रेल क्षेत्र (All about Rail Zones) for Arunachal Pradesh PSC Part 2 for Arunachal Pradesh PSC

Get top class preparation for competitive exams right from your home: get questions, notes, tests, video lectures and more- for all subjects of your exam.

नीति का महत्व

  • यह कदम यात्रियों के लिए उनके व्यक्तिगत इलेक्ट्रॉनिक (विद्युतीय) उपकरण पर मनोरंजक गतिविधियां उपलब्ध कराएगा। इससे ग्राहकों की संतुष्टि बढ़ेगी।

  • यह कदम यात्री और माल ढुलाई के रूप में पारंपरिक राजस्व के स्रोत पर निर्भरता को कम करेगा।

  • यह कदम वायुयान और सड़क मार्ग जैसे परिवहन के क्षेत्रकों की तुलना में रेल प्रतिस्पर्धा को बढ़ा सकता है। प्रतिस्पर्धा बढ़ने से सड़कों से भीड़ को कम कर सकती है और सार्वजनिक परिवहन सस्ता हो सकता है।

रेल सुरक्षा

सुर्ख़ियों में क्यों?

  • रेल मंत्रालय उन क्षेत्रों की पहचान करने के लिए विश्व बैंक से परामर्श करने की योजना बना रहा है जहाँ बजट में घोषित विशेष रेल सुरक्षा निधि से निवेश की आवश्यकता है।

I`’BHkwfe

केन्द्रीय बजट 2017-18 में रेल सुरक्षा हेतु निम्नलिखित घोषणाएं की गई हैं:

  • यात्री सुरक्षा के लिए, 5 साल की अवधि में 1 लाख करोड़ रुपये के कॉर्पस (संग्रह) के साथ एक राष्ट्रीय रेल संरक्षा कोष निर्मित किया जाएगा। यह एक नॉन-लैप्सेबल फंड (निधि) होगा।

  • सरकार इस कोष से वित्त पोषित होने वाले विभिन्न सुरक्षा कार्यों को लागू करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश और समय-सीमा निर्धारित करेगी।

  • 2020 तक ब्रांड (छाप) गेज (नाप) लाइनों (रेखा) पर मानव रहित क्रॉसिंग (चौराहा) को समाप्त कर दिया जाएगा।

  • सुरक्षा तैयारियों और रख-रखाव के तरीकों में सुधार करने के लिए अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की सहायता ली जाएगी।

  • आईसीएफ (इंटीग्रल (अविभाज्य) कोच (रेल का डिब्बा) फैक्टरी (कारखाना)) डिजाइन (रूपरेखा) से आशय संपूर्ण भारत की ट्रेनों (रेलों) में देखी जाने वाली कोचों की पारपंरिक डिजाइन (रूपरेखा) से है।

  • एलएचबी (लिंक (संपर्क) -हॉफमैन-बुश) कोच, आईसीएफ कोच की तुलना में आकर्षक सज्जा, बेहतर सस्पेंशन (निलंबन), कम आवाज करने वाले तथा बेहतर यात्रा गुणवत्ता वाले होते हैं। इसके एसी कोच की खिड़कियां काफी बड़ी होती हैं तथा इन खिड़कियों में आईसीएफ एसी कोच की खिड़कियों के समान उच्च आभा नहीं होती।

  • किसी दुर्घटना या टक्कर की स्थिति में ये आईसीएफ कोच से अधिक सुरक्षित भी है। एलएचबी कोच आईसीएफ के कोच से ज्यादा लंबे हैं। एलएचबी और आईसीएफ कोच में सीट (आसन) विन्यास भी अलग-अलग है।

रेलवे इंडिया (भारत) डेवलपमेंट (विकास) फंड (निधि)

  • रेलवे 30,000 करोड़ की निधि की स्थापना कर रही है। राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टरों (माल-वाहक) के लिए पूरे देश में लाभकारी परियोजनाओं के कार्यान्वयन की यह इस प्रकार की पहली योजना है।

  • विश्व बैंक, राष्ट्रीय अवसंरचना निवेश निधि (एनआईआईएफ), पेंशन (पूर्वसेवार्थ वृत्ति) और बीमा निधि जैसे निवेशक तथा अन्य संस्थागत निवेशकों के भी आरआईडीएफ का हिस्सा बनने की संभावना है।

  • हालाँकि, आरआईडीएफ केवल उन रेल परियोजनाओं में निवेश करेगा। जिनमें रिटर्न्स (वापसी) की दर कम से कम 14 प्रतिशत से 16 प्रतिशत तक उच्च रही हो।

  • आरआईडीएफ फ्रेट (माल) संचलन की नयी लाइनों (रेखाओं) या स्टेशनों (स्थानों) के पुनर्विकास पर ध्यान देगा और गैर-लाभकरी परियोजनाओं में निवेश नहीं करेगा।

  • चूँकि फ्रेट लाइनें (रेखा) यात्री लाइनों से ज्यादा लाभकरी हैं, अत: आरआईडीएफ वस्तुओं के संचलन पर ध्यान केन्द्रित करेगा।

  • वर्तमान में, रेलवे ने कई नयी परियोजनांए आरंभ की हैं जो सामाजिक दृष्टिकोण से तो वांछनीय हैं किन्तु आर्थिक दृष्टि से अव्यवहार्य हैं।