव्ारा की जा रही यह कोशिश संयुक्त राष्ट्र महासभा को संयुक्त राष्ट्र में किये जाने वाले सुधारों के संबंध में कदम उठाने हेतु सहमत करने के समान है।

• भारत, इजरायल, पाकिस्तान और दक्षिण सूडान, इन चार देशों ने अभी तक एनपीटी पर हस्ताक्षर नहीं किये हैं।

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