ऊर्जा (Energy) for Arunachal Pradesh PSC

Glide to success with Doorsteptutor material for competitive exams : get questions, notes, tests, video lectures and more- for all subjects of your exam.

कोल मित्र

सुर्ख़ियों में क्यों?

  • भारत सरकार ने सरकारी और निजी कंपनियों (संघों) के बीच कोयले के आदान-प्रदान को सुगम बनाने हेतु ’कोल मित्र’ वेब पोर्टल (दव्ार) का शुभारंभ किया है।

  • विद्युत उत्पादन स्टेशन (स्थान) को कोयला और गैस जैसे ईधन की अपर्याप्त आपूर्ति है। सीआईएल की आपूर्ति कुल आवश्यकता का केवल 65 प्रतिशत है, इसलिए अधिकांश मांग को आयात दव्ारा पूरा किया जाता है। इस प्रकार उत्पादन लागत बढ़ जाता है।

प्रमुख विशेषताएं

  • यह प्रत्येक कोयला आधारित स्टेशन के संचालन मानकों और वित्तीय स्थिति से संबंधित आकड़े प्रदर्शित करेगा।

  • केन्द्र/राज्यों के उत्पादक केन्द्रों दव्ारा वेब पोर्टल का इस्तेमाल किया जाएगा। इस पर विद्युत शुल्क के लिए निर्धारित मानकों एवं पिछले महीने विद्युत के परिवर्तनीय शुल्कों से जुड़ी सूचनाओं के साथ-साथ अतिरिक्त उत्पादन के लिए उपलब्ध मार्जिन को भी दर्शाया जाएगा, ताकि संबंधित उपक्रम कोयले के हस्तांतरण के लिए विद्युत केन्द्रों की पहचान कर सकें।

ऊर्जा गंगा परियोजना

  • अभी हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तररप्रदेश के वाराणसी में ऊर्जा गंगा नामक अत्यंत महत्वाकांक्षी गैस पाइपलाइन परियोजना की नींव रखी है।

  • इसका लक्ष्य देश के पूर्वी क्षेत्र के निवासियों को पाइप्ड (पहुंचाया) कुकिंग (खाना बनाना) गैस और वाहनों के लिए सीएनजी गैस उपलब्ध कराना है।

मुख्य विशेषताएं

  • इस परियोजना के तहत 2018 तक जगदीशपुर (उत्तर प्रदेश) और हल्दिया (पश्चिम बंगाल) को जोड़ने वाली एक 2,050 कि.मी. लंबी पाइपलाइन बिछाने की परिकल्पना की गई है। इसमें पांच राज्य होंगे: उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम, बंगाल और उड़ीसा।

  • इस परियोजना को जीएआईएल दव्ारा लागू किया जा रहा है।

  • सात पूर्वी भारतीय शहर अर्थात वाराणसी, जमशेदपुर, पटना, रांची, कोलकाता, भुवनेश्वर, कटक इस नेटवर्क (तंत्र) विकास के प्रमुख लाभार्थी होंगे।

नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता

  • पहली बार नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन, जल विद्युत उत्पादन से अधिक हुआ है।

  • केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार, नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की समग्र क्षमता बढ़ कर 42,849.38 मेगावाट हो गई है। 30 अप्रैल, 2016 के आंकड़ों के अनुसार, देश की 3 लाख मेगावाट से कुछ अधिक की स्थापित क्षमता में 42,783.42 मेगावाट की क्षमता जल विद्युत क्षेत्र की है। सौर और पवन ऊर्जा के क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा निवेश केन्द्र की मजबूत नीति और पिछले वर्षों में निजी क्षेत्र के आरंभिक निवेश से लाभ हुआ है।

भारत में विद्युत उत्पादन

  • तापीय-69.3 प्रतिशत जिसमें 60.8 प्रतिशत कोयला आधारित है।

  • जल-14.0 प्रतिशत

  • नाभिकीय-1.9 प्रतिशत

नवीकरणीय स्रोत-14.9 प्रतिशत