विधि आयाग की 262वीं रिपोर्ट (विवरण) ‘द डेथ पेनल्टी’ (यह मरण दंड) (Law Commission՚S 262th Report ‘the Death Penalty’ – Act Arrangement of the Governance)

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विधि आयोग ने “मृत्युदंड” शीर्षक से अपनी 262वीं रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस रिपोर्ट में आयोग ने आतंकवाद संबंधी अपराधों तथा राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ने के मामलों को छोड़ कर अन्य सभी मामलों में मृत्युदंड के उन्मूलन की अनुशंसा की है।

विधि आयोग

• भारत का विधि आयोग एक गैर सांविधिक निकाय है जो समय-समय पर भारत सरकार दव्ारा गठित किया जाता है। आयोग मूल रूप से 1955 में गठित किया गया था और तब से हर तीन साल में पुनर्गठित किया जाता है। 20वें विधि आयोग का कार्यकाल 31 अगस्त, 2015 तक था।

• विभिन्न विधि आयोगों ने प्रगतिशील विकास और देश के कानून के संहिताकरण की दिशां में महत्वपूर्ण योगदान किया है। सभी विधि आयोगों ने कुल मिला कर अब तक 262 रिपोर्ट पेश की है।

• केंद्र सरकार ने अगले तीन वर्षों के लिए 21वें विधि आयोग के गठन की मंजूरी दे दी है, जो 1 सितंबर 2015 से 31 अगस्त 2018 तक प्रभावी होगी।

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