ग्लूकोज जल में चांदी को घोलने में शोधकर्ताओं को सफलता (Success of Researchers in Dissolving Silver in Glucose Water – Science and Technology)

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• आई. आई. टी मद्रास के शोधकर्ताओं ने ग्लूकोज वाले जल में चांदी को घोलने में सफलता प्राप्त की है। उनके शोध के अनुसार, चांदी को ग्लूकोज की उपस्थिति में 70 डिग्री सेल्सियस तक गर्म करके जल में धीरे-धीरे घोला जा सकता है। चांदी की थाली का 0.5 प्रतिशत जितना भार एक सप्ताह के भीतर ग्लूकोज जल में घुल सकता है।

• सोन की भांति, चांदी भी नोबल मेटल (धातु) है, इसलिए इसे निष्क्रिय (रासायनिक संक्षारण, विशेष रूप से दैनिक जीवन मेें प्रयोग किए जाने वाले रासायनिक अभिकर्मकों के प्रति प्रतिरोधी) माना जाता है।

• लेकिन, आई. आई. टी. मद्रास की टीम ने पाया कि चांदी के परमाणु सरल, दो चरणों वाली क्रियाविधि से मुक्त होने लगते हैं। सबसे पहले धातु की सतह पर सिल्वर (चांदी) आयन बनते हैं और ये बाद में शर्करा के साथ विशिष्ट धातु यौगिक का निर्माण करते हैं।

• यह टीम (दल) भोजन में धातुओं के प्रभाव और विषाक्त धातुओं के मिट्‌टी, पानी और उर्वरकों से हमारी खाद्य श्रृंखला में प्रवेश करने के तरीके पर अध्ययन कर रही है।

• इस अध्ययन से प्राप्त दूसरा या सहायक तथ्य यह है कि इस विधि का उपयोग नोबल धातुओं के लिए नवीन और हरित निष्कर्षण प्रक्रियाओं का विकास करने में किया जा सकता है। सामान्यत: साइनाइड जैसे विषैले रसायनों का उपयोग चांदी के निष्कर्षण के लिए किया जाता है।

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