आचार संहिता (Code of Ethics – Part 16)

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नीतिशास्त्र, सत्यनिष्ठा और अभिरुचि

1. सेक्स एवं नग्नता: समाचार चैनल यह सुनिश्चित करेंगे कि वे पुरुष अथवा महिला की नग्नता को मॉर्फिग (आकार) के बगैर किसी भी रूप में प्रदर्शित अथवा प्रसारित नहीं करेंगे। चैनल यौन क्रियाकलापों अथवा यौन विकार अथवा बलात्कार या छेड़छाड़ जैसे यौन हिंसा के ज्यों के त्यों चित्र आदि भी प्रदर्शित नहीं करेंगे और न ही नग्नता अथवा मोनोग्राफी (प्रबंध) अथवा यौन संकेत करने वाली भाषा के इस्तेमाल को प्रदर्शित एवं प्रसारित करेंगे। (हालांकि चैनलों से यह अपेक्षा कभी नहीं की जाती है कि वे नैतिकतावादी अथवा विनयपूर्ण आचरण वाले बने और इस आत्म नियंत्रण का उद्देश्य नैतिकता की ठेकेदारी करना नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बेहद आपत्तिजनक और खेदजनक सामग्री और दृश्य किसी भी प्रकार से प्रसारित नहीें होने पाएं।)

2. निजता: एक विषय के तौर पर चैनल किसी भी सूरत में किसी व्यक्ति के निजी जीवन अथवा व्यक्तिगत मामलों में दखल नहीं दे सकते, जब तक कि इस प्रकार के प्रसारण में व्यापक और स्पष्ट सार्वजनिक हित होने की बात साफ तौर पर पता नहीं लग जाती है। इस संबंध में जिस सिद्धांत का पालन समाचार चैनलों को करना होता है, जिसके मुताबिक किसी निजी स्थान, दस्तावेज, लिखित सामग्री, टेलीफोन पर हुई बातचीत और किसी अन्य प्रकार की सामग्री अपने हित के लिए इस्तेमाल नहीं की जा सकती। उसका इस्तेमाल तभी किया जा सकता है, जब वह जन हित में हो। हालांकि इस बात को अच्छी तरह से समझा जाता है कि पहले से अनुमति लेने के सिद्धांत का पालन करने पर सत्यतापरक समाचार दिखाना संभव नहीं होता, इसलिए घर तक जाने वाले व्यक्तियों अथवा अधिकारियों का इस्तेमाल सामचार संकलन के लिए किया जा सकता है, लेकिन उसमें भी व्यापक जन हित का पहलू शामिल होना चाहिए। इसके अलावा अवयस्कों यानी नाबालिगों के मामले में ऐसे किसी भी प्रसारण से पहले, जिसमें उनकी निजता का हनन होता हो, चैनलों को यथासंभव नाबालिगों के माता-पिता अथवा स्थानीय अभिभावक की अनुमति प्राप्त करनी चाहिए। लेकिन निजता की रक्षता के पहलू को प्रवेश की अनुमति नहीं दिए जाने का अधिकार नहीं समझ लेना चाहिए और यह बात सार्वजनिक नजर में रहने वाले व्यक्तियों और सार्वजनिक व्यक्तित्वों समेत सभी व्यक्तियों पर लागू होती है। ऊपर दिए गए प्रावधानों का पालन करते हुए यह बात उन सभी व्यक्तियों के नाबालिग बच्चों और संबंधियों पर भी लागू होती है।

3. राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा: ऐसी किसी भी शब्दावली और मानचित्रों, जिनमें भारत और भारत के सामरिक हितों का चित्रण किया गया हो, का इस्तेमाल करते समय सभी समाचार चैनल विधि और भारत सरकार के कानूनों के मुताबिक मंजूरी प्राप्त विशिष्ट शब्दावली और मानचित्रों का ही इस्तेमाल करेंगे। (भारत के क्षेत्र का मानचित्र दिखाते समय उसमें उन आधिकारिक दिशानिर्देशों का पालन किया जाएगा, जो सरकारी दस्तावेजों में दिए गए है।) समाचार चैनल इस प्रकार के किसी प्रसारण की भी अनुमति नहीं देगे। जिससे-अलगाववादी संगठन और उसके हितों को बढ़ावा मिलता हो अथवा ऐसी सूचना का खुलासा हो जाता हो, जिससे जन जीवन और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो जाए। लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा के उल्लघंन की घटनाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा में मौजूद खामियों का प्रसारण करना जन हित में है और इनके बारे में समाचार दिखाने की राष्ट्रीय सुरक्षा पर खनन आ जाना नहीं समझा जाना चाहिए।

