रानी गैडिंल्यू की स्वर्ण जयंती गोतिपुआ नृत्य (ओडिशा) (Golden Jubilee of Queen Gyidinlue Gotipua dance – Culture)

Get unlimited access to the best preparation resource for competitive exams : get questions, notes, tests, video lectures and more- for all subjects of your exam.

• 2015 में भारत सरकार ने रानी गैडिंल्यू की 100 वीं जयंती के उपलक्ष्य में 100 और 5 रुपए मूल्य के सिक्के जारी किए।

• रानी गैडिंल्यू मणिपुर से भारत की पहली महिला स्वतंत्रता सेनानी थीं।

• वह हेराका धार्मिक आंदोलन की एक राजनीतिक और आध्यात्मिक नेता थीं।

• हेराका आंदोलन सविनय अवज्ञा आंदोलन से प्रभावित था।

• सशस्र प्रतिरोध के माध्यम से, उन्होंने शीघ्र ही एक धार्मिक-स्वदेशी विद्रोह को एक क्रांतिकारी आंदोलन में रूपांतरित कर दिया।

• उनका राजनीतिक संघर्ष सत्याग्रह, अहिंसा, आत्मनिर्भरता के गांधीवादी सिद्धांतों पर आधारित था।

• उन्होंने मणिपुर क्षेत्र में गांधी जी के संदेश के प्रसार दव्ारा भारत के व्यापक स्वतंत्रता आंदोलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

• 1932 में 16 वर्ष की उम्र में उन्हें गिरफ्तार कर ब्रिटिश भारत सरकार दव्ारा आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

• रानी उपाधि: 1937 में पंडित जवाहर लाल नेहरू ने उनसे शिलांग जेल में मुलाकात की और उनकी रिहाई की बात को आगे बढ़ाने का वचन दिया। इस दौरान नेहरू ने उन्हें रानी की उपाधि दी और तदुपरांत रानी गैन्दिल्यू के नाम से उन्होंने स्थानीय लोकप्रियता हासिल की।

• 1947 में भारत की आजादी के बाद उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया और मृत्युपर्यंत वह लोगों के उत्थान के लिए कार्य करती रहीं।

गोतिपुआ नृत्य (ओडिशा) ( Gotipua dance – Culture)

• गोतिपुआ, भगवान जगन्नाथ की प्रशंसा में किये जाने वाले ओडिसी लोकनृत्य की एक पांरपरिक नृत्य शैली है।

• शाब्दिक रूप में गोतिपुआ का उड़िया में अर्थ होता है- ’एक लड़का’। लेकिन यह नृत्य समूहों में किया जाता है।

• नृत्य कला की इस शैली का उदभव 16वीं सदी के प्रारंभ में माना जाता है।

• जब महरी (मंदिरों में महिला नर्तकी) नृत्य का हृास होने लगा, तो पुरुष नर्तकों ने महिला नर्तकियों के जैसे ही वस्त्रों को धारण कर इस परंपरा को जारी रखा।

• गोतिपुआ में नर्तक खुद गाते हैं।

• लड़कों का इस कला को सीखने के लिए बहुत कम उम्र में ही नृत्य सीखना प्रारंभ करना होता है, और किशोरावस्था तक प्रशिक्षण प्राप्त करना होता है, तब उनके अंदर शारीरिक लैंगिक बदलाव स्पष्ट होने लगते हैं।