बीण जोगी (हरियाणा) बोध गया-आध्यात्मिक राजधानी (Bin Jogi (Haryana) Bodhgaya Spiritual Capital – Culture)

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• जोगी हरियाणा के पारंपरिक लोक गायक हैं जो अपने लोकगीत और संस्कृति के कई पहलुओं को प्रतिबिंबित करते हैं।

• वे उत्कृष्ट गाथा गीतों, भक्ति गीतों, कहानियों, कविताओं और कुछ सांत्वना गीतों का भी गायन करते हैं।

• उनकी कला मरणासन्न के समीप है तथा इसके विलुप्त होने का भी खतरा है।

• वे बीण के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं, जिसे सपेरों के दव्ारा भी प्रयोग किया जाता है।

• कलाकार सामान्यत: संतो या योगियों के समान भगवा वस्त्र पहनते हैं।

बोध गया-आध्यात्मिक राजधानी (Bodhgaya – Spiritual Capital – Culture)

• भारत सरकार ने भारत तथा शेष विश्व के बौद्धों को साझी सभ्यता के सूत्र में बाँधने के उद्देश्य से बोधगया को एक आध्यात्मिक राजधानी के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है।

• बोधगया संपूर्ण विश्व में बौद्ध धर्म का पवित्रतम स्थल है।

• निरंजना नदी (वर्तमान में फल्गु नदी) के तट पर स्थित यह स्थल बुद्ध के समय में उरुवेला नाम से जाना जाता था।

• बोधगया का मुख्य बौद्ध मठ बोधिमंड-विहार (पाली में) के नाम से जाना जाता था। अब यह महाबोध मंदिर के नाम से जाना जाता है।

बोधगया

• यहीं पर एक वट वृक्ष, जिसे बोधि वृक्ष कहा जाता है, के नीचे गौतम ज्ञान प्राप्त करके बुद्ध (जिसे बोध हो चुका हो) कहलाये।

• यह मंदिर कई शताब्दियों, संस्कृतियों और धरोहरों का एक वास्तु शिल्पीय मेल है।

• इसकी वास्तुकला गुप्त युग का एक विशिष्ट प्रतीक है, एवं इसमें आगे की शताब्दियों के शिलालेख भी हैं जिनमें 7वीं से 10 वीं शताब्दियों के बीच श्रीलंका, चीन व म्यांमार से आने वाले यात्रियों का विवरण दिया गया है।

• बोधगया में लगभग सभी प्रमुख बौद्ध देशों के मठ हैं।