4. अंधविश्वास और गोपनीय संप्रदायों को बढ़ावा देने या उनकी वकालत करने से बचा जाए: समाचार चैनल ऐसी किसी भी सामग्री का प्रसारण नहीं करेंगे, जिससे अंधविश्वास अथवा किसी गोपनीय संप्रदाय का किसी भी रूप में महिमामंडन किया जाता हो। इस प्रकार के किसी भी वर्ग के बारे में समाचार का प्रसारण करते समय समाचार चैनलों को सार्वजनिक सूचना (डिसक्लेमर) (अस्वीकरण) भी जारी करना होगा, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि दर्शक इस प्रकार के विश्वासों अथवा गतिविधियों में विश्वास नहीं करेंगे और उनकी नकल भी नहीं करेंगे। इसलिए समाचार चैनल किसी भी ’अलौकिक गतिविधि’, भूत और आत्मा, व्यक्तिगत अथवा सामाजिक प्रथा अथवा समाज से हटकर व्यवहार के बारे में मिथ्या धारणाओं को ’तथ्य’ के रूप में प्रसारित नहीं करेंगे और न ही उनका नाटकीय रूपातंरण करेंगे और जहां भी ऐसे मामलों का जिक्र किया जाएगा, वहां सामाचार चैनल (साधन) एयर (वायु) राइडर (संशोधन)/डिसक्लेमर (अस्वीकरण)/चेतावनी दिखाकर यह सुनिश्चित करेंगे कि इस प्रकार की आस्थाओं और घटनाओं को दर्शक ’तथ्य’ न समझ लें क्योंकि ये किसी व्यक्ति की तार्किक संवदेनाओं को चोट पहुंचा सकती है।

5. स्टिंग (चुभन) ऑपरेशन (शल्यक्रिया): निर्देशक सिद्धांत के तौर पर स्टिंग और छिपे हुए अभियान अथवा ऑपरेशन किसी समाचार कथा के बारे में दर्शकों को समग्र जानकारी देने के लिए किसी समाचार चैनल की ओर से अंतिम तरीका होने चाहिए। समाचार चैनल स्टिंग ऑपरेशन करने के लिए किसी भी सूरत में सेक्स (लिंग) और गंदे तरीकों का सहारा नहीं लगे और किसी भी स्टिंग ऑपरेशन की रिकॉर्डिंग (लिखित प्रमाण) के लिए उचित तरीके के रूप में नशीले पदार्थों और निश्चेतक पदार्थों अथवा हिंसा, भयभीत करने और भेदभाव के किसी भी कार्य को नहीं करेंगे। स्टिंग ऑपरेशन पहले बताए गए आत्म नियंत्रण के सिद्धांतों से भी बंधे रहेंगे और समाचार चैनल यह सुनिश्चित करेंगे कि ऊपर बताए गए दिशानिर्देशों के मुताबिक ही स्टिंग ऑपरेशन स्पष्ट और व्यापक जनहित में किए जाएंगे। समाचार चैनल एक बुनियादी नियम के तौर पर यह सुनिश्चित करेंगे कि स्टिंग ऑपरेशन का इस्तेमाल किसी प्रकार के अनुचित कार्य अथवा आपराधिक कृत्य के स्पष्ट प्रमाण पाने के लिए माध्यम के तौर पर ही किया जाएगा और मौलिक फुटेज (फिल्म का हिस्सा) में दिए गए दृश्यों में इस प्रकार से जानबूझकर कोई भी फेरबदल अथवा संपादन आदि नहीं किया जाएगा, जिससे इनमें बदलाव आ जाए अथवा सत्य गलत तरीके से सामने आए और सत्य का केवल एक हिस्सा ही प्रदर्शित हो सके।

6. संशोधन: सभी समाचार चैनल सटीकता और पक्षपात हीनता के सिद्धांतों के मुताबिक ही काम करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी प्रकार के प्रसारण में हुई महत्वपूर्ण गलती के बारे में जानकरी दी जाए और उसके तुरन्त ही प्रसारण के जरिये सही किया जाए। संशोधन इस प्रकार से प्रसारित किए जाने चाहिए कि वे दर्शकों का पर्याप्त ध्यान आकर्षित कर सकें और उन्हें छिपे हुए रूप में नहीं प्रसारित करना चाहिए। अन्य सिद्धांतों की ही तरह इस सिद्धांत को भी इसके संपूर्ण रूप में देखा जाना चाहिए। महज शब्दों में नही ताकि भारत में सामचार प्रसारण उद्योग की प्रतिष्ठा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं होने पाए।

7. दर्शकों की प्रतिक्रिया (फीडबैक): सभी समाचार चैनल अपनी वेबसाइट पर उपभोक्ताओं अथवा दर्शकों की प्रतिक्रिया यानी फीडबैक प्राप्त करने का प्रावधान भी करेंगे। इसके अलावा दर्शाने की विशेष प्रकार की किसी भी शिकायत का उत्तर भी दिया जाएगा। यदि किसी समाचार चैनल को कोई विशेष शिकायत मिलती है और वह सत्य भी पाई जाती है, तो वह अपने प्रसारण के दौरान अर्थात पर्दे पर ही उसे स्वीकार करेगा और दर्शक को संपूर्ण रूप से और निष्पक्ष तरीके से उसका जवाब भी देगा। यदि कोई दर्शक/निकाय किसी समाचार चैनल पर प्रसारित हुए किसी विशेष समाचार चैनल पर प्रसारित हुए किसी विशेष समाचार से परेशान होता है, तो चैनल दर्शक को संपूर्ण रूप से और बिना किसी पक्षपात के उस शिकायत का जवाब देगा।